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महिला वकील को जान देकर चुकानी पड़ी नौकर का सत्यापन न कराने की कीमत

नोएडा सेक्टर-31 में रहने वाली सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील की हत्या के मामले में खुलासा हुआ है कि वकील ने बिना सत्यापन घरेलू सहायिका और उसके पति को अपने घर में काम पर रखा था। पुलिस को वकील के घर से दोनों की पहचान या पते से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला है। 

पुलिस ने घरेलू सहायक दंपति तक पहुंचने के लिए महिला वकील के पड़ोसियों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की है। इसमें सामने आया है कि वारदात से एक सप्ताह पहले तक दोनों आरोपी घर-घर घूमकर काम मांग रहे थे। इस दौरान वह कई कोठियों में काम मांगने गए। जब स्नेहा और उसका पति महिला वकील के घर पहुंचे तो उन्होंने उन्हें काम पर रख लिया। काम पर रखने से पहले उनका पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया। न ही महिला वकील ने दोनों के पहचान से संबंधित दस्तावेज अपने पास जमा किए। जबकि मामले में पुलिस दोनों को संदिग्ध मान रही है। सही नाम व पते की जानकारी नहीं होने के कारण आरोपियों को ट्रेस नहीं किया जा सका है। अभी तक पुलिस के लिए यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड है। 

गला दबाकर की गई महिला वकील की हत्या, हाथ-पैर बांध मुंह में ठूंसा कपड़ा

इसके अलावा पुलिस ने महिला के कई रिश्तेदारों से भी पूछताछ की। जांच में पता चला कि हत्या से करीब एक सप्ताह पहले महिला के रिश्तेदार उनके घर आए थे। पुलिस ने उनसे भी घरेलू सहायिका के बारे में पूछताछ की तो उन्हें भी उनके सही नाम व पते की जानकारी नहीं थी। पुलिस को घरेलू सहायिका के मूल निवास को लेकर भी अभी तक पता नहीं चला है। 

गला दबाकर हुई थी वकील की हत्या

दो जुलाई की रात पुलिस को 100 नंबर पर सूचना मिली कि सेक्टर 31 के बी- 218 नंबर मकान में किसी की हत्या कर दी गई है। पुलिस टीम वहां पहुंची तो अंदर बेड पर एक महिला का शव मिला। जिनकी पहचान बाद में कुलजीत कौर के रूप में हुई थी। महिला के हाथ- पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था और गले पर भी निशान थे। मृतका की बहन दिव्या ने सेक्टर 20 थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।

यह बरतें सावधानी

  • किसी शख्स को घर में रखने से पहले उसका स्थायी पता और घर के लोगों के बारे में पता जरूर कर लें।
  • घरेलू सहायिका की पासपोर्ट साइज फोटो और उसका आईडी प्रूफ लेकर पुलिस वेरिफिकेशन से न चूकें।
  • उसके मोबाइल नंबर के अलावा उससे जुड़े दो अन्य लोगों के मोबाइल नंबर अपने पास रखें।
  • आपकी जिम्मेदारी है कि कहीं घरेलू सहायक से मिलने संदिग्ध किस्म के लोग तो नहीं आ रहे।

''घरेलू सहायिका और उसके पति के सही नाम व पते के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। दोनों को काम पर रखने से पहले वेरिफिकेशन नहीं कराई गई थी। न ही पहचान संबंधी दस्तावेज लिए गए। अभी पुलिस अपने स्तर पर जांच में जुटी है।'' -विनीत जायसवाल, एसपी सिटी 

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  • Web Title:Supreme Court Lawyer Kuljeet Kaur had not applying Servant Police Verification