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एनसीआरटिकरी बॉर्डर गैंगरेप केस : पीड़िता के वीडियो पुलिस के लिए बनेगा अहम सुराग, कई बड़े किसानों नेताओं से होगी पूछताछ

नई दिल्ली। वरिष्ठ संवाददाताPublished By: Dinesh Rathour
Mon, 10 May 2021 09:24 PM
टिकरी बॉर्डर गैंगरेप केस : पीड़िता के वीडियो पुलिस के लिए बनेगा अहम सुराग, कई बड़े किसानों नेताओं से होगी पूछताछ

बंगाल से आई युवती के साथ टिकरी बॉर्डर पर हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस कई बड़े किसान नेताओं से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। जांच अधिकारी का कहना है कि वह मृतका के बनाए गए वीडियो को पीड़िता का बयान मनेगी और जल्द ही वह वीडियो बनाने वाले मोबाइल को भी जब्त करेगी। उधर, मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही सोशल किसान आर्मी के सभी नेता अपने मोबाइल बंद करके फरार है। साथ ही टिकरी बॉर्डर से भी उनके टैंट को हटा दिया गया है। किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी का कहना है कि किसी भी हालत में दो-चार लोगों के चलते किसान आंदोलन को बदनाम नहीं होने दिया जाएगा।

एफआईआर में नामजद सभी लोगों के फोन बंद
अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए पीड़िता के पिता ने पुलिस को बेटी द्वारा वीडियो में बताए गए सभी आरोपियों के नाम अपनी शिकायत में दिए हैं। पुलिस ने दो महिलाओं सहित छह लोगों के नामजद किए है। यह छह लोग पहले दिन से किसान आंदोलन में शामिल थे और सभी बंगाल में चुनाव के दौरान किसानों की बात रखने के लिए गए थे। जहां पीड़िता इन्हे मिली और उनके साथ ही टिकरी बार्डर आ गई। जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया गया। पुलिस ने सभी छह आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। लेकिन फिलहाल सभी फरार बताए जा रहे हैं और सभी के फोन बंद हैं। पुलिस हरियाणा और पंजाब में आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

बड़े किसान नेताओं से होगी पूछताछ
बहादूरगढ़ पुलिस अधिकारियों की माने तो सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने अस्पताल में भर्ती होने से पहले संयुक्त किसान मोर्चा के बड़े नेताओं को अपने साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी दी थी। लेकिन किसी भी नेता ने उसकी एफआईआर दर्ज करवाने की पहल नहीं की। पुलिस अब उन सभी नेताओं को पूछताछ के लिए बुलाएगी जिन्हें पहले से सामूहिक दुष्कर्म होने की जानकारी थी। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाएगी कि पीड़िता के वीडियो किस मकशद से बनाए गए थे क्योंकि वीडियो अप्रैल में बनाए गए थे और शिकायत मई की आई। ऐसे में एक माह तक वीडियो क्यों छीपा कर रखे गए थे।

बैठक में पीड़ित ने बताई थी दुष्कर्म की बात
उधर, पूरे मामले में किसान आंदोलन शुरू करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं की माने तो सामूहिक दुष्कर्म की बात सामने आने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने बैठक बुलाई थी। जिसें पीड़िता भी मौजूद थी। पीड़िता ने सभी नेताओं के सामने अपने साथ सामूहिक दुष्कर्म की बात बताई थी। वरिष्ठ किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की माने तो पीड़िता ने उस समय केवल दो लोगों पर आरोप लगाए थे। गुरनाम सिंह चढूनी ने बताया कि पीड़िता का वीडियो भी सामने आया था कि जिसमें उसने ट्रैन में अपने साथ छेड़छाड़ होने की बात कही थी। लेकिन तब पीड़िता और उसके पिता ने शिकायत न करने के लिए कहा था। लेकिन अब जब पीड़ित परिवार ने शिकायत कर दी है तो संयुक्त किसान मोर्चा उनके साथ है और हर संभव उनकी मदद करेगा।

सोशल किसान आर्मी का टैंट हटाया गया
संयुक्त किसान मोर्चा ने बैठक के बाद टिकरी बॉर्डर से सोशल किसान आर्मी का टैंट हटा दिया है। साथ ही पूरे आंदोलन से उसे अलग करने की बात कही गई है। इससे पहले टिकरी बार्डर पर चल रहे आंदोलन में सोशल किसान आर्मी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थी। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं, स्कूली-कॉलेज के छात्रों को आंदोलन तक लेकर आने में इन्होने बहुत काम किया था। साथ ही सोशल किसान आर्मी का संस्थापक मंच संचालन करता था।

बॉर्डर पर कम नहीं हो रही है लोगों की भीड़
कोरोना और सामूहिक दुष्कर्म की वारदात सामने आने के बाद भी टिकरी बॉर्डर पर लोगों की भीड़ खत्म नहीं हो रही है। सोमवार को बड़ी संख्या में लोग टिकरी बार्डर पर जमा थे। उग्राहा संगठन के करीब 2 हजार लोग अपने समर्थन करने के लिए आंदोलन स्थल पर पहुंचे हुए थे। जमींदारा छात्र संगठन के महासचिव मीत मान ने बताया कि कोरोना के चलते कुछ ज्यादा फर्क आंदोलन पर नहीं पड़ा है। यहां रोजाना पहले की तरह की लोग आते है और किसान की आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जमींदारा छात्र संगठन पहले करीब 16 से 18 हजार लोगों के लिए खाना बनाता था और अब यह संख्या 10 हजार तक पहुंच गई है। लेकिन अब कई और भी लंगर शुरू हो गए है। जिससे इतना फर्क पड़ा है कि भीड़ लगी बंद हो गई है। आंदोलन स्थन पर कोरोना के बचाव का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

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