ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News NCRअरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर कब आएगा फैसला? सुप्रीम कोर्ट ने बता दी तारीख

अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर कब आएगा फैसला? सुप्रीम कोर्ट ने बता दी तारीख

Delhi Excise Policy Case: दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) शुक्रवार को आदेश पारित कर सकता है।

अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर कब आएगा फैसला? सुप्रीम कोर्ट ने बता दी तारीख
Krishna Singhलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 08 May 2024 05:05 PM
ऐप पर पढ़ें

दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अंतरिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार यानी 10 मई को आदेश पारित कर सकता है। मामले में गिरफ्तारी के खिलाफ अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal Interim Bail) की याचिका पर सुनवाई करने वाली पीठ की अध्यक्षता करने वाले न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने कहा कि हम शुक्रवार को अंतरिम आदेश (अंतरिम जमानत पर) सुनाएंगे। गिरफ्तारी को चुनौती देने से जुड़े मुख्य मामले पर भी उसी दिन फैसला दिया जाएगा। 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। शीर्ष अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि वह नहीं चाहती कि यदि केजरीवाल को चुनाव के मद्देनजर अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया तो वह अपने आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करें।

सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि यदि चुनाव के कारण हम आपको अंतरिम जमानत देते हैं। फिर आप कहते हैं कि आप सीएम कार्यालय में कामकाज करेंगे, तो इसका व्यापक प्रभाव हो सकता है। यदि हम आपको अंतरिम जमानत देते हैं, तो हम नहीं चाहते कि आप आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करें क्योंकि इससे कहीं न कहीं नुकसान होगा। हितों के टकराव के लिए, हम सरकार के कामकाज में आपका हस्तक्षेप बिल्कुल नहीं चाहते हैं। 

इस पर केजरीवाल के वकील अभिषेक सिंघवी का कहना था कि केजरीवाल अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद किसी भी आधिकारिक फाइल पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे, बशर्ते कि दिल्ली के उपराज्यपाल सिर्फ इसलिए फैसलों को खारिज न कर दें क्योंकि फाइलों पर उनके हस्ताक्षर नहीं हैं।

सर्वोच्च अदालत ने अरविंद केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से कहा था कि पहले हम यह देखें कि अंतरिम जमानत दी जा सकती है या नहीं। वहीं ईडी ने केजरीवाल की जमानत याचिका का विरोध किया। ईडी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि चुनाव के कारण केजरीवाल के प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई जानी चाहिए। यदि शीर्ष अदालत ऐसा करती है तो यह गलत नजीर होगी। केजरीवाल को अंतरिम जमानत देना राजनेताओं के लिए एक अलग वर्ग बनाने जैसा होगा। 

मेहता ने कहा- चुनावों के आधार पर केजरीवाल को जमानत देने से एक गलत मिसाल कायम होगी। ऐसे में तो बाकी लोग भी इसी तरह की छूट की मांग करने लगेंगे। यदि कल कोई किराना दुकानदार या किसान आ जाता है और कहता है कि उसका सीजन है, उसे अंतरिम राहत चाहिए, फिर तो सरकारी वकील किसी मामले पर बहस ही नहीं कर पाएगा। ये दलीलें कठोर नजर आ सकती हैं लेकिन जैसे ही यह अदालत केजरीवाल को चुनाव के लिए राहत देने पर विचार करेगी तो इससे राजनेताओं के लिए एक अलग श्रेणी तैयार हो जाएगी।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी दलील में यह भी कहा कि मौजूदा वक्त में देश भर में माननीयों से जुड़े लगभग पांच हजार मामले लंबित हैं। ऐसे में क्या उन सभी को जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा? क्या एक किसान जिसके पास कटाई और बुआई का सीजन होता है, एक राजनेता से कम महत्वपूर्ण है? ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने इस केस में गवाहों और आरोपियों के बयान अदालत के समक्ष पेश किए। दलीलों और सबूतों पर गौर करने के बाद पीठ ने पूछा कि ईडी ने इस केस की जांच में इतना लंबा वक्त क्यों लिया। इस पर राजू ने कहा कि शुरुआत में जांच के केंद्र में केजरीवाल नहीं थे। जांच आगे बढ़ी तो उनकी भूमिका सामने आई।

(पीटीआई-भाषा के इनपुट पर आधारित)