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क्राइम सीरियल देख रची थी 3 हत्याओं की साजिश, 8 दिन तक बनाई योजना

प्रीति ने बताया कि उसने मनोज के साथ मिलकर व्यापार शुरू किया था, जो घाटे में चला गया। घाटा पूरा करने के लिए दोनों ने टीवी पर आने वाले क्राइम सीरियल देखकर 8 दिन तक इस हत्याकांड की प्लानिंग की।

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वसंत विहार अपार्टमेंट में हुई बुजुर्ग दंपति और नौकरानी की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपियों प्रीति व मनोज ने पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी प्रीति ने पुलिस को बताया है कि उसने मनोज के साथ मिलकर व्यापार शुरू किया था, जो घाटे में चला गया। घाटा पूरा करने के लिए दोनों ने टीवी पर आने वाले क्राइम सीरियल को देखकर आठ दिन तक इस हत्याकांड की प्लानिंग की। इस दौरान उन्होंने वारदात वाली जगह की दो दिन रेकी की और बाद में घटना को अंजाम दे डाला।

आरोपियों ने 8 दिन की प्लानिंग : पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 15 जून से पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। जानकारी जुटाने के बाद प्रीति 17 जून को उनके घर पहुंची। जहां उसने दोनों बुजुर्गों से मुलाकात की। प्रीति ने 17 जून को बुजुर्ग दंपति का विश्वास जीतने के लिए उनकी बेटी से भी फोन पर बात की। बात होने के बाद वह पूरी रात बुजुर्गों के घर में ही रुकी और खुशबू से दोस्ती की। घर के बाहर की रेकी करने के लिए मनोज के साथ 21 जून को फिर पहुंची। लेकिन इस दिन वह बुजुर्गों के घर नहीं गई। 

बाइक के चलते फेल हो गई प्लानिंग : पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वारदात वाले दिन अपने फोन घर में ही छोड़ दिए थे। पुलिस ने जब दोनों को गिरफ्तार किया तो आरोपियों ने उन्हें हत्या व लूट से इंकार कर लिया। आरोपियों ने पुलिस से कहा कि कॉल डिटेल व लोकेशन देख लीजिए हम अपने घर पर ही थे। लेकिन वारदात में इस्तेमाल बाइक के चलते दोनों की प्लानिंग फेल हो गई। सीसीटीवी में तीनों दिन आरोपी बाइक पर थे, जो सीसीटीवी में कैद हो गई थी।

पहले खुद घर में गई थी प्रीति : मामले की जांच कर रहे एसीपी जसबीर, इंस्पेक्टर नीरज चौधरी, एसआई सुरेन्द्र शर्मा, मनोज यादव, सुरेन्द्र राणा की टीम को आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वारदात वाले दिन प्रीति व मनोज दोनों बाइक से मौके पर पहुंचे। रेकी के दौरान दोनों ने घर के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन देखी हुई थी। जिसके चलते दोनों ने बाइक से उतरते ही अपने चेहरे ढक लिए। प्रीति अकेले ही घर में चली गई। जबकि मनोज अपनी बाइक घर से कुछ दूरी तक खड़ी करने के लिए चला गया। प्रीति ने खुशबू से गेट खुलवाया जब प्रीति अंदर पहुंची तो उसने पाया कि शशि माथुर भी जागी हुई थी। प्रीति ने दोनों से बात शुरू की और चाय बनवाई। चाय पीने के दौरान उसने मनोज के बारे में बताया। शशि ने मनोज को घर बुलाने के लिए बोल दिया। 

कोल्ड़ ड्रिंक में शराब लेकर पहुंचा मनोज : प्रीति के बुलाने पर मनोज भी घर के अंदर दाखिल हो गया। मनोज अपने साथ एक कोल्ड़ ड्रिंक की बोतल लेकर आया था। आरोपी मनोज ने कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाई हुई थी। मनोज वहां पहुंचा तो उसने सबको कोल्ड़ ड्रिंक पीने के लिए दी। लेकिन शाशि माथुर ने कोल्ड ड्रिंक पीने से मना कर दिया।

घर के चाकू से ही की हत्या : मनोज जब खुशबू के साथ कोल्ड़ ड्रिंक पी रहा था तो प्रीति अपने लिए गिलास लेने के बहाने रसोई में गई। जहां उसने वहां रखे दो चाकूओं को उठाया और बाहर आ गई। प्रीति से चाकू लेकर मनोज ने खुशबू की हत्या की दी। दोनों ने प्रीति पर करीब 35 वार किए। बाद में दोनों बुजुर्गो के बेडरुम में गए और उनकी हत्या कर दी। 

आवाज न हो इसलिए चला दिया था टीवी : आरोपियों ने वारदात के दौरान खुशबू व बुजुर्ग शोर न मचा दे, इसलिए टीवी चला दिया था। शनिवार को क्रिकेट विश्वकप में भारत व अफगानिस्तान का मैच आया था। मनोज ने टीवी पर मैच लगाकर उसकी आवाज तेज कर दी। ताकि लोगों को यह लगे की घर में मौजूद लोग मैच देख रहे हैं और हत्याकांड व लूट के दौरान किसी की आवाज घर से बाहर न जाए। 

2.30 घंटे तक घर में रहे मौजूद : आरोपी करीब 2.30 घंटे तक पीड़ितों के घर में मौजूद रहे। दोनों ने करीब 1.20 तक सभी की हत्या कर दी। हत्या के बाद घर में रखी सभी अलमारी, संदूक और बिस्तर खंगाले। आरोपियों ने घर में मौजूद लाखों रुपये की ज्वैलरी और कैश बैग में डाला और फरार हो गए।

पुलिस ने दिए ये जवाब

वसंत विहार हत्याकांड को लेकर आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान' ने पुलिस से तीन सवाल पूछे। घटनाक्रम में जुड़े बदलावों को लेकर पूछे प्रश्नों के जवाब विशेष पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने दिए।

1. पहले दिन पुलिस ने लूट से मना किया था। अब लूट हुई तो बदमाश हत्या के बाद क्या क्या ले गए?

उत्तर - शुरुआती जांच के दौरान ऐसा लग रहा था कि लूट नहीं हुई है। लेकिन, पुलिस हर संभव एंगल की जांच कर रही थी। हमारी टीम को परिजनों के बयानों से मिली लीड के बाद हमने आरोपियों की पहचान की और तलाश कर उन्हें गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, उन्हें पैसों की जरूरत थी इसलिए उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। वे कैश और ज्वैलरी लूट ले गए थे। उनके पास से लाखों की ज्वैलरी और 86 हजार नकदी बरामद हुई है।

2. इरादा लूट का था तो, बदमाशों ने निर्मम तरीके से तीन हत्याएं क्यों कीं?

उत्तर- आरोपियों ने पहले घर की रेकी की थी। रेकी के बाद वारदात वाले दिन दोनों आरोपी जब घर पहुंचे थे तो बुजुर्ग महिला जागी हुई थी। आरोपियों ने नर्सिंग अटेंडेंट खुशबू की हत्या के बाद उन दोनों की हत्या भी इसलिए की जिससे कोई उन्हें पहचान न सके।

3. मृतकों के मोबाइल की कॉल डिटेल और खुशबू के दोस्त की क्या भूमिका रही?

उत्तर- गायब हुए मोबाइल अभी जब्त नहीं हुए हैं। खुशबू के दोस्त से स्थानीय पुलिस पूछताछ कर रही थी क्योंकि वह मामले में संदिग्ध था। बड़ा मामला था इसलिए हर संदिग्ध और गायब हुए मोबाइल की कॉल डिटेल जांचनी होती है।

पुलिस की 15 टीम, 72 घंटे और सनसनीखेज खुलासा

23 जून को वसंत विहार इलाके में स्थित वसंत अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 234 में दो बुजुर्गों सहित तीन लोगों की हत्या मामले को पुलिस ने कड़ी मेहनत के बाद आखिरकार सुलझा ही लिया। अपराध शाखा की टीम ने 72 घंटे में सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल की कॉल डिटेल और परिजनों के बयान से मिले सबूतों के बाद दो आरोपियों को दबोच लिया।

पहला दिन : 23 जून को सुबह 8:30 बजे पुलिस को हत्या की सूचना मिली। वसंत विहार थाना पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। स्थानीय पुलिस के साथ अपराध शाखा, स्पेशल स्टाफ, एएटीएस, साइबर सेल आदि की 15 टीमों को जांच में लगाया गया। पहले ही दिन नर्सिंग अटेंडेंट खुशबू के दोस्त को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में लिया। दो किलोमीटर के दायरे में लगे 300 सीसीटीवी की फुटेज जब्त की गई।

दूसरा दिन : जांच के बाद पुलिस ने लक्ष्मी नगर से एक युवक को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ के बाद तीन अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया। खुशबू के दोस्त से लगातार 15 घंटे तक पूछताछ की गई। अपराध शाखा की टीम ने परिजनों के बयान लिए। बुजुर्ग दंपति की बेटी के बयान में प्रीती का जिक्र आया। पुलिस को यहीं से प्रीति पर शक हुआ। सीसीटीवी फुटेज में 17 और 21 तारीख में संदिग्ध बाइक व प्रीती दिखाई दी।

तीसरा दिन : अपराध शाखा की 17 पुलिसकर्मियों की टीम ने 40 मोबाइल की सीडीआर, 30 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के बाद प्रीति और मनोज के खिलाफ सबूत जमा कर लिए। दोनों के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया गया। पुलिस ने दोनों की तलाश में गुरुग्राम के करीब 20 होटल में छापामारे की। छापेमारी के दौरान एक होटल से पुलिस ने प्रीति और मनोज भट्ट को गिरफ्तार कर लिया।

दोस्तों को सुपारी देकर मनोज ने कराई थी पत्नी की हत्या

पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी मनोज ने नौ साल पहले दोस्तों को सुपारी देकर अपनी पत्नी की हत्या भी कराई थी। दसवीं तक पढ़ाई करने वाला मनोज शातिर दिमाग वाला है। उसने वर्ष 2010 में अपनी पत्नी की हत्या की साजिश भी ऐसे ही रची थी।

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि मनोज अपने परिवार के साथ लाजपत नगर इलाके में रहता था। पत्नी को घर में छोड़ कर वह काम पर चला गया और उसने अपने दोस्तों को घर भेज कर घर में डकैती की वारदात को अंजाम दिलवाया। मनोज के दोस्तों ने उसके कहने पर उसकी पत्नी की हत्या कर दी। शाम को घर आने के बाद आरोपी ने खुद की पुलिस को फोन कर हत्या की जानकारी दी थी। हालांकि, कॉल डिटेल से वह पकड़ में आ गया। मामले में मनोज पांच साल जेल भी रहा था। जेल से आने के बाद वह प्रीति के संपर्क में आया। तीन साल से वह प्रीति के साथ लिव इन में रह रहा था।

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  • Web Title:Triple Murder in Vasant Vihar murder conspiracy had planned by seeing Crime Serials