ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCR75 लाख बने 850 करोड़! सबसे बड़े अफसर से केजरीवाल की जंग, LG से लेकर CBI-ED तक पहुंचे

75 लाख बने 850 करोड़! सबसे बड़े अफसर से केजरीवाल की जंग, LG से लेकर CBI-ED तक पहुंचे

दिल्ली में एक बार फिर अफसर बनाम सरकार की जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विजिलेंस मिनिस्टर आतिशी की रिपोर्ट एलजी वीके सक्सेना को भेजकर उन्हें तुरंत हटाने की सिफारिश की।

75 लाख बने 850 करोड़! सबसे बड़े अफसर से केजरीवाल की जंग, LG से लेकर CBI-ED तक पहुंचे
Sudhir Jhaहिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 15 Nov 2023 10:39 AM
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली में एक बार फिर अफसर बनाम सरकार की जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विजिलेंस मिनिस्टर आतिशी की रिपोर्ट एलजी वीके सक्सेना को भेजकर उन्हें तुरंत हटाने की मांग की है। केजरीवाल ने चीफ सेक्रेटरी को तुरंत पद से हटाने साथ उन्हें सस्पेंड करने की सिफारिश की है। सीएम ने मंत्री आतिशी को यह रिपोर्ट सीबीआई और ईडी को भेजने को कहा है।

एक दिन पहले ही दिल्ली की सतर्कता मंत्री आतिशी ने बामनोली भूमि अधिग्रहण मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 650 पन्नों की प्राथमिक रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार पर बेटे की कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले में 850 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ कमाया गया। यह जमीन 2015 में द्वारका एक्सप्रेसवे के पास केवल 75 लाख रुपये में खरीदी गई थी। 

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बामनोली में अधिगृहीत की जा रही 19 एकड़ भूमि का मूल मूल्य इस साल मई में तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट (दक्षिण पश्चिम) हेमंत कुमार द्वारा 41 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 353 करोड़ रुपये कर दिया गया था। बाद में, इस मामले में गृह मंत्रालय ने हेमंत कुमार को निलंबित कर दिया था। द्वारका एक्सप्रेस वे में भूमि अधिग्रहण के मामले में अनियमितता की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई थी। शिकायत में मुख्य सचिव पर आरोप लगाए गए थे। समे सड़क परियोजना के लिए अधिगृहीत जमीन के लिए नियम विरुद्ध मुआवजा देने का आरोप था। मुख्यमंत्री ने इस पर सतर्कता मंत्री आतिशी से रिपोर्ट मांगी थी।

चार दिन में तैयार हुई रिपोर्ट न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सतर्कता मंत्री आतिशी से 11 नवंबर को रिपोर्ट मांगी थी। चार दिन में करीब 650 पेज की रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपी गई है। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के मंडलायुक्त अश्विनी कुमार ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि मुख्य सचिव नरेश कुमार पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और गंदी राजनीति का हिस्सा हैं। 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें