DA Image
29 जून, 2020|1:12|IST

अगली स्टोरी

खुलासा : पावर लिफ्टर दीपक डबास ने खुद रची थी अपनी मौत की झूठी कहानी

पावर लिफ्टर अपहरण और मौत की फर्जी कहानी रोहिणी स्पेशल स्टाफ ने सुलझा ली है। पुलिस ने सोमवार को पावर लिफ्टर दीपक डबास को मेरठ में ट्रेन से बरामद कर लिया। करीब डेढ़ करोड़ के कर्ज में दबे होने के कारण वह अपनी कार में आग लगाकर भाग गया तो परिजनों ने उसके अपहरण की एफआईआर दर्ज करा दी थी।

15 मई को कंझावला निवासी पावर लिफ्टर दीपक डबास अपनी कार से निकला था, लेकिन रात को उसकी कार जली हुई हालत में गांव के बाहर मिली और वह लापता था। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण की एफआईआर दर्ज कर ली। इस मामले की जांच स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह के नेतृत्व में एसआई दिनेश दहिया की टीम को सौंपी गई।

पत्नी के बैंक खाते से सुराग मिला : पुलिस को जानकारी मिली थी कि दीपक पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये का कर्ज है, इसलिए पुलिस टीम दीपक के बैंक खातों पर भी नजर रख रही थी। 19 मई को शामली में उसकी पत्नी के एटीएम से ढाई हजार रुपये निकाले गए तो पुलिस को पहला सुराग मिला। सोमवार को पुलिस को किसी ने सूचना दी कि दीपक हरिद्वार से ट्रेन में चढ़ा है और दिल्ली जा रहा है। पुलिस ने उसे मेरठ से बरामद कर लिया।

बीमा की रकम के लिए आग लगाई थी

पावर लिफ्टिंग छोड़ने के बाद दीपक जिम और प्रॉपर्टी का काम करने लगा। दीपक ने बताया कि उसने कर्ज लेकर सूद पर रुपये दिए थे जो मिल नहीं रहे थे। इससे उसकी जान को खतरा था। उसका डेढ़ करोड़ का एक्सीडेंटल बीमा कवर था, इसलिए उसने आत्महत्या की योजना बनाई। 13 मई को उसने डीजल खरीदकर कार में रखा और 15 मई को कार में आग लगा दी। कार में वह खुद भी बैठा था, लेकिन दम घुटने पर उतर गया और पैदल ही हरिद्वार की तरफ निकल गया।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:powerlifter deepak dabas had ploted false story of his death