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न्यूज क्लिक के मुख्य संपादक UAPA केस में रिहा, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश

उच्चतम न्यायालय ने न्यूज क्लिक के मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ को UAPA केस में रिहा कर दिया है। चीनी फंडिंग के आरोप में प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने आरोप पत्र दायर किया था।

न्यूज क्लिक के मुख्य संपादक UAPA केस में रिहा, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश
Subodh Mishraएएनआई,नई दिल्लीWed, 15 May 2024 11:26 AM
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सुप्रीम कोर्ट ने न्यूज क्लिक के मुख्य संपादक प्रबीर पुरकायस्थ को UAPA केस में रिहा कर दिया है। चीनी फंडिंग के आरोप में प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने आरोप पत्र दायर किया था। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी आर गवई और संदीप मेहता की पीठ ने बुधवार को आतंकवाद विरोधी कानून के तहत एक मामले में न्यूज क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ की गिरफ्तारी को 'अमान्य' घोषित करते हुए निर्देश दिया कि उन्हें हिरासत से रिहा किया जाए।

न्यूज क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, समाचार पोर्टल को कथित तौर पर 'भारत की संप्रभुता को बाधित करने' और देश के खिलाफ असंतोष पैदा करने के लिए चीन से भारी धन प्राप्त हुआ। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि पुरकायस्थ ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए एक समूह  पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म (पीएडीएस) के साथ साजिश रची।

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने मार्च में पुरकायस्थ के खिलाफ UAPA के तहत मुकदमा चलाने की मंजूरी वाला आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर की अदालत में पेश किया था। पुरकायस्थ और न्यूज क्लिक के एचआर प्रमुख अमित चक्रवर्ती को पिछले साल अक्टूबर में गिरफ्तार किया गया था। दोनों को नवंबर में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। चक्रवर्ती इस साल जनवरी में इस मामले में सरकारी गवाह बन गए थे। बता दें कि न्यूज क्लिक, पुरकायस्थ, अमेरिकी व्यवसायी नेविल रॉय सिंघम और वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स के जेसन फेचर के खिलाफ UAPA सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।

दिल्ली पुलिस ने आरोप लगाया था कि न्यूज क्लिक को अमेरिका के माध्यम से चीन से अवैध धन प्राप्त हुआ था। एफआईआर में एक्टिविस्ट गौतम नवलखा के साथ पुरकायस्थ की ‘1991 से दोस्ती’ का भी उल्लेख किया गया है, जो एल्गार परिषद-माओवादी लिंक मामले में नजरबंद हैं। प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ एफआईआर में दिल्ली पुलिस की विशेष सेल ने यह भी आरोप लगाया कि न्यूज क्लिक की एक रिपोर्ट में  बताया गया है कि कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा नहीं हैं। इसके अलावा, भारत सरकार की कोविड के खिलाफ लड़ाई को बदनाम करने, किसानों के आंदोलन को वित्तपोषित करने और चीनी दूरसंचार कंपनियों के बचाव करने का भी आरोप शामिल है।