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अडानी समूह को राहत, SC ने गुजरात में जमीन वापस लेने के HC के आदेश पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गुजरात हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से मुंद्रा बंदरगाह के पास 2005 में अडानी समूह को दी गई लगभग 108 हेक्टेयर चरागाह भूमि वापस लेने को कहा था।

अडानी समूह को राहत, SC ने गुजरात में जमीन वापस लेने के HC के आदेश पर लगाई रोक
Subodh Mishraपीटीआई,नई दिल्लीWed, 10 Jul 2024 03:20 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गुजरात हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें राज्य सरकार को मुंद्रा बंदरगाह के पास 2005 में अडानी समूह को दी गई लगभग 108 हेक्टेयर चरागाह भूमि वापस लेने की प्रक्रिया फिर से शुरू करने के लिए कहा गया था।

न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेडएल) की अपील पर हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई। एपीएसईजेडएल ने अपनी अपील में सुप्रीम कोर्ट से कहा कि न्याय के हित में विवादित आदेश पर रोक लगाने की जरूरत है। पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट के विवादित आदेश पर रोक लगाया जा रहा है। कोर्ट ने इस संबंध में नोटिस भी जारी किया। 

इससे पहले 5 जुलाई को राज्य सरकार ने हाई कोर्ट को सूचित किया था कि वह लगभग 108 हेक्टेयर चरागाह भूमि वापस ले लेगी, जो 2005 में अडानी समूह की इकाई को दी गई थी। गुजरात के राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के हलफनामे पर गौर करने के बाद हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि संबंधित प्राधिकारी/अधिकारियों से कानून के अनुसार बहाली की प्रक्रिया को पूरा करने की आवश्यकता है। हाई कोर्ट ने मामले को 26 जुलाई के लिए स्थगित कर दिया था।

दरअसल, कच्छ जिले के नवीनल गांव के निवासियों ने अडानी फर्म को 231 एकड़ चरागाह भूमि आवंटित करने के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। ग्रामीणों का कहना था कि राज्य सरकार द्वारा एपीएसईजेडएल को 276 एकड़ भूमि में से 231 एकड़ भूमि आवंटित करने से चरागाह की कमी हो गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में अब चरागाह के लिए केवल 45 एकड़ भूमि बची है। ग्रामीणों का कहना था कि राज्य सरकार के खुद के संकल्प के अनुसार, चरागाह भूमि की अतिरिक्त मात्रा के बिना उसे औद्यौगिक उद्देश्य के लिए आवंटित नहीं की सकती। इस भूमि का निजीकरण नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह सामुदायिक संसाधन है।