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सुप्रीम कोर्ट बोला- केजरीवाल की रिहाई पर रोक असामान्य, HC आज सुनाएगा जमानत पर फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत पर रोक के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुनवाई 26 जून तक स्थगित कर दी।

सुप्रीम कोर्ट बोला- केजरीवाल की रिहाई पर रोक असामान्य, HC आज सुनाएगा जमानत पर फैसला
Praveen Sharmaनई दिल्ली। हिन्दुस्तानTue, 25 Jun 2024 06:18 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत पर रोक के खिलाफ दायर की गई याचिका पर सुनवाई 26 जून तक स्थगित कर दी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा जमानत मिलने के बाद रिहाई पर रोक लगाना असामान्य है। हम हाईकोर्ट के निर्णय का इंतजार करेंगे।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी हुई है, जिसके जरिये विशेष अदालत द्वारा उन्हें जमानत दिए जाने के आदेश पर रोक लगा दी गई थी।

जस्टिस मनोज मिश्रा और एस.वी.एन भट्टी की अवकाशकालीन बेंच ने कहा कि इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का फैसला एक-दो दिन में आने वाला है। यह बेंच इस मामले में किसी भी तरह का आदेश पारित करने से पहले हाईकोर्ट के निर्णय का इंतजार करेगी।

उधर, केजरीवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट का जमानत संबंधी अंतरिम आदेश रद्द करने और याचिकाकर्ता को तत्काल रिहा करने का आदेश देने का अनुरोध किया।

हाईकोर्ट आज सुनाएगा जमानत पर फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को केजरीवाल के जमानत संबंधी आदेश को चुनौती देने वाली अर्जी पर जवाब दाखिल किया। ईडी ने जमानत के आदेश का विरोध करते हुए इसे गैरकानूनी बताया। वहीं, केजरीवाल के वकील ने भी अपना पक्ष रखा। हाईकोर्ट ईडी की चुनौती याचिका पर मंगलवार दोपहर बाद फैसला सुनाएगा।

बता दें कि, इससे पहले ईडी ने हाईकोर्ट में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल को जमानत देने संबंधी आदेश का विरोध करते हुए इसे अवैध और गलत बताया था। ईडी ने 29 पेजों के अपने लिखित जवाब में हाईकोर्ट को बताया कि निचली अदालत द्वारा पारित विवादित आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए और उसे रद्द किया जाना चाहिए। ईडी ने कहा कि अवकाशकालीन जज ने अभियोजन पक्ष द्वारा रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री की जांच किए बिना ही तथ्यों और कानून दोनों के आधार पर अपने आदेश के लगभग हर पैराग्राफ में गलत निष्कर्ष दिए हैं। ईडी ने कहा कि 2023 के बाद अरविंद केजरीवाल के खिलाफ एकत्र की गई नई सामग्री पर न्यायाधीश ने विचार तक नहीं किया।

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