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दिल्ली : झपटमारी की 180 वारदातों को अंजाम देने वाले दो झपटमार गिरफ्तार

दिल्ली की सड़कों पर झपटमारी की 180 वारदातें कर चुके दो बदमाशों को स्पेशल स्टाफ की टीम ने धर दबोचा। पश्चिमी दिल्ली जिला पुलिस ने गैंग के सरगना अजय उर्फ गैंडा को उसके साथी मोनू के साथ सोमवार की शाम शकूर बस्ती रेलवे अंडरपास के पास से पकड़ा। दोनों झपटी गई सोने की चेन बेचने के लिए वहां आए थे। 

मोनू दो दशक से झपटमारी व लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था और मार्च में ही जेल से छूटकर बाहर आया था। वहीं अजय 15 साल से अपनी गैंग के साथ सुबह सैर पर निकलने वाले बुजुर्गों को निशाना बना रहा था। अजय ने अपने भाई के जेल जाने के बाद गैंग की कमान संभाली थी। फिलहाल पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है। 

पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि पश्चिमी दिल्ली के कई इलाकों में झपटमारी की वारदातों के मामलों की जांच के क्रम में एसीपी ऑपरेशन उमाशंकर की टीम को अजय गैंग की जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस ने गैंग के कई सदस्यों की पहचान की और उनकी तलाशी शुरू की। इसी दौरान इंस्पेक्टर नरेन्द्र कुमार, एसआई संदीप, सुशील की टीम को कुख्यात झपटमार अजय उर्फ गैंडा के बारे में सूचना मिली। पुलिस टीम ने शकुरपुर बस्ती स्थित रेलवे अंडरपास के पास जाल बिछाया। 

60 मामले सुलझाने का दावा : पुलिस टीम ने देर रात अजय और उसके साथी मोनू को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने 60 मामले सुलझाने का दावा किया है, जबकि बाकी मामलों में आरोपियों की भूमिका जांची जा रही हैं। 

12 लोगों का गिरोह था

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गैंग के सरगना अजय उर्फ गैंडा ने कुख्यात झपटमार सुनील, अनिल, आशीष, मोनू सहित 12 लोगों को जोड़ा हुआ है। गैंग के सभी सदस्य बाइक से अलग-अलग इलाके में घूमते हैं और लोगों को निशाना बनाते हैं। आरोपी लोगों से मोबाइल, चेन, पर्स, कानों के कुंडल आदि झपटने के साथ ही लूट की वारदातों को अंजाम देते थे।

रोहिणी में था आतंक

आरोपी पश्चिमी दिल्ली, रोहिणी, बाहरी दिल्ली, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, द्वारका और गुरुग्राम में सबसे अधिक सक्रिय थे। आरोपियों ने बताया कि उनकी गैंग सुबह में पार्क व सड़कों पर सैर करने वाले लोगों को निशाना बनाती है। आरोपियों का ध्यान सोने की चेन झपटने पर अधिक होता था। अकेले अजय ने 85 वारदात अंजाम दी हैं।

पूरे परिवार पर केस

मंगोलपुरी निवासी अजय मंगोलपुरी थाने का घोषित अपराधी है। पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि कुख्यात अजय के परिवार के सभी सदस्यों पर केस दर्ज हैं। आरोपी अजय के परिवार में दो भाई, मां, चाची सभी पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अन्य रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

भाई ने गैंग शुरू की थी

अजय के भाई विक्रम ने यह गैंग शुरू की थी। विक्रम दिल्ली के सबसे बड़े झपटमारों में गिना जाता है। पुलिस ने उस पर मकोका लगाकर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विक्रम के जेल जाने के बाद ही अजय ने गैंग की कमान संभाली थी।

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  • Web Title:Two snatchers arrested they are involved more than 180 snatchings