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रिटायर IPS अधिकारी का बनाया डीपफेक वीडियो, सीनियर सिटिजन को भेज मांगे पैसे; साइबर अफराधियों का कारनामा

गाजियाबाद में जालसाजों ने एक रिटायर पुलिस अधिकारी का डीपफेक वीडियो बनाया। इसे एक वरिष्ठ नागरिक को भेजकर धमकाया और पैसे की मांग करने लगे। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।

रिटायर IPS अधिकारी का बनाया डीपफेक वीडियो, सीनियर सिटिजन को भेज मांगे पैसे; साइबर अफराधियों का कारनामा
Sneha Baluniलाइव हिन्दुस्तान,गाजियाबादThu, 30 Nov 2023 09:07 AM
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गाजियाबाद में साइबर अपराधियों ने एक यूपी पुलिस के एक रिटायर आईपीएस अधिकारी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से डीपफेक वीडियो बनाया। जिसमें चेहरा और आवाज रिटायर पुलिस अधिकारी का था। इसे एक वरिष्ठ नागरिक को भेजकर उससे पैसे मांगे गए। डरे हुए, 76 साल के व्यक्ति ने अपराधियों को बार-बार पेमेंट की, यह विश्वास करते हुए कि वह आईपीएस अधिकारी हैं और पुलिस एक्शन हो रहा है। ब्लैकमेलर्स ने उनका एक वीडियो बनाया था जिसे देखकर लग रहा था कि उन्होंने सेक्स का आग्रह किया है। 

पुलिस ने बुधवार को कहा कि उन्होंने तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली और जांच शुरू कर दी है। यह देश का पहला मामला है जिसमें पुलिस देख रही है कि कैसे डीपफेक की मदद से साइबर धोखाधड़ी एक नए खतरनाक आयाम पर पहुंच रही है। डीपफेक का मतलब उस सामग्री से है- जिसमें किसी ऑडियो, वीडियो और फोटो को डीप लर्निंग के जरिए डिजिटल रूप से बदला जाता है।

आत्महत्या की कगार पर पहुंचाया

गोविंदपुरम निवासी अरविंद शर्मा, जो एक कंपनी में क्लर्क के रूप में काम करते हैं और अकेले रहते हैं। उन्होंने हाल ही में अपना पहला स्मार्टफोन खरीदा और उसमें फेसबुक अकाउंट खोला। चार नवंबर को जालसाजों ने सबसे पहले फेसबुक वीडियो कॉल के जरिए उनसे संपर्क किया। शर्मा ने फोन उठाया लेकिन दूसरी तरफ एक नग्न महिला को देखकर कुछ ही सेकंड में फोन काट दिया। लेकिन यह अपराधियों के लिए उन्हें फंसाने के लिए काफी था। एक घंटे बाद, उन्हें व्हाट्सएप पर एक और वीडियो कॉल आई, लेकिन इस बार, पुलिस की वर्दी में एक आदमी था जो उन्हें धमकी दे रहा था।

शर्मा की बेटी मोनिका ने पुलिस शिकायत में कहा, 'वीडियो में, वर्दीधारी व्यक्ति ने कहा कि अगर मेरे पिता ने भुगतान नहीं किया तो वह उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह मेरे पिता का महिलाओं से बात करने का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर देंगे और इसे परिवार के सदस्यों के साथ भी साझा करेंगे।' शर्मा ब्लैकमेलर्स के व्हाट्सएप कॉल पर दिखी फोटो देखकर परेशान हो गए। उन्हें डर था कि इससे उन्हें बहुत शर्मिंदगी उठानी पड़ेगी। उन्होंने जालसाजों द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट में 5,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। 

मोनिका ने कहा, 'लेकिन उन्होंने पहले 10,000 फिर 50,000 रुपये की मांग की, जिसे कि मेरे पिता देते रहे। मोनिका ने कहा, जिस कंपनी में वह काम करते हैं, वहां से भी उन्होंने कर्ज लिया है। उसने पुलिस को बताया कि आरोपी ने पिछले हफ्ते अधिक पैसे की मांग की, जिससे उनके पिता 'मानसिक रूप से परेशान' हो गए और आत्महत्या का विचार कर रहे थे। 74,000 रुपये का भुगतान करने वाले शर्मा ने अंततः अपने परिवार को इसके बारे में बताया, जिन्होंने बाद में यह पता लगाने के लिए गूगल पर सर्च किया की आईपीएस अधिकारी कौन था।

मोनिका ने बताया कि उन्हें पता चला कि वीडियो में पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश को दिखाया गया था। उन्हें यह बात समझ में नहीं आई कि कोई वरिष्ठ अधिकारी उन्हें क्यों धमकाएगा और उनसे उगाही करेगा। इसलिए उन्होंने गाजियाबाद पुलिस से संपर्क किया। कविनगर एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) पर शिकायत मिली और मंगलवार को आईटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने से पहले वरिष्ठ नागरिक से संपर्क किया।

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