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मेरी मौत का जिम्मेदार AAP विधायक जारवाल; डायरी में लिख डॉक्टर ने किया था सुसाइड, सच निकले आरोप

आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल को कोर्ट ने डॉक्टर के सुसाइड केस में दोषी करार दिया है। जारवाल के सहयोगी कपिल नागर और हरीश जारवाल भी दोषी करार दिए हैं। विधायक ने डॉक्टर के टैंकर हटवा दिए थे।

मेरी मौत का जिम्मेदार AAP विधायक जारवाल; डायरी में लिख डॉक्टर ने किया था सुसाइड, सच निकले आरोप
Sneha Baluniगौरव बाजपेई,नई दिल्लीThu, 29 Feb 2024 07:48 AM
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डॉक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अदालत ने देवली विधायक प्रकाश जारवाल को दोषी पाया है। वहीं, जारवाल के सहयोगी कपिल नागर और हरीश जारवाल भी दोषी करार दिए हैं। केस में डॉक्टर की डायरी और सुसाइड नोट अभियोजन पक्ष के लिए अहम साक्ष्य साबित हुए। डॉक्टर ने डायरी में लिखा कि उसकी मौत का जिम्मेदार जारवाल है। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही थी। इस दौरान डॉक्टर द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट के साथ उनकी डायरी पुलिस के हाथ लग गई, जिसमें विधायक को मासिक के तौर पर दिए गए रुपयों का जिक्र था।

इसके अलावा डॉक्टर के टैंकर जल बोर्ड से हटाए जाने की भी बात लिखी गई थी, जिसकी शिकायत डॉ. राजेंद्र सिंह द्वारा जीके स्थित जल बोर्ड के कार्यालय में की गई थी। इस दौरान उन्होंने जिक्र किया कि विधायक ने अपने रुतबे का इस्तेमाल करते हुए उनके टैंकरों को जल बोर्ड से बाहर कराया है। 18 अप्रैल को दबाव में डॉ. राजेंद्र सिंह ने अपने घर में आत्महत्या कर ली थी, जिसकी जांच नेब सराय थाना पुलिस द्वारा शुरू की गई थी। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर विधायक पर 2021 में आरोप तय किए गए थे।

चुनाव खर्च के लिए वसूली बढ़ाने का आरोप

पुलिस को मिले साक्ष्यों में राजेंद्र सिंह ने लिखा था कि पहले छोटे टैंकरों से महीने में 15 हजार और बड़े टैंकरों से 20 हजार रुपये लिए जाते थे, लेकिन 2020 में विधानसभा चुनाव को लेकर टैंकर संचालकों से 51 हजार रुपये और 71 हजार रुपये प्रति टैंकर लिए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसको लेकर विधायक और उनके साथी दबाव बना रहे थे और परिवार को भी प्रताड़ित कर रहे थे।

इन धाराओं में ठहराए गए दोषी 

प्रकाश जारवाल: भारतीय दंड संहिता की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 120 बी (आपराधिक साजिश), 506 (आपराधिक धमकी), 386 (किसी भी व्यक्ति को मौत या गंभीर चोट के डर में डालकर जबरन वसूली)

कपिल नागर: 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना), 120 बी (आपराधिक साजिश), 506 (आपराधिक धमकी), 386 (किसी भी व्यक्ति को मौत या गंभीर चोट के डर में डालकर जबरन वसूली)

डॉक्टर के बेटे की शिकायत पर हुई थी गिरफ्तारी

मृतक के बेटे हेमंत सिंह की शिकायत पर देवली विधानसभा इलाके के विधायक को जबरन वसूली और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में 9 मई, 2020 में गिरफ्तार किया गया था। जून 2020 में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से छूटे थे। उस वक्त, जारवाल ने अपने बचाव में गवाही देते हुए अदालत से कहा था कि वह बेकसूर हैं। मृतक शारीरिक और मानसिक कष्ट से जूझ रहा था। मृतक का टैंकर एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद बंद किया गया था। अदालत ने तब अपने आदेश में कहा था कि मौजूदा मामले में प्रकाश जारवाल और कपिल नागर के हाथों मृतक की लगातार प्रताड़ना के आरोप हैं, जिनसे प्रथम दृष्टया ऐसी परिस्थितियां बन गई थीं कि मृतक के पास खुदकुशी के सिवा कोई विकल्प नहीं बचा था।

यह है मामला

देवली इलाके के रहने वाले डॉ. राजेंद्र सिंह इलाके में जल बोर्ड के टैंकरों का संचालन करते थे। उनके टैंकर बोर्ड से जुड़े हुए थे। इसके लिए बोर्ड से उन्हें भुगतान किया जाता था। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर डॉ. ने सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि जारवाल के विधायक बनने के बाद से उनके सहयोगी कपिल नागर की तरफ से वसूली के संदेश आने लगे। इस दौरान लंबे समय तक हर माह 15 से 20 हजार रुपये का भुगतान किया जा रहा था, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते विधायक की तरफ से अधिक रुपयों की मांग की गई। इसी को लेकर धमकी आदि का आरोप लगाया गया, जिससे परेशान होकर राजेंद्र सिंह ने अपने घर में आत्महत्या कर ली थी।

फैसले के बाद परिजनों ने बात नहीं की

अदालत का आदेश आने के बाद राजेंद्र के परिजनों ने बात करने से इनकार कर दिया। राजेंद्र के बेटे हेमंत ने फोन पर संपर्क करने पर कहा कि वह कहीं बाहर हैं, इसलिए बात नहीं कर सकते हैं। उनके नेब सराय स्थित घर पर भी कोई नहीं मिला। हालांकि, पड़ोसियों का कहना था कि परिवार काफी समय से न्याय के लिए संघर्ष कर रहा था और अंत में उन्हें जीत मिल गई।

टाइमलाइन

18 अप्रैल 2020- डॉ. राजेंद्र सिंह ने आत्महत्या की
18 अप्रैल 2020- नेब सराय थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया और सुसाइड नोट के आधार पर विधायक प्रकाश जारवाल को आरोपी बनाया
11 नवंबर 2020- स्पेशल जज गीतांजलि गोयल ने पुलिस की चार्जशीट के आधार पर प्रकाश जारवाल, कपिल नागर और हरीश जारवाल के खिलाफ आरोप तय किए
16 फरवरी 2024- अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपनी दलीलें पूरी की
28 फरवरी 2024- स्पेशल जज एमके नागपाल ने तीनों को मामले में दोषी पाया
13 मार्च 2024- एमपी एमएलए अदालत सजा पर सुनवाई करेगी

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