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अदालत को दिल्ली पुलिस ने बताया, हिंसा में दोनों तरफ के लोग जिम्मेदार, दंगे भड़काने को फर्जी दस्तावेजों पर खरीदे गए थे सिम कार्ड

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों को भड़काने में चोरी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीदे गए सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया। यह जानकारी दिल्ली पुलिस ने अदालत को दी है। पुलिस ने बताया कि इस पूरी...

अदालत को दिल्ली पुलिस ने बताया, हिंसा में दोनों तरफ के लोग जिम्मेदार, दंगे भड़काने को फर्जी दस्तावेजों पर खरीदे गए थे सिम कार्ड
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाताFri, 21 Aug 2020 06:00 AM
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगों को भड़काने में चोरी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खरीदे गए सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया। यह जानकारी दिल्ली पुलिस ने अदालत को दी है। पुलिस ने बताया कि इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल जांच में जुटी हुई है। कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव की अदालत के समक्ष एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने जांच रिपोर्ट पेश की।

पुलिस ने अदालत को बताया कि इस आरोपी को लेकर जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है। प्रथमदृष्टया जांच में पता चला है कि इन दंगों को भड़काने के लिए दोनों ही तरफ के लोग जिम्मेदार रहे हैं। दोनों ही ओर के असामाजिक तत्वों ने सोशल साइट और व्हाट्सएप के जरिए अफवाह फैलाई और लोगों की भावनाओं को भड़काया। पुलिस ने माना कि लोग बहकावे में आ गए और एक-दूसरे के कत्लेआम पर उतारू हो गए। इससे जान-माल की हानि हुई। 

पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि चोरी के मोबाइल के सिम कार्डों का इस्तेमाल अपराध को अंजाम देने में किया गया, ताकि जब जांच हो तो पुलिस असली आरोपी तक ना पहुंच पाए। इसके साथ ही फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिए गए सिम कार्डों का भी इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि सामान्य मामलों की जांच संबंधित थानों के सुपुर्द है, जबकि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज मामले की जांच में स्पेशल सेल जुटी है। इसलिए जो भी संदिग्ध साजिश के पीछे नजर आ रहे हैं उनकी फाइल स्पेशल सेल के कार्यालय भेजी जा रही है। अदालत ने गोकुलपुरी थाना पुलिस को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की आगे की जांच संबंधी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अगली सुनवाई 2 सितंबर को अदालत के समक्ष पेश करे, ताकि आरोपी की जमानत याचिका पर निर्णय किया जा सके।

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