DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

फ्लैट देने के नाम पर 700 लोगों से 7 करोड़ रुपये ठगे, ऐसे जाल में फंसाया

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे ठग को दबोचा है, जो करीब 700 लोगों को सोसाइटी का सदस्य बनाकर फ्लैट दिलाने के नाम पर उनसे सात करोड़ 21 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। आरोपी को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार किया है।

आरोपी की पहचान दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 निवासी जय प्रकाश सैनी के रूप में हुई है। वह कोलकाता में त्रिलोक सिंह सिंधु के फर्जी नाम से रह रहा था। पकड़े गए ठग ने डीयू से एम. कॉम करने के बाद 2002 में रियल एस्टेट कंसल्टेंट के रूप में द्वारका में काम शुरू किया था। 2011 में उसने अपने कुछ जानकारों के साथ मिलकर फ्लैट दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी शुरू कर दी।

तीन वर्ष से फरार चल रहा था : आरोपी को कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था और तीन वर्ष से वह फरार चल रहा था। क्राइम ब्रांच के एडिशनल कमिश्नर डॉ. अजीत कुमार सिंघला ने बताया कि 21 जनवरी को सुभाष प्लेस थाने में ठगी का मामला दर्ज किया गया था।

इस तरह लोगों को जाल में फंसाता था

आरोपी लोगों को फंसाने के लिए बताता था कि बख्तावरपुर में उसने सोसाइटी में फ्लैट देने के लिए कोऑपरेटिव सोसाइटी बनाकर 30 एकड़ जमीन खरीदी है। वह लोगों से कहता था कि सोसाइटी का सदस्य बनने वाले को ही फ्लैट मिलेंगे। इस तरह से सोसाइटी के पंजीकरण और जमीन की खरीद के संबंध में उसने फर्जी दस्तावेज भी लोगों को दिखाए। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस के पास इससे जुड़े 47 और लोग शिकायत लेकर पहुंचे। कुछ ही दिन में इसी तरह से द्वारका में भी लोगों को ठगने का मामला सामने आने के बाद जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।

गुप्त सूचना पर कोलकाता जाकर दबोचा

डीसीपी जॉय टिर्की के नेतृत्व में जांच कर रही टीम को सूचना मिली कि जय प्रकाश सैनी फर्जी नाम से कोलकाता में रह रहा है। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे कोलकाता से पकड़ लिया, जहां वह त्रिलोक सिंह सिंधु के नाम से रह रहा था। इस समय वह कोलकाता में रियल एस्टेट कंसल्टेंट के रूप में काम करते हुए इसी तरह की ठगी करने के प्रयास में था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Seven crore rupees cheated from 700 people in the name of giving flats