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मरीजों की जान से खिलवाड़, 15 साल से फार्मासिस्ट की डिग्री पर चला रहा था क्लिनिक; झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार

फरीदाबाद में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक दवाई दुकान में चलाए जा रहे अवैध क्लिनिक पर छापेमारी की। आरोपी पिछले 15 सालों से मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहा था।

मरीजों की जान से खिलवाड़, 15 साल से फार्मासिस्ट की डिग्री पर चला रहा था क्लिनिक; झोलाछाप डॉक्टर गिरफ्तार
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,पलवलFri, 08 Dec 2023 07:42 AM
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (सीएम फ्लाइंग) और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फरीदाबाद के चांदहट थाना क्षेत्र स्थित गांव बागपुर में एक दवाई दुकान में चलाए जा रहे अवैध क्लिनिक पर बुधवार शाम छापेमारी की। टीम ने मौके से झोलाछाप एक डॉक्टर को पकड़ा है। उसके पास न तो क्लिनिक चलाने के लिए लाइसेंस था और न ही कोई डिग्री। आरोपी साल 2018-19 में लिए फार्मासिस्ट डिप्लोमा सर्टिफकेट के आधार पर प्रैक्टिस कर रहा था। पुलिस जांच में जुटी है।

सीएम फ्लाइंग के डीएसपी मनीष सहगल ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली कि गांव बागपुर में झोलाछाप एक डॉक्टर अवैध तरीके से क्लिनिक चला रहा है और लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। इसके बाद उन्होंने छापेमारी के लिए टीम गठित की। टीम में सीएम फ्लाइंग के सब-इंस्पेक्टर सतबीर सिंह व हेड कांस्टेबल प्रभुदयाल व राजीव, जिला औषधि नियंत्रण विभाग के अधिकारी संदीप गहलान, मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रदीप कुमार के अलावा स्थानीय पुलिस को शामिल किया गया। इसके बाद संयुक्त टीम द्वारा छापेमारी की गई। 

टीम को छापेमारी के दौरान मौके पर निरंजन सिंह नाम का व्यक्ति मिला। उसने अपने आपको क्लिनिक का संचालक बताया। मांगने पर वह क्लिनिक चलाने संबंधित दस्तावेज नहीं दिखा सका। उसने बताया कि उसके पास फार्मासिस्ट का डिप्लोमा है। क्लिनिक चलाने और डॉक्टर संबंधित उसके पास कोई डिग्री नहीं है। वह दवाई की दुकान खोलकर उसमें ही एक बेड लगाकर पहुंचने वाले मरीजों का इलाज करता है। क्लिनिक के लिए उसने किसी डिग्री प्राप्त डॉक्टर से अनुबंध नहीं किया है। ऐसे में पुलिस उसे काबू कर पूछताछ कर रही है।

15 साल से कर रहा था प्रैक्टिस 

सीएम फ्लाइंग के अधिकारियों ने बताया कि करीब 45 वर्षीय आरोपी डॉक्टर निरंजन करीब 15 सालों से प्रैक्टिस कर रहा था। पूछताछ में उसने बताया कि किशोरावस्था के समय से ही एक आरएमपी के पास काम करता था। आरएमपी से उसने मरीजों के इलाज करने की बारीकी सीखी और दवाइयों के नाम आदि का ज्ञान हुआ।

दवा दुकान की भी हुई जांच

डीएसपी मनीष सहगल ने बताया कि बताया कि झोलाछाप डॉक्टर को काबू कर उसके क्लिनिक की जांच की गई। इस दौरान उसकी दुकान और क्लिनिक से 72 तरीके की दवा और इलाज करने वाले उपकरण मिले। क्लिनिक में सात तरह की नशीली दवाएं भी बरामद हुईं। इन दवाओं को आरोपी नशा करने वाले युवकों को सप्लाई करता था। टीम सभी दवाई को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ चांदहट थाना में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें उसे तीन से 10 साल की सजा मिल सकती है।

रोजाना पहुंचते थे 20 मरीज

अधिकारियों ने बताया कि झोलाछाप डॉक्टर रोजाना 15 से 20 मरीजों का इलाज करता था। इसके एवज में प्रति मरीज 300 रुपये का फीस भी लेता था। साथ ही अपनी दवाई दुकान से ऊंचे दर में दवाई देता था। आरोपी एक पर्ची पर दवाई लिखकर उसका डोज भी लिखता था। आरोपी गर्भवतियों का उपचार करता था।

यह है क्लिनिक खोलने के नियम

क्लिनिक खोलने वाले व्यक्ति के पास डॉक्टर या बैचलर इन फार्मसी (बी फार्म) की डिग्री होनी चाहिए। डिप्लोमा इन फार्मसी का रजिस्ट्रेशन पीसीसीआई में करवाना जरूरी है। किसी क्लिनिक पर किसी योग्यता प्राप्त डॉक्टर को बैठाने का प्रावधान है। क्लिनिक संचालक उस डॉक्टर का सहयोग कर सकेंगे।

पकड़े गए फर्जी डॉक्टर

20 जनवरी 2023- एनआईटी दो में एक एमबीबीएस ईएनटी विशेषज्ञ फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार
13 मार्च-2023- सीएम फ्लाइंग की टीम ने पलवल में आठ बेड के अस्पताल का भंडाफोड़ किया
27 दिसंबर-2022- बल्लभगढ़ के चावला कॉलोनी में एमबीबीएस-बाल रोग विशेषज्ञ फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार
10 नवंबर-2022- सीएम फ्लाइंग की टीम ने फरीदाबाद में झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया
17 अक्टूबर-2022-बल्लभगढ़ के मोहना रोड पर एक एमबीबीएस ईएनटी विशेषज्ञ फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार

पलवल में अस्पताल का हुआ था भंडाफोड़

मार्च-2023 में सीएम फ्लाइंग की टीम ने पलवल में एक आठ बेड के अस्पताल का भंडाफोड़ किया था। होडल बस स्टेंड के पास झोलाछाप डॉक्टर अपने अस्पताल में विभिन्न बीमारियों का इलाज करते थे। यहां तक कि उनके द्वारा छोटा-मोटा ऑपरेशन भी कर दिया जाता था। अस्पताल के लिए कहीं से लाइसेंस नहीं लिए गए थे।

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