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6 अगस्त, 2020|1:04|IST

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सिग्नेचर ब्रिज का हुआ उद्घाटन, 45 मिनट का सफर 10 मिनट में होगा पूरा

Signature bridge

11 साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दिल्ली का सिग्नेचर ब्रिज जनता के लिए खुला। इस ब्रिज का उद्घाटन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया। वहीं जनता इसका 5 नवंबर से उपयोग कर सकेगी। इसके खुलने पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोगों का 45 मिनट का सफर 10 मिनट में पूरा हो सकेगा। अभी मजनू के टीले से भजनपुरा चौक तक का सफर तय करने में लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है। उद्घाटन के बाद लेजर शो कार्यक्रम भी रखा गया है। परियोजना पर दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) ने काम किया है। 

अंतिम रूप देना बाकी : सिग्नेचर ब्रिज का काम लगभग पूरा हो गया है, लेकिन अंतिम रूप देना बाकी है, जो 31 मार्च तक ही पूरा हो पाएगा। ब्रिज को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा, लेकिन पिलर के ऊपर बने 22 मीटर वाले खंड पर लोग 31 मार्च के बाद ही जा पाएंगे। इस 22 मीटर वाले खंड में काम जारी है। यहां ग्लास हाउस बनाया जाएगा, जिससे पूरी दिल्ली का पैनोरोमिक व्यू देखने को मिलेगा। विभाग के अधिकारी ने बताया कि पिलर के ऊपर जाने के लिए दोनों तरफ चार लिफ्ट लगाई गई हैं, जिससे आठ लोग ऊपर जा सकेंगे। ऊपरी हिस्से में 50 लोगों के खड़े रहने की व्यवस्था होगी। 

19 स्टे केबल्स : सिग्नेचर ब्रिज के मुख्य पिलर की ऊंचाई 154 मीटर है। ब्रिज पर 19 स्टे केबल्स हैं, जिन पर ब्रिज का 350 मीटर भाग बगैर किसी पिलर के रोका गया है। पिलर के ऊपरी भाग में चारों तरफ शीशे लगाए गए हैं।

इस दौरान मेट्रो का 248 किलोमीटर नेटवर्क बन गया : 1.8 किलोमीटर लंबे सिग्नेचर ब्रिज पर 2007 से 2018 के बीच काम चालू और बंद हो रहा था। उसी दौरान मेट्रो ने 248 किलोमीटर के नेटवर्क का निर्माण कर परिचालन भी शुरू कर दिया। मेट्रो ने इन 11 सालों में मेट्रो फेज चार के 124.93 किलोमीटर और मेट्रो फेज तीन के अक्टूबर 2018 तक 123.78 किलोमीटर के नेटवर्क का निर्माण कर परिचालन भी शुरू कर दिया। 

सिग्नेचर ब्रिज: 11 साल के बाद उद्घाटन आज, खुलने से पहले ही सियासत तेज

30 एकड़ में फैला अक्षरधाम सात साल में हुआ तैयार : दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर 30 एकड़ में फैला है। यह 356 फीट लंबा और 141 फीट ऊंचा है। 2007 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक ने इसे दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर होने का प्रमाण पत्र भी दिया था। सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण समय से इसकी तुलना करें तो यह महज आधे से भी कम समय में पूरा हो गया। अक्षरधाम का निर्माण 2000 में शुरू हुआ और 2006 में आम लोगों के लिए खुल गया।

सिग्नेचर ब्रिज को पर्यटन का केंद्र बनाने के लिए आसपास के क्षेत्र में सौंदर्यीकरण किया गया है। करीब 1.8 किमी लंबे इस ब्रिज का 575 मीटर व 251 मीटर क्षेत्र केबल पर आधारित है। इस ब्रिज के दोनों ओर चार-चार लेन की सड़क होगी। इस ब्रिज के मध्य में 154 मीटर का पिलर है। पिलर में ही लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। रात के समय सुंदरता बढ़ाने के लिए मुख्य पुल में स्ट्रीट लाइटिंग व हाई मास्ट लाइटिंग की गई है। 

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देरी के ये दो बड़े कारण
वन विभाग का क्षेत्र शामिल होने के कारण पर्यावरण मंजूरी मिलने में दो साल लग गए। खजूरी के पास खुदाई के दौरान एक बड़ी चट्टान, जिससे डिजाइन में बदलाव करना पड़ा।

निर्माण के लिए बोर करने के लिए जगह बनाने की कोशिश नाकाम रही ' 2013 में आई बाढ़ के कारण निर्माण कार्य प्रभावित ' बजट अलॉटमेंट भी लेटलतीफी होती रही।

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  • Web Title:signature bridge will be inaugurated by Delhi CM Arvind kejriwal 45 minutes journey will be completed in 10 minutes