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Delhi: पूर्व MLA रणबीर सिंह खर्ब और उनकी पत्नी को 7 साल की जेल, 44 लाख का जुर्माना भी लगाया

राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व विधायक रणबीर सिंह खर्ब (Ranbir Singh Kharb) और उनकी पत्नी अनीता खर्ब (Anita Kharb) को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश मामले में सात साल जेल की सजा सुनाई है। पढ़ें यह रिपोर्ट...

Delhi: पूर्व MLA रणबीर सिंह खर्ब और उनकी पत्नी को 7 साल की जेल, 44 लाख का जुर्माना भी लगाया
Krishna Singhएएनआई,नई दिल्लीMon, 26 Feb 2024 04:07 PM
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राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने पूर्व विधायक रणबीर सिंह खर्ब (Ranbir Singh Kharb) और उनकी पत्नी अनीता खर्ब (Anita Kharb) को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश मामले में सात साल जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दंपत्ति पर 44 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला 1998 से 2004 तक निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का है। इस दौरान खर्ब मौजूदा विधायक थे। साल 2006 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offense Wing) ने एक मामला दर्ज किया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, दोषियों ने धोखाधड़ी से शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार को कंपनी में पैसा निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बिना कोई रिटर्न या रिफंड प्राप्त किए 23 लाख रुपये का निवेश किया। अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (Additional Chief Metropolitan, ACMM) प्रियंका राजपूत ने 24 फरवरी को दोषी रणबीर सिंह खर्ब और अनीता खर्ब को सात साल की कैद की सजा सुनाई। साल 2006 में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक मामला दर्ज किया था।

अदालत ने कहा कि दोषी रणबीर खर्ब को सात साल के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जाती है। आईपीसी की धारा 420 और 120-बी के तहत दंडनीय अपराध के लिए 22 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जाता है। इसी तरह, दोषी अनीता खरब को आईपीसी की धारा 420 और 120-बी के तहत दंडनीय अपराध के लिए सात साल के कठोर कारावास और 22 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। तीसरे दोषी सतप्रकाश को कोर्ट ने प्रोबेशन पर रिहा कर दिया है।

रणबीर और अनीता जमानत पर थे। उन्हें सोमवार को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है। दोषियों की ओर से पेश हुए उनके वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि फैसले के खिलाफ अपील दायर करने के साथ-साथ सजा पर आदेश के खिलाफ अपील दायर करने तक सजा को निलंबित कर दिया जाए और उन्हें जमानत दे दी जाए। कोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 389(3) के तहत सजा के निलंबन का प्रावधान है। यह लागू नहीं होगा क्योंकि दोषियों को सात साल की कैद की सजा सुनाई है।

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