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30 मार्च, 2020|12:21|IST

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नकद टोल टैक्स देने वालों को देने वालों को झटका, अब नहीं मिल रही यह सुविधा

toll

फास्टैग व्यवस्था लागू होने के बाद से टोल प्लाजा पर नकद भुगतान करने वाले वाहन चालकों को टोल में छूट नहीं दी जा रही। वाहन चालकों को आने और जाने के लिए अलग-अलग भुगतान करना पड़ रहा है। ऐसे में पिलखुवा और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर विवाद हो रहा है। हालांकि फास्टैग लगे वाहन चालकों को छूट दी जा रही है।

एनएचएआई ने सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग व्यवस्था शुरू की है। फास्टैग लगे वाहन चालकों के लिए प्रत्येक टोल पर लेन आरक्षित की गई है ताकि गाड़ियां बिना रुके निकल सकें। शुरुआत में अधिक प्रचार-प्रसार नहीं होने से ज्यादातर गाड़ियों पर फास्टैग नहीं लग सके। इस कारण दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पिलखुवा (छिजारसी) और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को दिक्कत उठानी पड़ी। फास्टैग और बिना फास्टैग की गाड़ियां एक साथ निकल रही थी। टोल प्लाजा से जाम की समस्या भी खत्म नहीं हुई। इसके बाद एनएचएआई ने व्यवस्था में थोड़ा बदलाव करना पड़ा। बिना फास्टैग की गाड़ियां यदि फास्टैग वाली लेन में घुसी तो उनके चालकों से दोगुना टोल टैक्स लिया जाने लगा।

इसके अलावा आने और जाने के लिए मिलने वाली छूट खत्म कर दी गई। यानि की नकद भुगतान देकर जाने वाले वाहन चालकों को आने और जाने के लिए अगल से टैक्स देना पड़ रहा है। इस कारण टोल प्लाजा पर लोगों की टोल कर्मियों से कहासुनी होती है। उदाहरण के तौर पिलखुवा टोल प्लाजा पर नकद भुगतान के कार चालक को आने-जाने के लिए 250 रुपये देने पड़ रहे हैं, जबकि पहले 185 रुपये देने पड़ते थे। हालांकि जिन गाड़ियों में फास्टैग हैं उन्हें अभी भी 185 रुपये दोनों तरफ के दिए जा रहे हैं। 250 रुपये आने-जाने का टोल देने को लेकर टोल प्लाजा पर रोज हंगामा हो रहा है।

नौ हजार वाहन बिना फास्टैग के निकल रहे

पिलखुवा टोल प्लाजा से रोज करीब 35 हजार वाहन निकलते हैं। एनएचएआई का दावा है 70 फीसदी वाहनों में फास्टैग लग गए। करीब नौ हजार वाहन बिना फास्टैग के निकल रहे हैं।

इसलिए निर्णय लेना पड़ा

एनएचएआई के एक अधिकारी ने बताया कि अधिक संख्या में लोग फास्टैग लगवा सके इसलिए नगद भुगतान करने वालों के लिए टोल की छूट खत्म की गई है। फायदा हुआ कि लोग वाहनों पर फास्टैग लगवाने लगे हैं।

पास नहीं बन रहे

कुछ वाहन चालकों का आरोप है कि पिलखुवा टोल से उनके घर की दूरी 20 किलोमीटर है। इसके बावजूद मासिक पास नहीं बनाए जा रहे हैं, जबकि पांच किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के पास बनाए जा रहे हैं।

''नकद भुगतान करने वाले वाहन चालकों को टोल में छूट नहीं दी जा रही। केवल फास्टैग लगे वाहन चालकों को छूट मिल रही है। मासिक पास 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के बनाए जा रहे हैं।'' -मुदित गर्ग, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई

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  • Web Title:Shock to those who give cash on toll plaza people are not getting exemption