DA Image
3 अप्रैल, 2020|11:45|IST

अगली स्टोरी

शादियों में दिखा सोशल डिस्टेंसिंग का असर, कहीं दो, कहीं चार बारातियों संग दुल्हन लेने पहुंचे दूल्हे

फरीदाबाद के एनआईटी पांच में बुधवार को हुई एक शादी ने समाज के सामने अलग मिसाल पेश की है। इस शादी में बैंड, बाजा और बारात कुछ नहीं था। सरकार के आदेशों का पूरी तरह पालन करते हुए महज पांच लोगों ने एकत्रित होकर शादी की औपचारिकताएं पूरी कीं।

पिछले साल नवंबर में तय हुआ था रिश्ता : कोरोना वायरस के कहर से देश के नागरिकों को बचाने के लिए जहां सरकार ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं लोग भी इस बीमारी को मात देने के लिए जी-जान से जुट गए हैं। इसके लिए लोग शादी जैसे अवसर पर अपनी इच्छाओं को कम कर रहे हैं। 

एनआईटी पांच निवासी ओमप्रकाश की बेटी परमजीत कौर का रिश्ता पिछले साल नवंबर में दिल्ली के करावल नगर निवासी कमलेश कौर के बेटे त्रिलोक सिंह के साथ तय हुआ था। शादी के लिए 25 मार्च की तारीख पहले से तय हो चुकी थी। इसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। बैंड बाजा और घोड़ी का भी इंतजाम हो चुका था। शादी के कार्ड भी छपकर बंट चुके थे, लेकिन इसी बीच कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया।

ओम प्रकाश ने बताया कि शादी से एक दिन पहले उपायुक्त कार्यालय में शादी की मंजूरी मांगने गए तो वहां उपायुक्त के आदेश की प्रति दी गई, जिसमें पांच लोगों के एकत्रित होने पर कोई पाबंदी नहीं थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद वर पक्ष की तरफ से केवल चार लोग आए और फिर शादी की सभी रस्म पूरी कर बेटी को विदा कर दिया गया।

इच्छाओं से ज्यादा प्यारी नागरिकों की सुरक्षा

दुल्हन परजीत कौर और दुल्हा त्रिलोक सिंह ने कहा कि सभी के अरमान होते हैं कि उनकी शादी धूमधाम से हो। हमने भी ऐसी ही हसरत पा रखी थी। लेकिन कोरोना वायरस की वजह से फिलहाल हमारी अपनी इच्छाओं से ज्यादा जरूरी नागरिकों की सुरक्षा है।

सरकार के आदेशों का किया पालन

दुल्हन परमजीत के पिता ओप्रकाश, माता सुरजीत कौर और दुल्हा त्रिलोक सिंह की माता कमलेश कौर का कहना है कि कोरोना वायरस के खतरे को महसूस करते हुए हमने शादी की सभी रस्म सरकार के नियमों का पालन करते हुए की।

दो बारातियों संग निकाह करने पहुंचा दूल्हा

ऐसी ही एक शादी झारखंड में भी देखने मिली जहां, अमवार चौकी क्षेत्र व बभनी ब्लॉक के डूब क्षेत्र कोरची गांव में मंगलवार एक बारात आई। लॉकडाउन के चलते बारात में दूल्हे के साथ सिर्फ दो बाराती शामिल हुए, वह भी एक वाहन से आए हुए थे। निकाह के बाद दुल्हन अपने पति के साथ छत्तीसगढ़ राज्य होते हुए झारखण्ड की सीमा तक गई। वहां छत्तीसगढ़ और झारखंड सीमा के बीच स्थित कनहर नदी पुल को पैदल पार कर उस पार खड़े चार पहिया वाहन से ये लोग भंडरिया के लिए रवाना हुए।

झारखंड के भंडरिया गांव से यह बारात मंगलवार को आई थी। भंडरिया से तीन वाहनों पर चली 9 लोगों की बारात जैसे ही झारखंड सीमा पर रामानुजगंज पहुँची तो झारखंड के प्रशासन ने सील बॉर्डर पर वाहनों को रोक लिया। इस पर लड़के के पिता ने दुल्हन के पिता से फोन पर बात की, तो कोरची से लड़की के पिता किसान जसीम ने उन्हें लाने के लिए एक बोलेरो भेजा। मंगलवार की दोपहर 12 बजे बारात पहुंची। ग्राम प्रधान गंभीरा ने बताया कि जसीम खेती किसानी करता है। उसकी बेटी का निकाह की तारीख महीनों पूर्व 24 मार्च तय की गई थी ।इसी दौरान कोरोना महामारी के प्रकोप से गत दिनों झारखंड सहित आज यूपी भी लॉक डाउन हो गया। जिसके कारण बारात लाने में जब वाहन की अनुमति नहीं मिली तो निकाह करने के लिए दूल्हे के साथ सिर्फ दो बाराती ही आये।

तय समय पर निकाह पढ़ा गया। उसके बाद बारात दुल्हन को विदा करा कर ले गए। दुल्हन के पिता जसीम ने बताया कि बारात में दामाद जुबैर आलम के साथ समधी खुर्शीद आलम व एक गवाह के रूप में महिला शकीला आयी थी। निकाह के बाद बोलेरो वाहन से उन्हें रामानुजगंज तक भिजवाया।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:social distancing effect in weddings grooms arrived to take bride with somewhere two or four baraties