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Excise Policy Case : जेल में बंद सिसोदिया का और बढ़ा इंतजार, सुनवाई पूरी; जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

Excise Policy Case : आम आदमी पार्टी के नेता और आबकारी नीति घोटाले में आरोपी मनीष सिसोदिया पिछले कई महीनों से जेल में बंद हैं। मनीष सिसोदिया को शराब नीति घोटाले में सीबीआई और ईडी ने गिरफ्तार किया है।

Excise Policy Case : जेल में बंद सिसोदिया का और बढ़ा इंतजार, सुनवाई पूरी; जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 17 Oct 2023 04:24 PM
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Excise Policy Case : जेल में बंद दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के बाहर आने का इंतजार अभी और बढ़ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। आम आदमी पार्टी के नेता और आबकारी नीति घोटाले में आरोपी मनीष सिसोदिया पिछले कई महीनों से जेल में बंद हैं। मनीष सिसोदिया को शराब नीति घोटाले में सीबीआई और ईडी ने गिरफ्तार किया है। दोनों ही एजेंसियां इस मामले में अपनी-अपनी जांच-पड़ताल कर रही हैं। सिसोदिया की जमानत याचिका को लेकर दोनों ही पक्षों के वकीलों के बीच जमकर दलीलें हुई थीं। अदालत में इसकी सुनवाई पूरी हो गई है।

जस्टिस संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की बेंच ने सिसोदिया की तरफ से दायर की गई दो अलग-अलग जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत में सुनवाई के दौरान सिसोदिया की तरफ से उनके वकील अभिषेक सिंघवी मौजूद थे। वही सीबीआई और ईडी की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू अदालत में मौजूद थे।

कोई सबूत नहीं तो सिसोदिया आरोपी कैसे- सिंघवी

अदालत ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि अब आप ट्रायल कब तक पूरा करेंगे। इसपर उन्होंने कहा कि ट्रायल 9 से 12 महीने में पूरा कर लिया जाएगा। अदालत ने कहा कि 294 गवाह हैं और 21 से 35 हजार तक डॉक्टूमेंट्स तो फिर ऐसे में ट्रायल कैसे हो पाएगा? सिसोदिया के वकील सिंघवी ने अदालत से कहा कि इस केस में एक साल से बहुत सारी दलीलें हो चुकी हैं लेकिन फिर भी अभी तक कुछ नहीं निकला। 

सिसोदिया के वकील की तरफ से अदालत में दलील दी गई कि ईडी यह कह रही है कि शराब नीति की वजह से कीमतें बढ़ी हैं लेकिन यह गलत है। इस पॉलिसी के बाद ग्राहकों को मिलने वाली शराब की कीमत कम हो गई थी। सिंघवी ने अपने क्लाइंट की तरफ से दलील देते हुए कहा कि घोटाले का पैसा ना तो मेरे पास आया और ना ही मेरे परिवार के पास आया। जब इससे संबंधित कोई सबूत नहीं है तो सिसोदिया आरोपी कैसे हो सकते हैं?

'पैसा सिसोदिया के पास नहीं आया बल्कि...'

कोर्ट ने साफ किया कि ईडी यह नहीं कह रही है कि पैसा आपके पास आया है। बल्कि जांच एजेंसी यह कह रही है कि सिसोदिया की मिलीभगत में घोटाले का पैसा इधऱ-उधर किया गया है। अभिषेक सिंघवी ने दलील देते हुए कहा कि सिसोदिया के खिलाफ किसी भी तरह के मनी ट्रेल का पता नहीं चला है। सिंघवी ने कहा कि मंत्री अपने फोन बदलते हैं। ये अपराध कैसे हो सकता है? उन्हें आखिर जमानत क्यों नहीं दी जा रही है?

सिसोदिया को HC से नहीं मिली थी राहत

दिल्ली के कथित शराब नीति घोटाले में सीबीआई ने 26 फरवरी को मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में ईडी ने जब मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की थी तब जांच एजेंसी ने 9 मार्च को सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। 28 फरवरी को सिसोदिया ने दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा दिया था। 30 मई को हाई कोर्ट ने सीबीआई से जुड़े मामले में सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज करते हुए अदालत ने कहा था कि सिसोदिया एक हाई-प्रोफाइल शख्सियत हैं और वो गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं।

3 जुलाई को हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने इस बात पर गौर किया था कि सिसोदिया के खिलाफ लगे आरोप काफी गंभीर प्रकृति के हैं। दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को आबकारी नीति को लागू किया था लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद सितंबर 2022 के अंत तक इस नीति को वापस लेना पड़ा।