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कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में अकाली दल का हल्ला बोल, सुखबीर बादल और हरसिमरत समेत के कई नेता हिरासत में लिए गए

नई दिल्ली। लाइव हिन्दुस्तान टीमPublished By: Praveen Sharma
Fri, 17 Sep 2021 02:04 PM
Shiromani Akali Dal (SAD) supporters and activists from various other groups take part in a protest march organised on the completion of one year of enactment of three farm laws in New Delhi on September 17, 2021. (Photo AFP)
1 / 3Shiromani Akali Dal (SAD) supporters and activists from various other groups take part in a protest march organised on the completion of one year of enactment of three farm laws in New Delhi on September 17, 2021. (Photo AFP)
Security personnel deployed at Delhi's Shankar road area, in view of a protest march to be held by Shiromani Akali Dal, against Centre's three farm laws
2 / 3Security personnel deployed at Delhi's Shankar road area, in view of a protest march to be held by Shiromani Akali Dal, against Centre's three farm laws
Shiromani Akali Dal (SAD) chief Sukhbir Singh Badal addresses to party leaders and supporters during a protest march to observe "black friday" on completion of one year of their protest against the Centre's three farm reform laws, near Gurudwara Rakabganj in New Delhi, Friday, Sept. 17, 2021. (PTI Photo)
3 / 3Shiromani Akali Dal (SAD) chief Sukhbir Singh Badal addresses to party leaders and supporters during a protest march to observe "black friday" on completion of one year of their protest against the Centre's three farm reform laws, near Gurudwara Rakabganj in New Delhi, Friday, Sept. 17, 2021. (PTI Photo)

शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों के एक साल पूरे होने पर शुक्रवार को दिल्ली में गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब से संसद भवन तक विरोध मार्च निकाला। शिअद ने गुरुद्वारा रकाबगंज से संसद तक होने वाले अपने इस प्रदर्शन को 'ब्लैक फ्राइडे प्रोटेस्ट मार्च' का नाम दिया है। शिअद के विरोध मार्च के मद्देनजर नई दिल्ली जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है और शंकर रोड इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

दिल्ली पुलिस ने बिना इजाजत विरोध मार्च निकालने पर सुखबीर सिंह बादल और हरसिमरत कौर बादल समेत शिरोमणि अकाली दल के कई नेताओं को हिरासत में लिया है और उन्हें संसद मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा है। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि मोदी सरकार और हरियाणा सरकार ने हमारे कार्यकर्ताओं को रोक दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया और हमारे वाहनों को तोड़ दिया और शांतिपूर्ण धरना रोक दिया गया। हम यहां पीएम मोदी को यह संदेश देने आए हैं कि न केवल पंजाब बल्कि पूरा देश उनकी सरकार के खिलाफ है।

अकाली दल के प्रदर्शन के मद्देनजर एहतियातन दिल्ली से हरियाणा को जोड़ने वाली सीमाओं को भी सील कर दिया गया है और दिल्ली मेट्रो के पंडित श्री राम शर्मा और बहादुरगढ़ शहर मेट्रो स्टेशनों के एंट्री/एग्जिट गेट भी बंद कर दिए गए हैं। मार्च को देखते हुए कई जगहों पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया जा रहा है, जिससे सड़कों पर भारी जाम लग गया है। 

वहीं, कश्मीरी गेट बस अड्डा, नई दिल्ली एवं पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात कर दिया गया है। सिंघु, टीकरी, ढांसा, झड़ौदा कलां बॉर्डर पर सुरक्षा बेहद कड़ी है। दिल्ली के बाहर के नंबर की गाड़ियों की सघन जांच की जा रही है।

इस दौरान शिअद नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त होने तक हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। प्रदर्शन में कई किसान मारे गए हैं और कई अभी भी राज्य की सीमाओं पर बैठे हैं, लेकिन केंद्र सरकार इस मुद्दे पर उदासीन रवैया अख्तियार किए हुए है।

जानकारी के अनुसार, अकाली दल ने गुरुवार को कहा था कि विरोध मार्च गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब से संसद भवन तक निकाला जाएगा जिसका नेतृत्व शिअद प्रमुख सुखबीर बादल और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल करेंगी। तीनों कृषि कानून 17 सितंबर 2020 को संसद में पारित हुए थे और हरसिमरत ने इनके विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।

नई दिल्ली के डीसीपी दीपक यादव ने बताया कि तीन कृषि कानूनों के एक साल पूरे होने पर आज दिल्ली में शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व में गुरुद्वारा रकाबगंज से संसद तक होने वाले मार्च को देखते हुए गुरुद्वारा रकाबगंज पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। नई दिल्ली जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने और नियंत्रित करने के मौजूदा दिशानिर्देशों के मद्देनजर विरोध मार्च की अनुमति नहीं दी गई है।

डीसीपी ने बताया कि अकाली दल के सदस्य यहां पर इकट्ठा हुए हैं, इनके नेताओं से अभी हमारी बातचीत चल रही है, हमने इन्हें स्पष्ट रूप से बता दिया है कि प्रदर्शन की इजाजत नहीं है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी किसानों के विरोध को देखते हुए झड़ौदा कलां बॉर्डर को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया है। ट्रैफिक पुलिस ने ट्वीट कर लोगों से इस मार्ग के प्रयोग से बचने की सलाह दी है। वहीं, अकाली दल के इस विरोध प्रदर्शन से पहले झंडेवालान-पंचकुइयां मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है और रोड पर भारी जाम लग गया है।

शिअद का कहना है कि देशभर में इन काले कृषि कानून के खिलाफ किसानों में रोष है। इन तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान पिछले करीब 10 महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। 17 सितंबर, 2020 को संसद में तीन काले कृषि विधेयक पारित हुए, इसलिए 17 सितंबर को ब्लैक फ्राइडे के रूप में मनाया जा रहा है। 

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