ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRSurajkund Mela 2024 : सूरजकुंड मेला में इस बार क्या खास, घूमने जाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

Surajkund Mela 2024 : सूरजकुंड मेला में इस बार क्या खास, घूमने जाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

सूरजकुंड मेला 18 फरवरी तक चलेगा। इसमें देश के साथ दुनिया के 40 से अधिक देशों के कलाकार कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। अगर आप भी सूरजकुंड मेला घूमना चाहते हैं तो पहले इन जरूरी बातों को अवश्य जान लें।

Surajkund Mela 2024 : सूरजकुंड मेला में इस बार क्या खास, घूमने जाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
Praveen Sharmaफरीदाबाद। हिन्दुस्तानSat, 03 Feb 2024 07:34 AM
ऐप पर पढ़ें

Surajkund Mela 2024 : दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद में 17 दिन तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला  का शुभारंभ हो गया है। 2 से 18 फरवरी तक चलने वाले इस 37वें सूरजकुंड मेले का शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उद्घाटन किया। इस बार मेले में कई देशों के अलावा भारत के आठ उत्तर पूर्वी राज्य- अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम व त्रिपुरा अस्टलक्ष्मी सांस्कृतिक भागीदार के रूप में भाग ले रहे हैं।

यह ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला 18 फरवरी तक चलेगा। इसमें देश के साथ दुनिया के 40 से अधिक देशों के कलाकार कार्यक्रमों की प्रस्तुति देंगे। अगर आप भी सूरजकुंड मेला घूमना चाहते हैं तो पहले इन जरूरी बातों को अवश्य जान लें।

मेट्रो-वाहन से जा सकेंगे

● वाहन से बदरपुर बॉर्डर या तुगलकाबाद होते हुए फरीदाबाद के मेले में जा सकते हैं। आईएसबीटी दिल्ली से सूरजकुंड की दूरी 25 किलोमीटर है।

● ट्रेन से जाने के लिए तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन उतरकर, वहां से ऑटो से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित मेला स्थल पहुंच सकते हैं।

● मेट्रो से जाने के लिए बदरपुर मेट्रो स्टेशन उतरना होगा। वहां से ऑटो लेकर दो किलोमीटर दूर सूरजकुंड जा सकते हैं।

यहां वाहन पार्क होंगे

तुगलकाबाद शूटिंग रेंज की ओर से आने वाले वाहन खोरी गांव के पास बनी पार्किंग में खड़ें होंगे। बदरपुर की तरफ से आने वाले लोग मेले के दिल्ली गेट के पास वाहन खड़ा कर सकेंगे। कुल 11 पार्किंग में 15 हजार वाहन खड़े करने की क्षमता है। बाइक के लिए 50 रुपये देना होंगे। वहीं, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए सोमवार से शुक्रवार तक 100 रुपये और शनिवार-रविवार के लिए 200 रुपये प्रति वाहन लगेंगे। वाहनों के पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

प्रवेश शुल्क

सोमवार से शुक्रवार तक प्रति व्यक्ति 100 रुपये और शनिवार, रविवार और राजपत्रित अवकाश के दिन 180 रुपये देने होंगे। छात्रों और दिव्यांगों का कोई शुल्क नहीं लगेगा।

कब से कब तक

मेला सुबह 10 बजे शुरू होगा जो रात 10 बजे बंद हो जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम रोजाना शाम 6 बजे से रात आठ बजे तक आयोजित होंगे।

मेले की खासियत

● देश के 27 राज्यों और विदेशों की कला-संस्कृति से रूबरू होने का मौका।

● विभिन्न देशों की हस्तशिल्प कला को जानने और उत्पादों को खरीदने का अवसर।

● कई राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजन, जैसे बिहार का लिट्टी-चाोखा, गोहाना का जलेबा, गुजरात का ढोकला-इडला, राजस्थान की दाल-बाटी और चूरमा का स्वाद ले सकेंगे।

● कालीन हो या रेशम, नजदीक से बनते देख सकेंगे।

राष्ट्रपति मुर्मु ने सूरजकुंड मेले को शिल्प का महाकुंभ बताते हुए कहा कि यह मेला हमारी परंपरा और नवीनता का उत्सव है। उन्होंने ने कहा कि शिल्पकारों के लिए कोई सरहद नहीं होती। कलाकार इंसानियत के बीच एक पुल का काम करते हैं, जो एक समाज की संस्कृति और सभ्यता को दूसरे समाज तक पहुंचाने की भूमिका अदा करते हैं। एक ही मंच पर अपनी कला के प्रदर्शन के अवसर के साथ यहां शिल्पकार को व्यापार करने का मौका मिलता है। शिल्पकार इंसानियत के अम्बेसडर होते हैं। 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें