Rs 5000 to be paid for keeping dog and fine of 500 for spreading dirt - कुत्ता पालने के लिए देनी होगी 5000 रुपये फीस, गंदगी फैलाने पर 500 का जुर्माना DA Image

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कुत्ता पालने के लिए देनी होगी 5000 रुपये फीस, गंदगी फैलाने पर 500 का जुर्माना

अगर आप भी कुत्तों के शौकीन हैं तो आपके लिए एक बुरी खबर है। अब कुत्ता पालने के लिए पांच हजार रुपये फीस चुकानी होगी। साथ ही कुत्ता घुमाने के दौरान गंदगी फैलाते पाए जाने पर 500 रुपये का जुर्माना....

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अगर आप भी कुत्तों के शौकीन हैं तो आपके लिए एक बुरी खबर है। अब कुत्ता पालने के लिए पांच हजार रुपये फीस चुकानी होगी। साथ ही कुत्ता घुमाने के दौरान गंदगी फैलाते पाए जाने पर 500 रुपये का जुर्माना भी वसूला जाएगा। शुक्रवार को गाजियाबाद नगर निगम की बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पास किया गया।

वार्ड नंबर 100 के पार्षद संजय कुमार ने कुत्ते और बंदरों के मुद्दे को उठाया। उन्होंने सदन को बताया कि शहर के कुत्ते खतरनाक हो गए हैं। आए दिन बच्चे और बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं। यह समस्या केवल उनके वार्ड की नहीं है।

सभी 100 वार्डों में यही हाल है। कुत्ते और बंदरों को पकड़ने के लिए कई माह से अभियान नहीं चलाया गया। इसके बाद सभी पार्षदों ने कुत्तों और बंदरों के आतंक से लोगों को बचाने की मांग की।

महापौर आशा शर्मा ने कुत्तों और बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने के लिए कहा। इसके बाद महापौर ने कहा कि पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य होगा। पांच हजार रुपये में पंजीकरण कराया जाएगा।

घर-घर जाकर होगा कुत्तों का रजिस्ट्रेशन

नगर निगम गाजियाबाद में कुत्ता पालने वालों की पहचान के लिए सर्वे कराएगा। इसके लिए टीमें घर-घर जाएंगी। सर्वे के दौरान कुत्ते का रजिस्ट्रेशन पहले से हुआ नहीं पाया गया तो मौके पर ही कर्मचारी कुत्ते का पंजीकरण घर के नाम पर कर दिया जाएगा। घर में जितने कुत्ते होंगे, पांच हजार के हिसाब से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। लोगों को कुत्तों की संख्या के अलावा उनके टीकाकरण व स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारी टीम को देनी होगी। इसके लिए बाकायदा एक कार्ड होगा। कार्ड पर पूरी जानकारी नहीं मिलने पर जुर्माना लगेगा।

रजिस्टेशन नहीं कराने वालों पर सख्ती होगी : महापौर ने कहा कि रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा। हालांकि महापौर ने पालतू कुत्ते के रजिस्ट्रेशन की फीस 2100 रुपये रखी थी। लेकिन पार्षदों ने इसका विरोध किया।

सोसाइटी में भी कुत्ता पालने पर प्रतिबंध : बिल्डर-खरीदार समझौते के अनुसार सोसाइटी में पालतू कुत्ता या कोई अन्य जानवार नहीं पाला जा सकता। इसके बावजूद लोग सोसाइटी में कुत्ते पाल रहे हैं। इस बात को लेकर कई बार लोग आपस में टकरा जाते हैं। उनमें झगड़े की नौबत आ जाती है।

दिल्ली-मेरठ में भी बने थे ऐसे नियम

दिल्ली और मेरठ में भी नगर निगमों ने समय-समय पर कुत्ता पालने वालों के लिए ऐसे नियम बनाए लेकिन अधिकारियों के रुचि न लेने की वजह से लागू नहीं हो पाए। सख्ती न होने कारण न तो कुत्ता पालने वाले निगम को जानकारी देते हैं और न फीस जमा करते हैं। कर्मचारियों और संसाधनों की कमी का हवाला देकर विभागीय अधिकारी भी ठोस कार्रवाई नहीं करते।

दिल्ली में ये नियम

दिल्ली में कुत्ता पालने के लिए करीब 10 सालों से लाइसेंस अनिवार्य है। कोई अन्य जानवर पालते हैं तो भी लाइसेंस लेना जरूरी है। अगर आप गाय या भैंस जैसे पशु पालते हैं तो वो भी एक साथ दो से ज्यादा नहीं पाल सकते हैं।

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