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बिहार के पूर्व विधायक राजू सिंह की बढ़ी मुश्किलें; आरोप तय करने के आदेश, क्या है मामला?

बिहार के पूर्व विधायक राजू सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित अदालत ने राजू सिंह पर हर्ष फायरिंग से मौत के मामले आरोप तय करने के आदेश जारी किए हैं।

बिहार के पूर्व विधायक राजू सिंह की बढ़ी मुश्किलें; आरोप तय करने के आदेश, क्या है मामला?
Krishna Singhभाषा,नई दिल्लीTue, 31 Oct 2023 01:05 AM
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दिल्ली स्थित एक फार्महाउस में नए साल की पूर्व संध्या पर आयोजित पार्टी के दौरान हर्ष फायरिंग की घटना में महिला की मौत के मामले में बिहार के पूर्व विधायक राजू सिंह और उनकी पत्नी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की एक अदालत ने इस हर्ष फायरिंग की घटना में बिहार के पूर्व विधायक राजू सिंह, उनकी पत्नी और दो अन्य के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। इस घटना में एक महिला की मौत हो गई थी। इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त टिप्पणी की। 

विशेष न्यायाधीश विकास ढल ने अपने आदेश में कहा- नये साल की पार्टी में आरोपी राजू सिंह द्वारा अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चलाने का कृत्य यह दर्शाता है कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि भीड़ भरी पार्टी में गोली चलाने से किसी व्यक्ति की मौत हो सकती है। इसलिए, आरोपी राजू सिंह पर प्रथम दृष्टया भादंसं की धारा 304 (भाग-2) और शस्त्र अधिनियम की धारा 30 के तहत मामला बनता है।

विशेष न्यायाधीश विकास ढल ने राजू सिंह की पत्नी रानू सिंह और उनके सहयोगियों रमेंद्र सिंह और राणा राजेश सिंह के खिलाफ सबूत नष्ट करने के आरोप तय करने का भी आदेश दिया। राजू सिंह की ओर से पेश वकील नितेश राणा ने आरोप तय करने का विरोध करते हुए दलील दी कि अभियोजन पक्ष के पास उनके खिलाफ मामला तय करने के लिए सबूतों का अभाव है।

विशेष न्यायाधीश विकास ढल ने कहा कि भादंसं की धाराओं 201 (सबूत नष्ट करना) और 34 (साझा मंशा) के तहत रामेंद्र सिंह और राणा राजेश सिंह के खिलाफ और भादंसं की धारा 201 के तहत रेणु सिंह के खिलाफ आरोप तय करने के लिए प्रथम दृष्टया सामग्री है। हर्ष फायरिंग की यह घटना 31 दिसंबर, 2018 को राजनेता के फार्महाउस पर हुई थी। इस मामले में महिला की मौत होने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी में धारा 302 (हत्या) भी जोड़ी, जिसमें अधिकतम सजा-ए-मौत का प्रावधान है।

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