Rohtak Lok Sabha seat result 2019 Deepender Singh Hooda lost know all seats results of Haryana - रोहतक में दीपेंद्र हुड्डा की हार कांग्रेस के लिए बड़ा झटका, BJP के अरविंद शर्मा जीते DA Image

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रोहतक में दीपेंद्र हुड्डा की हार कांग्रेस के लिए बड़ा झटका, BJP के अरविंद शर्मा जीते

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लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान हरियाणा में कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका अपने एक मात्र सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की हार से लगा है। भाजपा प्रत्याशी अरविंद कुमार शर्मा ने 7,503 वोटों के अंतर से दीपेंद्र सिंह हुड्डा को पराजित कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। कांग्रेस के पूर्व सांसद अरविंद कुमार शर्मा हाल ही में भाजपा में शामिल हुए थे।

कांग्रेस से तीन बार के सांसद दीपेंद्र हुड्डा एकमात्र ऐसे उम्मीदवार थे, जो अंत तक रोहतक सीट से हार-जीत की संभावना में बने रहे, लेकिन अंत में उनकी हार ने कांग्रेस की बची-खुची उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हरियाणा में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन प्रदर्शन करते हुए प्रदेश की सभी 10 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। 2014 में भाजपा ने आठ सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें से सात पर जीत दर्ज की थी, जबकि इनेलो ने दो और कांग्रेस ने एक सीट जीती थी। राज्य में कांग्रेस को सोनीपत और रोहतक सीट पर दोहरा झटका लगा है यहां पिता-पुत्र की जोड़ी भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र सिंह हुड्डा को हार सामना करना पड़ा। दीपेंद्र पिछली बार रोहतक से जीत दर्ज कर संसद पहुचे थे, लेकिन वह इस बार अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाए और भाजपा के अरविंद शर्मा से 7,503 वोटों के अंतर से हार गए।

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हरियाणा की रोहतक लोकसभा सीट कांग्रेस के लिए बेहद खास रही है। जाट बहुल इस सीट पर अधिकतर समय कांग्रेस का ही कब्जा रहा है। रोहतक लोकसभा सीट के अंतर्गत नौ विधानसभा सीटें आती हैं जिनमें- रोहतक, बहादुरगढ़, बादली, झज्जर, गढ़ी-सांपला-किलोई, महम, कलानौर, बेरी और कोशली है।

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के बावजूद रोहतक लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा प्रत्याशी को 1 लाख 70 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर यहां कांग्रेस का झंडा बुलंद किया था। इससे पहले 2009 के लोकसभा चुनाव में भी दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने इनेलो के प्रत्याशी नफे सिंह राठी को करीब चाढ़े चार लाख वोटों से हराया था। दीपेंद्र के दादा रणबीर सिंह हुड्डा एक स्वतंत्रता सेनानी थे। आजादी के बाद वह तत्कालीन पंजाब सरकार में मंत्री भी रहे। दीपेंद्र के पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी हरियाणा की सांपला सीट से चुनाव जीतकर 2 बार मुख्यमंत्री बन चुके हैं। 

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भाजपा को जनसंघ के बैनर तले सिर्फ दो बार ही 1962 और 1971 में यहां से जीत हासिल हुई थी। उसके बाद से रोहतक सीट जीतने की भाजपा की तमाम कोशिशें विफल रही हैं। हालांकि, 1999 चुनाव में हुए भाजपा और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के गठबंधन के बाद इनेलो प्रत्याशी कैप्टन इंदर सिंह यहां से जीतने में कामयाब रहे थे। उसके बाद रोहतक सीट कांग्रेस के ही कब्जे में रही है।

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