ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News NCRNCR के इस शहर में आज से बदल गया है घर से जुड़ा यह नियम, इन लोगों को मिलेगा फायदा

NCR के इस शहर में आज से बदल गया है घर से जुड़ा यह नियम, इन लोगों को मिलेगा फायदा

गाजियाबाद में एक फरवरी से नए नियम के तहत नक्शे स्वीकृत किए जाएंगे। इसमें 300 वर्ग मीटर या उससे कम क्षेत्रफल वाले भूखंडों पर स्टिल्ट में पार्किंग बनाने वालों को अतिरिक्त मंजिल के निर्माण की अनुमति होगी

NCR के इस शहर में आज से बदल गया है घर से जुड़ा यह नियम, इन लोगों को मिलेगा फायदा
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,गाजियाबादThu, 01 Feb 2024 07:59 AM
ऐप पर पढ़ें

गाजियाबाद जनपद में गुरुवार से नए नियमों के तहत नक्शे स्वीकृत किए जाएंगे। इसमें 300 वर्ग मीटर या उससे कम क्षेत्रफल वाले भूखंडों पर स्टिल्ट में पार्किंग बनाने वालों को अतिरिक्त मंजिल के निर्माण की अनुमति होगी। जीडीए ने संशोधित भवन बायलॉट पर बोर्ड अध्यक्ष मेरठ मंडलायुक्त से मंजूरी दिलाकर शासन को भेज दिया है।

पिछले साल कैबिनेट बैठक के बाद 30 नवंबर 2023 को संशोधित भवन बायलॉज का शासनादेश जारी कर दिया गया था, जिसे प्राधिकरणों को बोर्ड बैठक में मंजूरी दिलाकर संशोधित भवन बायलॉज लागू किया जाना था। प्राधिकरण ने इसे जीडीए बोर्ड अध्यक्ष मंडलायुक्त से मंजूरी दिलाते हुए शासन को भेज दिया है। अब 300 से 500 वर्गमीटर का भूखंड, जो 12 मीटर सड़क पर स्थित होगा, उस पर ही स्टिल्ट के साथ चार फ्लोर मान्य होगा।

इससे छोटे क्षेत्रफल के भूखंडों पर फ्लैट नहीं बन सकेंगे। वहीं, 300 वर्ग मीटर या उससे कम क्षेत्रफल वाले भूखंडों पर स्टिल्ट में पार्किंग देने वालों को अतिरिक्त फ्लोर बनाने की छूट मिलेगी। इस पार्किंग के लिए दो मीटर ऊंचाई के स्टिल्ट फ्लोर का निर्माण कराया जाएगा। ऐसे में 10.50 से 12.50 मीटर ऊंचाई तक भवन का निर्माण होगा। इसी तरह यदि भूखंड का क्षेत्रफल 300 से 500 वर्गमीटर है, जो 12 मीटर सड़क पर स्थित होगा, उसे स्टिल्ट में पार्किंग बनाने से बहुआवासीय भवनों का निर्माण 15 से 17.50 मीटर ऊंचाई तक किए जाने तक मान्य होगा।

संशोधन की भी सुविधा

बिल्डिंग बायलॉज में किए गए संशोधन का फायदा नक्शे स्वीकृत कराने वालों को होगा। हालांकि अगर किसी ने पुराने बिल्डिंग बायलॉज के तहत नक्शा स्वीकृत करा रखा है, लेकिन अभी तक निर्माण नहीं किया, तो वह नए संशोधन के लागू होने के बाद नक्शे में संशोधित कर सकता है।

अभी तक यह नियम

बिल्डिंग बायलॉज में अभी तक 300 वर्ग मीटर या उससे कम क्षेत्रफल वाले भूखंडों पर ढाई मंजिल बनाने का नियम है। इसमें पार्किंग बनाने या उसके लिए जगह छोड़ने पर कोई अतिरिक्त लाभ की व्यवस्था नहीं है। इस कारण लोग मकान बनाते समय पार्किंग की जगह नहीं छोड़ते हैं।

इस क्षेत्र के लोगों को सबसे अधिक लाभ

गाजियाबाद में विकसित होने वाले नए क्षेत्रों में बिल्डिंग बायलॉज में किए गए संशोधन का सबसे अधिक फायदा होगा। इसमें मुख्य रूप से रैपिड कॉरिडोर के दोनों तरफ विकसित होने वाले क्षेत्र के अलावा मधुबन बापूधाम योजना, इंद्रप्रस्थ योजना, कोयल एन्क्लेव, वेव सिटी, सन सिटी आदि क्षेत्र शामिल है।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें