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शराब घोटाले में सरकारी गवाह की विदेश यात्रा का ED ने किया था विरोध, संजय सिंह का दावा

संजय सिंह ने रविवार को आरोप लगाया कि ईडी ने उस सरकारी गवाह की विदेश यात्रा का विरोध किया था जिसकी गवाही पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया है। पढ़ें संजय सिंह का पूरा बयान..

शराब घोटाले में सरकारी गवाह की विदेश यात्रा का ED ने किया था विरोध, संजय सिंह का दावा
Krishna Singhभाषा,नई दिल्लीMon, 15 Apr 2024 12:58 AM
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आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह (Sanjay Singh) ने रविवार को आरोप लगाया कि ईडी ने उस सरकारी गवाह की विदेश यात्रा का विरोध किया था जिसकी गवाही पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) को आबकारी नीति के मामले में गिरफ्तार किया गया था। संजय सिंह ने ऐसा करने में एजेंसी की मंशा पर सवाल उठाया और एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया। 

इस मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रवर्तन निदेशालय ने हैदराबाद स्थित अरबिंदो फार्मा के गैर-कार्यकारी निदेशक पी. शरत चंद्र रेड्डी की विदेश यात्रा का केजरीवाल की गिरफ्तारी से तीन महीने पहले एक अदालत में विरोध किया था। हालांकि, संजय सिंह के इन दावों को लेकर ईडी की तरफ से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संजय सिंह ने पूछा- दिलचस्प बात यह है कि ईडी ने अपने गवाह शरत रेड्डी की विदेश यात्रा का इस आधार पर विरोध किया कि उसके भारत नहीं लौटने की आशंका है। संजय सिंह ने कहा- जब आपने उससे झूठा बयान लिखवाया है तो वह कैसे आएगा? वह आपकी जांच में क्यों शामिल होगा? यदि होगा भी तो केजरीवाल के खिलाफ क्या सबूत देगा जब उसके पास कोई सबूत ही नहीं है?

संजय सिंह ने सुप्रीम कोर्ट से मामले को संज्ञान में लेने, विचार करने का आग्रह किया कि कैसे एक मनगढ़ंत, आधारहीन मामला बनाया गया। संजय सिंह का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब सुप्रीम कोर्ट उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ केजरीवाल की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करने वाला है, जिसने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में उनकी गिरफ्तारी को बरकरार रखा है।

संजय सिंह ने कहा कि इसी शरथ रेड्डी को पहले ईडी ने मुख्य घोटालेबाज कहा। उसके बाद उसे सरकारी गवाह बनाया गया और 60 करोड़ रुपये भाजपा ने इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए ले लिए। मई 2023 में उसका माफीनामा भी मंजूर हो गया। अब ईडी कह रही है कि यह जांच में शामिल नहीं हो रहा है। इससे साफ है कि ईडी ने रेड्डी से दबाव में झूठा बयान दिल्ली के मुख्यमंत्री के खिलाफ लिया और अब उसके पास ईडी को देने और बताने के लिए कुछ सबूत नहीं है तो वो अब जांच में शामिल नहीं हो रहा है।