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Hindi News NCR'ED से डरकर नहीं आया, मक्कारी की राजनीति करता तो..', राज कुमार आनंद का AAP नेता को जवाब

'ED से डरकर नहीं आया, मक्कारी की राजनीति करता तो..', राज कुमार आनंद का AAP नेता को जवाब

विधायक राज कुमार आनंद ने आगे कहा, 'सौरभ भारद्वाज ने दलित, बेचारा और कमजोर...तो क्या दलित कमजोर होते हैं क्या? सारे दलित कमजोर हैं. सारे दलित बेचारा हैं। गलत बात है उनको ऐसा नहीं करना चाहिए।

'ED से डरकर नहीं आया, मक्कारी की राजनीति करता तो..', राज कुमार आनंद का AAP नेता को जवाब
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 11 Apr 2024 01:45 PM
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शराब घोटाले में बुरी तरह घिरी आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ने वाले विधायक राज कुमार आनंद ने अब कहा है कि उन्होंने ED से डर कर पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। इससे पहले अरविंद केजरीवाल सरकार में मंत्री और आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि राज कुमार आनंद डर गए थे क्योंकि ईडी ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी। अब इस पर राज कुमार आनंद की प्रतिक्रिया सामने आई है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में राज कुमार आनंद ने कहा, 'मैं ED  से डरकर नहीं आया। मेरे बच्चों पर कोई तलवार नहीं लटक रही है जो मैं पार्टी पद या अपना मंत्री छोड़ कर आ गया। मुझे भी पता है कि मंत्री रोज-रोज नहीं बनते हैं। लेकिन ईडी का जो छापा मेरे यहां पड़ा था वो सिर्फ शराब घोटाले में मनी ट्रेल ढूंढने के लिए पड़ा था। जिसका मेरे पास कुछ नहीं था। ईडी ने अपने बयान में कहा कि एक रुपये का भ्रष्टाचार नहीं है। ये झूठ की राजनीति, मक्कारी की राजनीति पर अगर मैं भरोसा करता तो मैं वहीं होता।'

राज कुमार आनंद ने आगे कहा, 'सौरभ भारद्वाज ने दलित, बेचारा और कमजोर...तो क्या दलित कमजोर होते हैं क्या? सारे दलित कमजोर हैं. सारे दलित बेचारा हैं। गलत बात है उनको ऐसा नहीं करना चाहिए। आज दिल्ली सरकार या पंजाब सरकार दलितों के दम पर ही बनी हुई है। दलितों का अपमान मैं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करूंगा। मेरे पास अगर परिवार है तो सहानुभूति है तो मुझे खून करने का अधिकार है क्या? किसके पास परिवार नहीं है, सबके पास परिवार है। अगर मैं गलत करूंगा तो कानून मुझे निश्चित तौर से पकड़ेगा।'

सौरभ भारद्वाज ने क्या कहा...

इससे पहले बुधवार को जब राज कुमार आनंद ने आम आदमी पार्टी को अचानक झटका देते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था तब आप के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, 'सबको पता है कि राजकुमार आनंद के घर पर ED का छापा पड़ा था। वे दबाव में थे और डरे हुए थे। वो हमेशा कहते थे कि जैसे ही सक्रिय होता हूं, इनका फोन आ जाता है। वो ज़्यादा दबाव में आ गए। हमें उनसे कोई शिकायत नहीं है। उन्हें एक स्क्रिप्ट दी गई थी और उनके पास इसे पढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अरविंद केजरीवाल जी हमेशा कहते थे कि BJP की ED का मक़सद जाँच नहीं है बल्कि उनकी गिरफ्तारी के बाद पार्टी को तोड़ना और दिल्ली और पंजाब की सरकार को गिराना है।'

सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा था, 'राजकुमार आनंद ने मंत्री पद, पार्टी से इस्तीफा दिया और पार्टी के इस्तीफा देने से उनकी विधायकी भी चली गई। यह एक तरीके से आत्महत्या (राजनीतिक) है। आप सोचिए आज देश में कैसा माहौल है? लोगों को इतना डराया जा रहा है कि वह आग में कूदने को तैयार हो रहा है। भाजपा ने आज देश की यह हालत कर दी है कि एक चुने हुए मंत्री को इस्तीफा देना पड़ रहा है। इसके बावजूद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को डरना नहीं है। राजकुमार आनंद ED के दबाव में थे। उन्हें डर था कि ED उन्हें वर्षों तक जेल में सड़ाएगी और वह इस बात से डर गए।'

इससे पहले पार्टी छोड़ने के बाद राज कुमार आनंद ने पार्टी में भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए थे। दिल्ली के पटेल नगर से विधायक राज कुमार आनंद ने कहा था कि भ्रष्टाचार को लेकर AAP की जो नीति है उससे वो सहमत नहीं हैं। आपको बता दें कि बीते साल नवंबर के महीने में ईडी ने राज कुमार आनंद के ठिकानों पर छापेमारी की थी। 

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