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दिल्ली में 7वां सिरो सर्वे शुरू, सभी 272 वार्ड से लिए जाएंगे 28000 नमूने

नई दिल्ली। पीटीआई Praveen Sharma
Sat, 25 Sep 2021 11:13 AM
दिल्ली में 7वां सिरो सर्वे शुरू, सभी 272 वार्ड से लिए जाएंगे 28000 नमूने

दिल्लीवालों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाली एंटीबॉडीज की मौजूदगी का पता लगाने के लिए दिल्ली में सिरो सर्वे (Sero-Survey) का सातवां चरण शुरू हो गया है। इससे पहले, छठा सर्वे 12 अप्रैल से तब शुरू हुआ था जब दिल्ली महामारी की दूसरी लहर का सामना कर रही थी, लेकिन अब यहां पिछले कई सप्ताह से संक्रमण के बेहद कम मामले सामने आ रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि सातवां सिरो सर्वे शुक्रवार से शुरू हो गया है। हालांकि, अभी इसकी समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इस बार सर्वे में लगभग 28,000 नमूने लिए जाने की उम्मीद है तथा इसमें शामिल लोगों से टीकाकरण की जानकारी भी ली जाएगी।

यह कवायद ऐसे समय में हो रही है जब दिल्ली में आबादी के एक बड़े हिस्से का वैक्सीनेशन हो चुका है। 11 जिलों में फैली दिल्ली की आबादी दो करोड़ से अधिक है।

गुरुवार को जारी दिल्ली के टीकाकरण बुलेटिन के अनुसार, 22 सितंबर को 86,634 पहली डोज और 89,588 सेकेंड डोज सहित कुल 1.76 लाख खुराक दी गईं। अब तक 1.65 करोड़ से अधिक डोज दी जा चुकी हैं, इसमें कहा गया है कि इसमें कुल 1.1 करोड़ से अधिक पहली डोज और 50 लाख से अधिक दूसरी डोज शामिल हैं।

पांचवें दौर के सिरो सर्वे के परिणाम में पाया गया था कि कोरोना का प्रसार 50 प्रतिशत से अधिक था, जो यह दर्शाता है कि दिल्ली की आबादी कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ हर्ड इम्युनिटी प्राप्त करने की ओर बढ़ रही है। 21 जनवरी को समाप्त हुए सर्वे में दिल्ली के विभिन्न जिलों के 25,000 से अधिक लोगों से नमूने एकत्र किए गए थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर्ड इम्युनिटी एक जनसंख्या खंड में विकसित की गई है, अगर उनमें से 50-60 प्रतिशत में एक सिरो सर्वे में एंटीबॉडी की उपस्थिति पाई जाती है।

हर्ड इम्युनिटी का तात्पर्य है कि किसी समुदाय के लोगों के किसी भी समूह में वायरस से संक्रमित होने के बाद उनमें से बहुत से लोग इसकी प्रतिक्रिया में विकसित एंटीबॉडी के कारण प्रतिरक्षित हो जाते हैं, और इसलिए ऐसे लोग संक्रमित व्यक्ति और असंक्रमित लोगों के बीच एक सुरक्षात्मक परत बन जाते हैं, जिससे वायरल ट्रांसमिशन की चेन टूट जाती है।

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के सहयोग से दिल्ली सरकार द्वारा पिछले साल 27 जून से 10 जुलाई तक किए गए पहले सिरो सर्वे ने 21,387 नमूने लिए थे और पाया था कि सर्वे में शामिल लगभग 23 प्रतिशत लोगों में कोरोना का जोखिम था। अगस्त 2020 में किए गए इस तरह के अभ्यास से पता चला कि 29.1 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज थे।

पिछले साल सितंबर और अक्टूबर में किए गए सर्वे में यह आंकड़ा 25.1 फीसदी और अक्टूबर में 25.5 फीसदी था। सर्वे दिल्ली में COVID-19 स्थिति के व्यापक मूल्यांकन और इसके निष्कर्षों के आधार पर रणनीति तैयार करने के लिए किए गए हैं।

दिल्ली में कोविड-19 के 24 नए मामले, संक्रमण दर 0.03 प्रतिशत

राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना संक्रमण के 24 नए मामले सामने आए, लेकिन इस दौरान महामारी से कोई मौत दर्ज नहीं की गई। इसके साथ ही दिल्ली में अब संक्रमण दर गिरकर 0.03 प्रतिशत रह गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस महीने कोविड-19 से तीन लोगों की मौत हुई है जो छह, 16 सितंबर और 17 सितंबर को दर्ज की गईं। दिल्ली में अब तक महामारी से 25,085  लोगों की मौत हुई है।

विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा कि शुक्रवार को महामारी के 24 नए मामले सामने आए और संक्रमण दर गिरकर 0.03 प्रतिशत रह गई है। इसने कहा कि गुरुवार को कुल 69,465 नमूनों की कोविड संबंधी जांच की गई जिनमें से 46,555  आरटी-पीसीआर तथा 22,910 रैपिड एंटीजन जांच थीं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दिल्ली में महामारी के अब तक 14,38,658  मामले सामने आए हैं जिनमें 14.13  लाख से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं। 

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