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दरारें...पानी रिसाव और ट्रैफिक जाम, 18 महीने में ही प्रगति मैदान टनल की हालत खराब; सुविधा की जगह बनी आफत

18 महीने में ही प्रगति मैदान टनल की हालत खराब हो गई है। यहां लगातार मरम्मत कार्य और पानी के रिसाव के चलते बीते एक हफ्ते से जाम लग रहा है। साथ ही, टनल में बनाई गईं लाखों की पेंटिंग भी खराब हो रही हैं।

दरारें...पानी रिसाव और ट्रैफिक जाम, 18 महीने में ही प्रगति मैदान टनल की हालत खराब; सुविधा की जगह बनी आफत
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 10 Feb 2024 05:37 AM
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प्रगति मैदान टनल का निर्माण वाहन चालकों जाम को राहत देने के लिए किया गया था, लेकिन पिछले कई दिन से इसकी हालत खराब है। यहां लगातार मरम्मत कार्य और पानी के रिसाव के चलते बीते एक सप्ताह से जाम लग रहा है। साथ ही, टनल में बनाई गईं लाखों की पेंटिंग भी खराब हो रही हैं। बिना किसी सूचना के टनल को बंद कर दिया जाता है। इस कारण नई दिल्ली से रिंग रोड होते हुए पूर्वी दिल्ली, नोएडा और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की तरफ जाने वाले लोगों को जाम से परेशान होना पड़ रहा है।

एक सप्ताह से बनी हुई है दिक्कत 

18 महीने पहले यातायात के लिए खोली गई 1.3 किलोमीटर लंबी टनल की सड़क में दरारें और पानी के रिसाव की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही। टनल के एक हिस्से में मरम्मत होती है तो कुछ दिन बाद दूसरे हिस्सों में कार्य शुरू हो जाता है। आलम यह है कि शाम के समय टनल से बाहर निकलने में कई बार 30-40 मिनट तक का समय लग जाता है, क्योंकि तीन लेन में से एक या दो को बंद कर देते हैं।

शुक्रवार शाम भी मरम्मत के चलते इंडिया गेट सर्किल से पटियाला हाउस कोर्ट रोड के सामने से पूरी टनल को कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया, जबकि मथुरा रोड से टनल के अंदर प्रवेश करने वाला रास्ता करीब पांच दिन से बंद है। पहले से कोई सूचना न होने की वजह से नई दिल्ली से पूर्वी दिल्ली की तरफ जाने वाले अधिकांश वाहन आईटीओ की तरफ से निकलते हैं, जिससे आईटीओ पर भी जाम की स्थिति बन रही है।

रात को साढ़े नौ बजे तक ज्यादा परेशानी 

नई दिल्ली से पूर्वी दिल्ली की तरफ जाने के लिए आईटीओ, प्रगति मैदान टनल और रिंग रोड पर शाम पांच से रात आठ बजे तक वाहनों का दबाव अधिक होने की वजह से जाम रहता था, लेकिन अब टनल बंद होने या फिर कुछ लेन बंद होने से वाहन लंबे समय तक जाम में फंस रहते हैं। बीते 10 दिन से इन हिस्सों में रात के करीब 9 से 9.30 बजे तक भारी जाम लग रहा है।

अंडरपास की भी स्थिति बदतर

मौजूदा समय में टनल के साथ पांच अंडरपास यातायात के लिए खुले हैं। इनमें चार मथुरा रोड पर स्थित है, जबकि पांचवां भैरों मार्ग से प्रगति मैदान को जोड़ता है। छठा अंडरपास भैरों मार्ग से रिंग रोड को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन इन सभी अंडरपास के अंदर भी सड़क टूटने और रिसाव की समस्या है। कई बार यहां पानी निकालने के लिए मशीन लगाई जाती है।

यातायात शुरू होने के बाद डिजाइन पर भी उठे सवाल

यातायात शुरू होने के बाद टनल सवालों के घेरे में रही है। परियोजना के लिए बनी विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में प्रवेश और निकासी के लिए तीन-तीन लेन (दोनों तरफ से) बनाने का सुझाव दिया गया, क्योंकि यह छह लेन की है। जब टनल बनकर तैयार हुई तो रिंग रोड पर निकासी और प्रवेश के लिए सिर्फ दो-दो लेन रखी गई। इसका नतीजा यह है कि टनल के अंदर इंडिया गेट की तरफ से तीन लेन में वाहन प्रवेश करते हैं, लेकिन रिंग रोड पर निकासी के लिए सिर्फ दो लेन हैं। जाम लगने का यह भी बड़ा कारण है।

कंपनी पर पांच सौ करोड़ का जुर्माना

बीते दिनों पीडब्ल्यूडी ने टनल का निर्माण करने वाली कंपनी लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) को नोटिस जारी कर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने को कहा। साथ ही, कंपनी पर 500 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पीडब्ल्यूडी ने कहा कि कंपनी द्वारा तैयार की गई टनल में कई जगहों पर दीवारों से पानी लीकेज की समस्या है। साथ ही, ड्रेनेज सिस्टम में भी कई खामियां बताईं।

एक नजर में परियोजना

नाम- इंटीग्रेटेड ट्रॉजिट कॉरिडोर परियोजना
कुल खर्च- 920 करोड़ रुपये
परियोजना में शामिल- टनल और छह अंडरपास
निर्माण पर कितना खर्च- करीब 777 करोड़ रुपये
यातायात के लिए कब खोली गई टनल- 19 जून 2022

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