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4 मार्च, 2021|12:44|IST

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LIVE : राकेश टिकैत बोले- ट्रैक्टर परेड हिंसा के लिए दिल्ली पुलिस जिम्मेदार, किसानों ने 1 फरवरी को प्रस्तावित संसद मार्च टाला

1 / 6संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते किसान नेता राकेश टिकैत और बलबीर सिंह राजेवाल।

2 / 6भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत

3 / 6गाजीपुर बॉर्डर पर डटे किसानों ने वीएम सिंह मुर्दाबाद के नारे लगाए।

4 / 6किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह

farmers ultimatum to the government if demands are not met then on january 26 tractor parade will be

5 / 6Sankyukta Kisan Morcha calls meeting to discuss violence during Farmers tractor parade in Delhi. (File PTI Photo)

farmers protest continues in delhi many borders closed traffic police issued alert

6 / 6Farmers protest (File Photo)

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नए कृषि कानूनों के विरोध के बीच दिल्ली में गणंतत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कल दिल्ली में ट्रैक्टर रैली काफी सफलतापूर्वक हुई। अगर कोई घटना घटी है तो उसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार रहा है। कोई लाल किले पर पहुंच जाए और पुलिस की एक गोली भी न चले। यह किसान संगठन को बदनाम करने की साजिश थी। किसान आंदोलन जारी रहेगा।

वहीं, भारतीय किसान यूनियन (आर) के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि रैली सरकार की साजिश का शिकार हुई। इसे तोड़ने के प्रयासों के बावजूद 99.9% किसान शांतिपूर्ण थे। कुछ घटनाएं हुईं। सरकार ने पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के सदस्यों को हमारे लिए नाकाबंदी में डाल दिया, उनके लिए कोई नाकाबंदी नहीं है। राजेवाल ने कहा कि शहीद दिवस पर हम किसानों के आंदोलन की ओर से पूरे भारत में सार्वजनिक रैलियां करेंगे और हम एक दिन का उपवास भी रखेंगे। उन्होंने कहा कि मंगलवार कि हिंसा के कारण हमारा एक फरवरी को संसद मार्च स्थगित हो गया है।

बता दें कि, नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukta Kisan Morcha) ने गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा पर चर्चा करने के लिए बुधवार दोपहर बाद बैठक बुलाई थी। 

LIVE UPDATE

- अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि किसान आंदोलन को पहले दिन से ही बदनाम करना शुरू किया गया। 70 करोड़ किसान जो मेहनत कर देश को अन्न देता है, वह देशद्रोही है, इस तरह देशद्रोही बोलने की हिम्मत किसकी होती है, जो देशद्रोही होता है, वही किसानों को देशद्रोही बोलते हैं।

- बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि शहीद दिवस पर हम किसानों के आंदोलन की ओर से पूरे भारत में सार्वजनिक रैलियां करेंगे। हम एक दिन का उपवास भी रखेंगे। राजेवाल ने कहा कि मंगलवार कि हिंसा के कारण हमारा एक फरवरी को संसद मार्च स्थगित हो गया है। 

- भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि कल दिल्ली में ट्रैक्टर रैली काफी सफलतापूर्वक हुई। अगर कोई घटना घटी है तो उसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार रहा है। कोई लाल किले पर पहुंच जाए और पुलिस की एक गोली भी न चले। यह किसान संगठन को बदनाम करने की साजिश थी। किसान आंदोलन जारी रहेगा।

- भारतीय किसान यूनियन (आर) के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि रैली सरकार की साजिश का शिकार हुई। इसे तोड़ने के प्रयासों के बावजूद 99.9% किसान शांतिपूर्ण थे। कुछ घटनाएं हुईं। सरकार ने पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के सदस्यों को हमारे लिए नाकाबंदी में डाल दिया, उनके लिए कोई नाकाबंदी नहीं है।

- गाजीपुर बॉर्डर पर वीएम सिंह मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं किसान। जब तक बिल वापसी नहीं, तब तक घर वापसी नहीं का लगाकर किसान आंदोनलनस्थल पर मार्च कर रहे हैं।  

- गाजीपुर बॉर्डर पर डटे किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह ने आज आंदोलन खत्म कर दिया। किसान नेता वीएम सिंह ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हम लोगों को पिटवाने के लिए यहां नहीं आए हैं। हम देश को बदनाम करना नहीं चाहते हैं। वीएम सिंह ने कहा कि टिकैत ने एक भी मीटिंग में गन्ना किसानों की मांग नहीं उठाई।

- वीएम सिंह ने कहा कि हम किसी ऐसे व्यक्ति के साथ विरोध को आगे नहीं बढ़ा सकते जिसकी दिशा कुछ और हो। इसलिए, मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, लेकिन वीएम सिंह और अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति इस विरोध को तुरंत वापस ले रही है।   

- वीएम सिंह ने कहा कि सरकार की भी गलती है, जब कोई 11 बजे की जगह 8 बजे निकल रहा है तो सरकार क्या कर रही थी। जब सरकार को पता था कि लाल किले पर झंडा फहराने वाले को कुछ संगठनों ने करोड़ों रुपये देने की बात की थी।  
 
- उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान का झंडा, गरिमा, मर्यादा सबकी है। उस मर्यादा को अगर भंग किया है, भंग करने वाले गलत हैं और जिन्होंने भंग करने दिया वो भी गलत हैं। ITO में एक साथी शहीद भी हो गया। जो लेकर गया या जिसने उकसाया उसके खिलाफ पूरी कार्रवाई होनी चाहिए। 

- किसान मजदूर संघर्ष समिति के जनरल सचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि हमारा कार्यक्रम दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर था, वहां पर जाकर हम लोग वापस आ गए। हमारा न तो लाल किले का कार्यक्रम था, न ही झंडा फहराने का था। जिन लोगों ने ये काम किया हम उनकी निंदा करते हैं। जिसने भी ये काम किया वो दोषी है। दीप सिद्धू की फोटो पीएम के साथ भी आ रही है। हमें इन पर शक है। अब दीप सिद्धू जी किधर से लाल किले के पास गए और कहां से वापस आए। जिन लोगों ने ऐसा किया उन्हें चिंहित किया जाएगा। ये सब किसान मजदूर को बदनाम करने के लिए किया गया है।

अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि किसानों के आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश लगातार चल रही थी। हमें डर था कि कोई साजिश कामयाब न हो जाए मगर आखिर में साजिश कामयाब हो गई। लाल किले में बिना किसी सांठगांठ के कोई नहीं पहुंच सकता। इसके लिए किसानों को बदनाम करना ठीक नहीं है।

22 एफआईआर दर्ज, 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल

दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दिल्ली पुलिस 22 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। इस दौरान 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। किसान मोर्चा ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा करने वाले लोगों से खुद को अलग कर लिया और आरोप लगाया था कि कुछ असमाजिक तत्व इस प्रदर्शन में घुस आए वरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ही था।

किसान संगठनों की केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग के पक्ष में मंगलवार को हजारों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर परेड निकाली थी। इस दौरान कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अवरोधकों को तोड़ दिया और पुलिस के साथ झड़प की, वाहनों में तोड़फोड़ की और लाल किले पर एक धार्मिक झंडा भी लगा दिया था।

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  • Web Title:Sankyukta Kisan Morcha calls meeting to discuss violence during Farmers tractor parade in Delhi Live Updates