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बिभव कुमार ने मुंबई में कहां भेजा अपने आईफोन का डेटा? सभी मुलाकातियों से होगी पूछताछ

दिल्ली पुलिस को संदेह है कि बिभव कुमार ने मुंबई में आईफोन को फॉर्मेट कर दिया था या उसका डेटा किसी अन्य उपकरण में भेज दिया था। सवाल यह कि यदि ऐसा हुआ है तो फोन का डेटा किसे भेजा गया था।

बिभव कुमार ने मुंबई में कहां भेजा अपने आईफोन का डेटा? सभी मुलाकातियों से होगी पूछताछ
Krishna Singhएएनआई-पीटीआई,नई दिल्लीTue, 21 May 2024 06:04 PM
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सांसद स्वाति मालीवाल से मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कथित सहयोगी बिभव कुमार को मुंबई ले जाया गया है। पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को संदेह है कि बिभव कुमार ने मुंबई में आईफोन को फॉर्मेट कर दिया था या उसका डेटा किसी अन्य उपकरण में भेज दिया था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यदि ऐसा हुआ है तो फोन का डेटा किसे भेजा गया था। न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस उन सभी लोगों के बयान दर्ज कर सकती है, जिनसे बिभव ने मुंबई यात्रा के दौरान मुलाकात की थी। 

सीएम आवास के सभी कर्मचारियों के बयान दर्ज
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने 13 मई को केजरीवाल के घर में मौजूद सभी कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद बिभव कुमार का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया था लेकिन जब्त किए जाने से पहले ही उसे फॉर्मेट किया जा चुका था। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि बिभव कुमार ने मुंबई में अपने आईफोन को फॉर्मेट किया था।

जांच में सहयोग नहीं कर रहा बिभव कुमार
दिल्ली पुलिस का यह भी कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान बिभव जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। पुलिस बिभव को मुंबई में उन सभी स्थानों पर ले जाएगी, जहां वह गया था। पुलिस यह पता लगा रही है कि बिभव ने अपना फोन क्यों और कहां फॉर्मेट किया।

एफएसएल करेगी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच 
पुलिस की मानें तो उसे कुछ इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद हुए हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक गैजेट को जांच के लिए एफएसएल भेज दिया गया है। बिभव कुमार की हिरासत गुरुवार को समाप्त हो रही है। अपनी जांच के आधार पर दिल्ली पुलिस या तो रिमांड में अधिक समय मांगेगी या मामले में धारा 201 लागू करेगी।

आईपीसी की धारा-201 क्यों जोड़ना चाहती है पुलिस
दरअसल, दिल्ली पुलिस इस केस में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 201 इसलिए जोड़ना चाहती है ताकि आरोपी को सबूत मिटाने के आरोप में दंडित किया जा सके। आईपीसी की धारा-201 के तहत अपराध के सबूतों को नष्ट करने के लिए दोषियों को सजा का प्रावधान है। पुलिस ने बताया कि स्वाति मालीवाल मामले की छानबीन के लिए एसआईटी गठित की गई है। इस एसआईटी का नेतृत्व उत्तरी दिल्ली की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अंजिता चेप्याला कर रही हैं। अंजिता चेप्याला ही जांच का जिम्मा संभाल रही हैं। एसआईटी में इंस्पेक्टर रैंक के 3 अधिकारी भी शामिल हैं।