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DSP बनकर करता था सरपंचों से वसूली, खुला पोल तो पहुंच गया जेल

पुलिस ने दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से अवैध वसूली करते थे। इनमें से एक खुद को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) बताता था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने की कार्रवाई।

DSP बनकर करता था सरपंचों से वसूली, खुला पोल तो पहुंच गया जेल
hathkari
Subodh Mishraलाइव हिन्दुस्तान,नूंहSun, 16 Jun 2024 11:38 AM
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पुलिस ने दो ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जो पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से अवैध वसूली करते थे। इनमें से एक खुद को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) बताता था। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि नूंह पुलिस ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को धोखा देने और उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर पैसे की मांग करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने संदिग्धों की पहचान खेरली गांव के मोहम्मद खालिद और उसके साथी नूंह के औथा गांव के आकिल खान के रूप में की है। पुलिस ने कब्जे से ऐसे कई मामले में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। 

नूंह के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया ने कहा कि साइबर अपराध शाखा ने एक सरपंच से शिकायत मिलने के बाद संदिग्धों को गिरफ्तार किया। संदिग्ध खुद को पुलिस उपाधीक्षक बताकर गांव के सरपंचों से पैसे वसूलते थे। गिरोह के सरगना मोहम्मद खालिद ने पीड़ितों को यह विश्वास दिलाने के लिए कि वह डीएसपी है, पूर्व डीएसपी शमशेर सिंह की तस्वीर अपने व्हाट्सएप पर अपलोड की थी।

बिजारनिया ने कहा कि संदिग्धों को शुक्रवार रात शहर से गिरफ्तार किया गया और शनिवार को अदालत में पेश किया गया। सरगना को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया, जबकि साथी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान खालिद ने खुलासा किया कि वह पिछले साल नूंह हिंसा में भी शामिल था और उसने नूंह के अदबर चौक पर लोगों पर पथराव किया था।

पुलिस ने कहा कि शुक्रवार को साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 420 और 419 के तहत मामला दर्ज किया और कुछ ही घंटों के भीतर संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया।