मारुति के गुरुग्राम प्लांट में फिर लौटेगी रौनक, 18 मई से उत्पादन शुरू करने की तैयारी
करीब 50 दिन के इंतजार के बाद मंगलवार को मारुति का मानेसर प्लांट फिर शुरू हो गया। कंपनी के आईएमटी मानेसर यूनिट में पहले दिन लगभग 2500 कर्मचारी प्लांट में काम पर पहुंचे। कंपनी प्रबंधन का कहना...

करीब 50 दिन के इंतजार के बाद मंगलवार को मारुति का मानेसर प्लांट फिर शुरू हो गया। कंपनी के आईएमटी मानेसर यूनिट में पहले दिन लगभग 2500 कर्मचारी प्लांट में काम पर पहुंचे। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि प्लांट में उत्पादन का पहला दिन था और कल से कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की आशा है।
बताया गया कि कंपनी के गुरुग्राम स्थित प्लांट में उत्पादन शुरू करने की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। गुरुग्राम प्लांट में स्टाफ धीरे-धीरे काम पर लौट रहा है और उत्पादन शुरू करने की दिशा में तैयारियां तेज की जा रही हैं। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण औद्योगिक उत्पादन पूरी तरह बंद था। मारुति के गुरुग्राम प्लांट में भी काम जल्द शुरू होगा। मारुति प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार प्लांट में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दूसरी गाइडलाइन के अनुपालन की व्यवस्था की जा रही है। मारुति प्रबंधन के अनुसार, गुरुग्राम प्लांट में 18 म से उत्पादन शुरू हो जाएगा।
22 को मिली थी अनुमति : जिला प्रशान से अनुमति मिलने के बाद पिछले लगभग एक सप्ताह से मारुति कंपनी प्रबंधन अपने श्रमिकों को प्लांट शुरू करने के बारे में सूचित करने के साथ-साथ तैयारियों में लगा हुआ था। बताया गया है कि कंपनी ने मारुति सुजुकी वैलनेस मित्रा नामक एक ऐप तैयार कर अपने सभी श्रमिकों से संपर्क साधा। इस ऐप के माध्यम से श्रमिकों की लोकेशन और उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत समस्याओं का डेटा जुटाने के प्रबंध किए गए हैं, जबकि उन्हें कंपनी की ओर से आवश्यकतानुसार मदद भी पहुंचाई जा रही है। ऐप के माध्यम से मारुति सुजुकी प्रबंधन ने लगभग अपने सभी श्रमिकों से संपर्क साध लिया है और उन्हें कोरोना वायरस संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील रहने को भी कहा जा रहा है। मानेसर प्लांट को शुरू करने की अनुमति जिला प्रशासन ने मारुति को 22 अप्रैल को दी थी।
टेबल पर सिर्फ एक श्रमिक
प्रबंधन द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए यूनिट में प्रवेश करने से लेकर शिफ्ट ऑफ होने तक की पूरी गतिविधियों को मॉनिटरिंग करने के लिए खास व्यवस्था की गई है। अब एक टेबल पर केवल एक श्रमिक दिखाई पड़ता है, जबकि पहले एक टेबल पर 4 श्रमिकों की ड्यूटी होती थी। लंच और टी ब्रेक के दौरान भी इसका पालन कराया जा रहा है। इसके अलावा श्रमिकों के बैठने की दिशा अलग-अलग होगी जिससे संक्रमण की रोकथाम में मदद मिलेगी। अब मानेसर स्थित प्लांट में प्रवेश करने और बाहर निकलने के समय सभी श्रमिकों का बॉडी सैनिटाइजेशन भी किया जा रहा है। कंपनी गेट पर सैनिटाइजेशन टनल की स्थापना कराई गई है। इसके अंदर से श्रमिकों को गुजरने के समय सैनिटाइज किया जा रहा है। बॉडी टैम्प्रेचर भी चेक किया जा रहा है।
लेखक के बारे में
Praveen Sharmaप्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। करीब डेढ़ दशक से हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया का अनुभव भी हासिल कर चुके हैं। एक दशक से भी अधिक लंबा समय वह डिजिटल मीडिया में बिता चुके हैं।
प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी। इसके बाद वह थोड़े समय नेशनल दुनिया अखबार में भी रहे। वहां से निकलकर उन्होंने मार्च 2014 में न्यूज 18 के साथ डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में कदम रखा। वर्ष 2018 में वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े।
वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। इन्हें डिजिटल रीडर्स की पसंद और बदलते ट्रेंड्स को समझकर गहराई और सटीकता के साथ खबरें लिखने का अच्छा खासा अनुभव है। वह सोशल मीडिया पर भी लगातार नजर रखते हैं। उन्हें राजनीतिक विषयों पर खबरें लिखने और पढ़ने का शौक है।
प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है।
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