हेलीकॉप्टर से गश्त, बारकोड वाले गेट, CCTV से चप्पे-चप्पे पर नजर; G-20 समिट के लिए अभेद्य किला बनी दिल्ली
जी-20 समिट के लिए प्रगति मैदान के इलाके किले में तब्दील कर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए है। थलसेना, वायु सेना, एनएसजी, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस के हाथों में सुरक्षा का जिम्मा है।

राजधानी दिल्ली में शनिवार से शुरू हो रहे जी-20 समिट में दुनियाभर के दिग्गज नेता जुटेंगे। सम्मेलन के लिए जमीन से आसमान तक सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। नई दिल्ली के पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और बिना किसी कारण यहां वाहनों को प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। खासतौर से प्रगति मैदान स्थित आयोजन स्थल और राजघाट पर कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं।
समिट के दौरान भारतीय सेना, वायु सेना, एनएसजी, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस आदि एजेंसियां सुरक्षा संभालेंगी। सुरक्षाकर्मी जमीन से लेकर आसमान तक पल-पल नजर रखेंगे। सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह जी-20 समिट शुरू होगा, जिसके लिए विदेशी मेहमान होटलों से प्रगति मैदान स्थित मंडपम में आएंगे। विदेशी मेहमानों के रूट पर किसी वाहन या राहगीर को नहीं जाने दिया जाएगा।
बार कोड से खुलने वाले गेट लगाए : प्रगति मैदान में प्रवेश के लिए कई चरणों में सुरक्षा चक्र बनाया गया है। इसके लिए एआई से लैस कैमरे और बार कोड से खुलने वाले गेट लगाए गए हैं। इनकी वजह से कोई भी बाहरी शख्स अंदर दाखिल नहीं हो सकता।
24 हेलीकॉप्टर लगातार गश्त करेंगे : सूत्रों ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान प्रगति मैदान के आसपास लगभग 5 किलोमीटर के दायरे में सेना के चार हेलीकॉप्टर गश्त करेंगे। इनमें से दो हेलीकॉप्टर कुछ देर बाद हटेंगे और उनकी जगह दूसरे दो हेलीकॉप्टर गश्त में शामिल होंगे। गश्त के लिए कुल 24 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा यहां पर ड्रोन हमले, केमिकल हमले, बॉयोलॉजिकल हमले आदि से निपटने के लिए तैयारी की गई है। इमरजेंसी के लिए हेलीपैड भी यहां बनाया गया है। गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस से भी ज्यादा कड़े बंदोबस्त नई दिल्ली में सुरक्षा के लिए किए गए हैं।
सड़कों पर बैरिकेड लगाए
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली इलाके की किलेबंदी कर दी गई है। किसी भी दिशा से नई दिल्ली में प्रवेश करने वालों को कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ रहा है। रिंग रोड से दिल्ली में प्रवेश करते समय बैरिकेड लगाकर गाड़ियों की जांच हो रही है। नई दिल्ली की अधिकांश सड़कों पर बैरिकेड लगाए गए हैं।
सीसीटीवी कंट्रोल रूम में 150 महिलाएं तैनात
प्रगति मैदान के भीतर एवं बाहर दो हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और इनकी निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इस जगह 25 स्क्रीन लगाई गई हैं, जिन्हें लगातार देखा जाएगा। इस काम के लिए तीन शिफ्ट में 150 महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दिखते ही ये तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी एवं अधिकारी को सूचित करेंगी। सुरक्षा के मद्देनजर नई दिल्ली में सभी रूटों को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया गया है।
लोग सोशल मीडिया पर पूछ रहे सवाल : ट्रैफिक पुलिस द्वारा यातायात को लेकर जारी की गई निर्देशिका के बावजूद अभी लोग असमंजस में हैं इसके चलते ट्रैफिक पुलिस को ट्वीट कर शुक्रवार को दिनभर लोग सवाल पूछते रहे। सबसे ज्यादा सवाल एयरपोर्ट-रेलवे स्टेशन जाने को लेकर पूछे।
कड़ी सुरक्षा के बीच एयरपोर्ट से होटल पहुंचे मेहमान
जी-20 सम्मेलन के लिए अधिकांश राष्ट्राध्यक्ष एवं विदेशी मेहमान शुक्रवार को दिल्ली पहुंच गए। राष्ट्राध्यक्ष जहां एयरफोर्स स्टेशन पालम पर पहुंचे तो वहीं बड़ी संख्या में विदेशी मेहमान आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर पहुंचे। एयरफोर्स स्टेशन पालम पर विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। यहां से गाड़ियों में उनका काफिला होटल के लिए निकला। इस दौरान रास्तों को बंद किया गया, ताकि किसी प्रकार की बाधा न हो। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह सबसे पहले एयरफोर्स स्टेशन पालम पर अर्जेंटीना के राष्ट्रपति पहुंचे। इसके बाद एक-एक कर विभिन्न देशों के राष्ट्र अध्यक्ष पहुंचे। केन्द्रीय मंत्रियों ने उनका स्वागत किया।
स्वागत में पेड़ों को फूलों से सजाया
जी-20 शिखर सम्मेलन में आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ने एक हजार से ज्यादा पेड़ों को फूलों से सजाया है। परिषद ने पेड़ों के तनों पर गेंदे के फूलों की माला लगाकर सजाया गया है। वहीं, एनडीएमसी क्षेत्र में 20 प्रमुख जगहों पर फूलों से तैयार बोर्ड भी लगाए गए हैं। गणमान्य अतिथियों के प्रवास और यात्रा वाली सड़कों के किनारे लगे पेड़ों को गेंदे के फूलों से सजाया जा रहा है। वायुसेना स्टेशन, पालम से एसपी मार्ग और राजघाट तक सड़कों पर स्थित पेड़ विशेष प्रकार की सज्जा के साथ विदेशी मेहमानों का स्वागत करेंगे। सात और आठ तारीख की रात को पेड़ों को गेंदे के फूलों से सजाने की शुरुआत की गई। दिल्ली कैंट बोर्ड द्वारा लगभग 400 पेड़ राजघाट के पास, पीडब्ल्यूडी ने 200 पेड़ और एनडीएमसी ने 1200 पेड़ों पर फूलों की सजावट की है।
प्रमुख जगहों पर बोर्ड लगाए
एनडीएमसी उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बताया कि एनडीएमसी के बागवानी विभाग ने 23 प्रमुख जगहों पर फूलों के बोर्ड लगाए हैं, जिससे मेहमानों को वाहन से आने के दौरान उत्सव जैसा माहौल महसूस हो सके। साथ ही 11 मूर्ति, विंडसर प्लेस, ललित होटल, इंपीरियल होटल, कर्तव्य पथ, सी हेक्सागोन, अकबर रोड सी हेक्सागन, शेर शाह सूरी मार्ग, पीएम हाउस राउंड अबाउट आदि के पास फूलों के बोर्ड लगाए गए हैं। इन बोर्ड को गुलदाउदी, गुम्फ्रीना, डेजी, एस्परैगस, मेरी, मैरीगोल्ड आदि तरह के फूलों से सजाया गया है।
बॉर्डर पर जांच के बाद ही वाहनों को प्रवेश मिला
समिट को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में शुक्रवार से पाबंदियां लागू कर दीं। राजधानी के सभी बॉर्डर पर जांच के बाद ही वाहनों की आवाजाही हो रही है, जबकि नई दिल्ली में आम वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। हालांकि, सड़कों पर वाहनों की संख्या बेहद कम रही, जिसके चलते कुछ वाहन बिना जांच के भी नई दिल्ली में प्रवेश कर गए।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह से नई दिल्ली नगर पालिका परिषद क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ बाहरी गाड़ियों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। बॉर्डरों से भारी वाहनों के प्रवेश पर रविवार रात तक रोक लगा दी गई है। सोमवार से भारी वाहन दिल्ली में प्रवेश कर सकेंगे। हालांकि, वे भारी वाहन आ सकेंगे जिनके पास जरूरी वस्तु जैसे फल, दूध, सब्जी, दवाई, अनाज आदि होगा।
अस्पताल जाने वाले लोगों को नहीं रोका
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को सभी बॉर्डरों पर एनसीआर से आने वाली गाड़ियों को दिल्ली में प्रवेश दिया गया, लेकिन बसों को नई दिल्ली में प्रवेश नहीं करने दिया गया। रिंग रोड से आगे बसें अगले दो दिन तक नहीं जा सकेंगी। रजोकरी बॉर्डर से बसों को आने की अनुमति नहीं है। येे बसें इफको चौक से महरौली होते हुए रिंग रोड तक आ सकती हैं। अस्पताल आने-जाने वालों को भी नहीं रोका गया।


