DA Image
23 फरवरी, 2020|6:52|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

इन पांच गैंग ने दिल्लीवालों का छीना चैन, पुलिस भी इनके आगे हुई बेबस

प्रतीकात्मक तस्वीर

राजधानी में होने वाले स्ट्रीट क्राइम (सड़क पर होने वाले अपराध) में पांच गिरोहों ने दिल्ली पुलिस की नाक में दम कर दिया है। खास बात यह है कि इन पांचों गैंग और इनमे शामिल बदमाश दिल्ली के बाहर के रहने वाले हैं। इस कारण इन्हें पकड़ना पुलिस के मुश्किल होता है। 

पुलिस कार्रवाई और जांच के दौरान जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। इन गैंग में शामिल किए जाने वाले सदस्य या तो मासिक पगार पर या फिर एक निर्धारित हिस्सा दिए जाने के आधार पर रखे जाते हैं। 

पसोंडा गैंग

इस गिरोह के बदमाश लूटपाट का विरोध करने पर गोली भी मार देते हैं। इन्हें सरेआम दिनदहाड़े वारदात करने में भी कोई गुरेज नहीं है है। गिरोह का सरगना सद्दाम उर्फ सलमान है। इस गिरोह पर दिल्ली-एनसीआर में लूटपाट की करीब डेढ़ सौ वारदातों को अंजाम देने का आरोप है। इस गिरोह में करीब 20 सदस्य हैं। इनमें से ज्यादातर लूट की रकम का एक निर्धारित हिस्सा लेते थे।

फुकरे गैंग

यह गिरोह मुख्यत: सड़कों पर मोबाइल झपटमारी की वारदातों को अंजाम देता है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के बदमशों ने अनुमानत: करीब एक हजार मोबाइल झपटमारी व चोरी की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। इस गिरोह में करीब 10 लोग शामिल हैं। गिरोह का सरगना नदीम है। वह बॉलीवुड की मूवी फुकरे से प्रभावित था। इस कारण उसने अपने गिरोह का नाम फुकरे रखा।

रंगा गैंग

रंगनाथन रंगा ठक-ठक गिरोह का सरगना है। इसने अपने गिरोह में करीब 20 से 25 लोगों को शामिल कर रखा है। वह गिरोह के बदमाशों को 15 से 25 हजार की मासिक पगार देता है। सरगना तमिलनाडु के त्रिचिपल्ली गांव का रहने वाला है। वहीं, उसके साथ जुड़े बदमाश भी उसके गांव व आसपास के इलाकों के ही रहने वाले हैं। इस गिरोह करीब 500 वारदातों को अंजाम दे चुका है। 

अन्ना गैंग

अन्ना गैंग के बदमाश लोगों को लिफ्ट देने के बहाने लूटपाट पर करते हैं। इस गिरोह का सरगना बिट्टू उर्फ राकेश है। इस गिरोह में 10 लोग शामिल हैं, जो अबतक करीब 200 वारदातों को अंजमा दे चुके हैं। ये ज्यादातर चोरी की वाहनों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे इनतक पहुंचना मुश्किल होता है। 

जीशान गैंग

यह यूपी के मेरठ का गैंग है, जो दिल्ली में वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। इस गैंग के बदमाश अबतक करीब 500 वाहनों को चुरा चुके हैं। यह गिरोह पिछले चार सालों से सक्रिय है और इसके बदमाश वाहन चोरी की ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की नाक में दम कर चुके हैं। 

किस वक्त कितनी वारदात

रात 8 से 12 31.21%
दोपहर 12 से 4 22.69%
शाम 4 से 8 19.47%
रात 12 से 4 10.52%
सुबह 8 से 12 9.66%
सुबह 4 से 8 6.44%

रात 8 से 12 बजे तक सबसे ज्यादा लूटपाट

दिल्ली इस वक्त सबसे ज्यादा सड़क पर होने वाले अपराध से बेहाल है। चाहे दिन हो या फिर रात। हर वक्त ऐसी वारदातों का भय बना रहता है। रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि दिन में झपटमारी की वारदातें ज्यादा होती है, जबकि रात के वक्त लूटपाट का खतरा ज्यादा होता है। 

हर रोज 44 वारदात

बदमाश प्रतिदिन ‘स्ट्रीट क्राइम' की 44 वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इसमें झपटमारी की करीब 30 वारदातें तो लूटपाट की करीब 14 से 15 वारदातें प्रतिदिन दर्ज की जा रही हैं। इनमें चोरियां व जेबतराशी सहित अन्य आपराधिक घटनाओं को शामिल नहीं किया गया है। 

दिन में ज्यादा झपटमारी

बदमाशों ने झपटमारी की करीब 56 फीसदी वारदातों को भीड़ की मौजूदगी में सरेआम अंजाम दिया है, जबकि रात के वक्त यह आंकड़ा 44 फीसदी का रहा। 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:These 5 criminal gangs creats problem for Delhiites police feeling helpless