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यमुना किनारे से मलबा हटाएं...डीडीए ने कई एजेंसियों को जारी किया नोटिस, 30 जून तक दी डेडलाइन

दिल्ली विकास प्राधिकरण ने कई एजेंसियों को नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस दिल्ली हाईकोर्ट के आठ अप्रैल के निर्देशों का पालन करते हुए जारी किए गए हैं। नोटिस में कचरा हटाने को कहा गया है।

यमुना किनारे से मलबा हटाएं...डीडीए ने कई एजेंसियों को जारी किया नोटिस, 30 जून तक दी डेडलाइन
Sneha Baluniलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 24 Apr 2024 12:30 PM
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दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने कई एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। ये नोटिस दिल्ली हाईकोर्ट के आठ अप्रैल के निर्देशों का पालन करते हुए जारी किए गए हैं। नोटिस जारी करते हुए डीडीए ने कहा है कि 30 जून तक यमुना नदी के बाढ़ क्षेत्रों पर ब्रिज, रेलवे लाइनों और रीजनल रेलवे नेटवर्क के निर्माण के दौरान जमा हुए कंस्ट्रक्शन वेस्ट और मलबे को हटाने का काम सुनिश्चित करें। 

डीडीए ने मंगलवार के एक बयान में कहा, ‘हमने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी), दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) और दिल्ली जल बोर्ड को नोटिस जारी किया है। उनसे कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। किसी भी चूक के मामले में, डीडीए डिफॉल्टर्स पर उचित कॉस्ट (जुर्माना) लगाकर ऐसे कंस्ट्रक्शन वेस्ट और मलबे की सफाई का काम खुद करेगा।’

डीएमआरसी के कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस के मुख्य कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने कहा कि यमुना ब्रिज साइट पर डीएमआरसी के काम की वजह से बिल्कुल भी सीएंडडी कचरा जमा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हालांकि, साइट पर कुछ निर्माण से जुड़ी सामग्रियां हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से 15 जून तक हटा दिया जाएगा। हमने सिंचाई विभाग को जवाब भेज दिया है और डीडीए को भी इसके बारे में सूचित किया जाएगा।’ वहीं एनसीआरटीसी के एक अधिकारी ने कहा कि यमुना खादर में आरआरटीएस का ज्यादातर काम पहले ही पूरा हो चुका है और रिस्टोरेशन का काम फिलहाल चल रहा है।

डीडीए अपने अधिकार क्षेत्र के तहत एरिया के निरंतर रखरखाव के लिए बाढ़ क्षेत्र के प्रत्येक खंड के लिए नोडल अधिकारियों को भी नामित कर रहा है। अथॉरिटी ने कहा, ‘वे नियमित आधार पर क्षेत्र को अतिक्रमण और सी एंड डी कचरे से मुक्त रखने के भी जिम्मेदार होंगे। यह कदम यमुना नदी के बाढ़ के मैदानों के निर्बाध कायाकल्प और पुनर्विकास के लिए एक मैकेनिज्म के रूप में काम करेगा।’ इसके अलावा, डीडीए ने अदालत के निर्देश के अनुसार, यमुना नदी के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों से गाद हटाने के लिए दिल्ली गवर्नमेंट फॉर कंट्रोल एंड साइंटिफिक ड्रेजिंग, नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग को भी पत्र लिखा है।