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दिल्ली पुलिस ने 22 साल बाद सिमी के वॉन्टेड सदस्य को दबोचा, क्या आरोप, कैसे पकड़ा गया?

दिल्ली पुलिस की दक्षिणी रेंज स्पेशल सेल ने रविवार को प्रतिबंधित सिमी के वॉन्टेड सदस्यों में से एक हनीफ शेख को गिरफ्तार करने का दावा किया है। उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। क्या हैं आरोप जानें...

दिल्ली पुलिस ने 22 साल बाद सिमी के वॉन्टेड सदस्य को दबोचा, क्या आरोप, कैसे पकड़ा गया?
Krishna Singhएएनआई,नई दिल्लीSun, 25 Feb 2024 04:25 PM
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दिल्ली पुलिस की दक्षिणी रेंज स्पेशल सेल ने रविवार को प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के वॉन्टेड सदस्यों में से एक हनीफ शेख को गिरफ्तार करने का दावा किया है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गैरकानूनी गतिविधियों और देशद्रोह के मामले में वांछित था। उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, हनीफ शेख के खिलाफ 2001 में न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी पुलिस स्टेशन में देशद्रोह और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत केस दर्ज था। इस मामले में वह 22 साल से अधिक समय से फरार था। 

ट्रायल कोर्ट ने हनीफ शेख को 2002 में उक्त मामले में भगोड़ा घोषित किया था। हनीफ शेख सिमी पत्रिका 'इस्लामिक मूवमेंट' (उर्दू संस्करण) के संपादक भी थे। आरोप है कि उसने पिछले 25 वर्षों के दौरान कई भोले-भाले मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथ की शिक्षा दी थी। 'इस्लामिक मूवमेंट' (उर्दू संस्करण) पत्रिका पर छपा हनीफ हुदाई का नाम ही पुलिस के लिए उपलब्ध एकमात्र सुराग था, जिसके कारण उसकी पहचान स्थापित नहीं की जा सकी थी। पुलिस टीम पिछले 4 साल से उसका पीछा कर रही थी। 

पुलिस ने बताया कि दक्षिणी रेंज स्पेशल सेल की एक टीम ने देश के विभिन्न हिस्सों से मोस्ट वांटेड हनीफ शेख के बारे में जानकारी जुटाई और उसके ठिकानों की पहचान करने के लिए लगातार काम किया। पूरे ऑपरेशन के दौरान टीमों ने मोस्ट वांटेड हनीफ शेख के ठिकानों की पहचान करने के लिए विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर यात्रा की। टीम ने उन क्षेत्रों में अपने मुखबिरों को तैनात किया और मुखबिरों की मदद से प्राप्त जानकारी के आधार पर दिन-रात काम किया। 

पुलिस ने उसके सहयोगियों की जांच की और उन्हें ट्रैक करने के प्रयास किए। इस बीच टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि आरोपी हनीफ शेख उर्फ हनीफ हुदाई ने अपनी पहचान बदली है और अपना नाम मोहम्मद रख लिया है। वह महाराष्ट्र के भुसावल में एक उर्दू स्कूल में शिक्षक का काम कर रहा था। एक टीम ने उसे फालो करना शुरू किया। टीम की ओर से जो इनपुट मिले उसकी मदद से एक छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने आशा टॉवर, खड़का रोड, भुसावल के पास जाल बिछाया। 

पुलिस ने कहा- 22 फरवरी को दोपहर करीब 02:50 बजे मोहम्मदीन नगर से आ रहे एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हनीफ शेख के रूप में हुई।  टीम के सदस्यों ने उसे घेरना शुरू कर दिया, लेकिन हनीफ शेख को पुलिस की मौजूदगी का एहसास हुआ और उसने भागने की कोशिश की। आखिरकार पुलिस ने उसे पकड़ लिया। हनीफ शेख को एफआईआर नंबर 532, 28 सितंबर 2001, धारा 153ए/ 153बी/ 120बी/ 34/174ए आईपीसी और यूएपीए की धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है। 

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