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दलितों को नेतृत्व नहीं...दो पेज के इस्तीफे में राज कुमार ने गिनाए मोहभंग के कारण, पार्टी पर क्या-क्या लगाए आरोप

दिल्ली सरकार में मंत्री रहे राजकुमार आनंद ने बताया है कि क्यों उन्होंने आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ दिया। दो पेज के इस्तीफे में उन्होंने पार्टी पर कई आरोप लगाए हैं। आतिशी बोलीं वह बहुत दबाव में थे।

दलितों को नेतृत्व नहीं...दो पेज के इस्तीफे में राज कुमार ने गिनाए मोहभंग के कारण, पार्टी पर क्या-क्या लगाए आरोप
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीFri, 12 Apr 2024 05:59 AM
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दिल्ली सरकार में मंत्री राजकुमार आनंद द्वारा भेजा गया इस्तीफा गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय को मिल गया है। दो पेज के इस्तीफे में उन्होंने कई आरोप लगाए हैं, जिसमें पार्टी पर बाबा साहब अंबेडकर के सिद्धांतों के नाम पर राजनीति करने, कार्यकर्ताओं की अनदेखी और दलितों को पार्टी में उचित नेतृत्व न मिलने व भ्रष्टाचार की बात कही है।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी दलितों के अधिकारों की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनके लिए कोई काम नहीं करती है। भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए लिखा कि दिल्ली सरकार ने विधानसभा और मंत्रालयों में बड़ी तादाद में फेलो की भर्ती की, जिनकी सैलरी लाखों में थी। सरकार ने इसमें आरक्षण लागू करने की जरूरत नहीं समझी। एससी/एसटी के वेलफेयर के लिए जो पैसे आते हैं, सरकार उसे किसी और योजना में खर्च करने से नहीं हिचकती है।

ताले की फैक्टरी में बाल मजदूरी की 

उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार के कॉलेजों में एक भी चेयरमैन दलित नहीं है। ऐसे में मेरे लिए एक दलित नेता की पहचान के तौर पर सरकार में रहना मुश्किल है। पत्र में अपनी जीवन यात्रा का उल्लेख करते हुए रामकुमार आनंद ने लिखा कि मैंने अलीगढ़ के ताले की फैक्टरी में बाल मजदूरी की, ट्यूशन पढ़ाकर शिक्षा ग्रहण की, व्यावसाय के साथ सामाजिक कार्य किए और फिर राजनीति में आया। जहां विधायक बना, मंत्री बना। यह सब कुछ कर पाया तो सिर्फ और सिर्फ बाब साहब की वजह से, लेकिन हमारी सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। इस वजह से मोहभंग हो गया और पार्टी और पद दोनों छोड़ दिया।

किसी प्रदेश में नेतृत्व नहीं देने का आरोप लगाया

पार्टी में दलित पार्षद, विधायक और मंत्री का सम्मान नहीं है। अग्रणी नेताओं में कोई दलित नहीं है। एक भी दलित राज्यसभा सदस्य नहीं है और न ही दलित विधायक किसी प्रदेश का प्रभारी है। दिल्ली की किसी भी मंडी में कोई दलित चेयरमैन नहीं है।

आनंद की कहानी किसी और ने लिखी आतिशी

दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने गुरुवार को चुनाव प्रचार अभियान के दौरान जनसंपर्क किया। इस दौरान उन्होंने मंत्री राजकुमार आनंद के इस्तीफे पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि वह कहानी किसी और ने लिखी है, जिसे आनंद मीडिया के सामने बता रहे हैं।  मंत्री राजकुमार आनंद द्वारा पार्टी छोड़ने को लेकर मीडिया की तरफ से पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और सत्येंद्र जैन नहीं हो सकता, जो इतनी मुश्किलों का सामना कर सके। सभी जानते हैं कि नवंबर में ईडी ने उनके यहां 23 घंटे तक छापेमारी की थी। वह बहुत दबाव में थे।

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