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27 मार्च, 2020|5:12|IST

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कोरोना लॉकडाउन के चलते भूखे भटक रहे ये बेजुबान, सरकार भी नहीं दे रहीं ध्यान

कोरोना वायरस को रोकने के लिए किया गया लॉकडाउन इंसानों से लेकर बेजुबान जानवरों तक सभी के लिए मुसीबत बन गया है। लॉकडाउन के दौरान लोगों को भूखा न रहना पड़े, इसके लिए तो सरकारों ने तमाम तरह के इंतजाम किए हैं, लेकिन बेजुबान पशु- पक्षियों के लिए इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।

लॉकडाउन के कारण ऑफिस और बाजार बंद होने के चलते लोग अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं, जिसके चलते सड़कों और गलियों में घूमने वाले कुत्ते, गाय और सांड सब खाने की तलाश में भूख से व्याकुल भटक रहे हैं।

वहीं, दिल्ली के कई चौक-चौराहें पर दिखाई देने वाले परिंदों के सामने भी दाना-पानी का संकट उत्पन्न हो गया है। राजधानी की सड़कों, पटरियों और चौराहों पर कबूतरों के लिए दाना लेकर बैठने वाले और सुबह-शाम वहां से गुजरने वाले लोग लॉकडाउन के बाद घरों में कैद हो गए हैं। जिस वजह से अनगित परिंदों को दाना-पानी नहीं मिल पा रहा है। 

इन दिनों ये बेजुबान जानवर गलियों, सड़कों, बंद पड़े बाजारों और ऑफिसों के बाहर अपने किसी अन्नदाता के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे रहते हैं। इस दौरान जैसे ही कोई इंसान इन्हें नजर आता है यह खाने की आस में उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं। वहीं, आकाश में उड़ान भरते यह परिंदे इस आशा में नीचे उतरते हैं कि उन्हें रोजाना की तरह दाना-पानी मिलेगा, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही मिलती है। 

आज इस मुश्किल भरे समय में अपने ही खाने का सामान जुटाने के लिए जद्दोजहद कर रहे इंसान चाहकर भी इन बेजुबानों के लिए कोई मदद नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, इस वक्त भी कुछ जगहों पर लोग जितना संभव हो रहा है इनके लिए खाने का सामान जुटाते और देते हुए देखे जा सकते हैं, इनकी बड़ी तादाद के आगे ये नाकाफी हैं। 

पशु प्रेमियों का कहना है कि इंसानों को तो भोजन सरकार मुहैया करा देंगी, लेकिन इन बेजुबान जानवरों की मदद के लिए भी सरकारों या एनजीओ से जुड़े लोगों को जरूर आगे आना चाहिए। अगर ज्यादा दिन तक यही हालात रहे और इन्हें भोजन-पानी नहीं मिला तो ये हिंसक होने के साथ ही मरने के कगार पर भी पहुंच सकते हैं।   

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  • Web Title:stray animals are also facing food crisis due to Coronavirus lockdown govt is not even paying attention