DA Image
Thursday, December 2, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ NCRरोहिणी कोर्ट शूटआउट के बाद अदालतों की सुरक्षा बढ़ाने को हाईकोर्ट में याचिका दायर, पुलिस कमिश्नर से मिले दिल्ली बार काउंसिल अध्यक्ष

रोहिणी कोर्ट शूटआउट के बाद अदालतों की सुरक्षा बढ़ाने को हाईकोर्ट में याचिका दायर, पुलिस कमिश्नर से मिले दिल्ली बार काउंसिल अध्यक्ष

नई दिल्ली। एएनआईPraveen Sharma
Sat, 25 Sep 2021 10:45 AM
रोहिणी कोर्ट शूटआउट के बाद अदालतों की सुरक्षा बढ़ाने को हाईकोर्ट में याचिका दायर, पुलिस कमिश्नर से मिले दिल्ली बार काउंसिल अध्यक्ष

दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में शुक्रवार को हुई गोलीबारी की घटना के मद्देनजर दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में संबंधित अधिकारियों को दिल्ली के जिला न्यायालयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की गई है। रोहिणी कोर्ट में शुक्रवार को हुई गोलीबारी में बदमाश जितेंद्र मान उर्फ गोगी सहित तीन बदमाश मारे गए थे। हमलावर वकीलों की ड्रेस में आए थे।

वहीं, रोहिणी कोर्ट में हुई गैंगस्टर जितेंद्र मान गोगी की हत्या के बाद दिल्ली की अदालतों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर चर्चा करने के लिए दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष राकेश सहरावत अन्य अधिकारियों के साथ दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना से मिलने दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे।

पुलिस कमिश्नर से मुलाकात के बाद सहरावत ने कहा कि हमने रोहिणी कोर्ट में सुरक्षा में चूक को लेकर कमिश्नर से बात की। वहां पाया गया कि सीसीटीवी कैमरे और मेटल डिटेक्टर ठीक ढंग से काम नहीं करते और स्टाफ सतर्क नहीं है। इन सब मुद्दों पर कमिश्नर ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। इसके साथ ही हमने उनसे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचने के लिए जवाबदेही तय करने को कहा है। पुलिस कमिश्नर ने आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह के भीतर पूरी सुरक्षा व्यवस्था को अपग्रेड कर दिया जाएगा, वह हमसे फिर मिलेंगे।

दिल्ली पुलिस ने कल कोर्ट रूम में गैंगस्टर गोगी की हत्या के मद्देनजर आज रोहिणी कोर्ट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रख रही है। बिना जांच-पड़ताल किए किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है।

वकीलों ने आज सभी अदालतों में काम रोका

कोर्ट में हुई गोलीबारी की घटना को लेकर वकीलों संगठनों ने जांच की मांग की और दिल्ली की सभी सात जिला अदालत परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था की पुन: समीक्षा किए जाने की मांग के साथ शनिवार को कार्य का बहिष्कार करने का आह्वान किया। दिल्ली में सभी जिला अदालत बार एसोसिएशन की समन्वय समिति ने शनिवार को कार्य बहिष्कार का आह्वान किया और कहा कि वह आगे के कदमों को लेकर सोमवार को होने वाली बैठक में फैसला करेंगे। दिल्ली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव एन ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया और कहा कि पुलिस अपने कर्तव्य निर्वहन में लापरवाह रही।

उन्होंने कहा कि इस घटना की तह तक जाने के लिए उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है। इसने सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है। कैसे कोई  बंदूक ना केवल परिसर में बल्कि अदालत कक्ष में लेकर आ सकता है? बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष राकेश सहरावत ने कहा कि कल जो घटना हुई, उससे अधिक शर्मनाक और कुछ नहीं हो सकता।

गौरतलब है कि रोहिणी कोर्ट में शुक्रवार को दिल्ली के मोस्ट वांटेड गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की वकील के वेश में आए दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए थे। दोनों हमलावर टिल्लू ताजपुरिया गैंग से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा कि घटना दोपहर करीब 1.15 बजे हुई जब गोगी को सुनवाई के लिए अदालत कक्ष संख्या 207 लाया गया और वकील की ड्रेस में आए दो गैंगस्टरों ने उस पर गोलियां चला दीं।

अचानक हुई गोलीबारी के बाद कोर्ट में अफरा-तफरी मच गई। अदालत कक्ष के अंदर मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हमलावरों ने गोगी को करीब 10 गोलियां मारीं। पुलिस के मुताबिक, जितेंद्र मान उर्फ ​​गोगी के सिर पर 6.5 लाख रुपये का इनाम था। उसे तीन साथियों के साथ पिछले साल मार्च में स्पेशल सेल की एक टीम ने गुड़गांव से गिरफ्तार किया था। उसे कुलदीप मान उर्फ ​​फज्जा, कपिल उर्फ ​​गौरव और रोहित उर्फ ​​कोई के साथ गिरफ्तार किया गया था। 

रोहिणी कोर्ट गोलीबारी : सीजेआई ने जताई चिंता

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एन.वी. रमना ने दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में शुक्रवार को हुई गोलीबारी की घटना को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। न्यायमूर्ति रमना ने इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से बात की और उन्हें पुलिस और बार दोनों से बात करके यह सुनिश्चित करने की सलाह दी कि अदालत का कामकाज प्रभावित न हो। गौरतलब है कि न्यायालय परिसरों और न्यायिक कर्मियों की सुरक्षा का मामला पहले से ही सर्वोच्च न्यायालय के विचाराधीन है। रोहिणी कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आज की हिंसा के मद्देनजर अगले सप्ताह मामले को प्राथमिकता दी जा सकती है। 

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें