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दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज इंजेक्शन के लिए भटक रहे मरीज

 Sultanpur, District Hospital, Anti rabies crisis

कुत्तों के काटने पर व्यक्ति को 24 घंटे में एंटी रैबीज वैक्सीन लग जानी चाहिए। मगर दिल्ली के अस्पतालों में इसकी किल्लत है। आलम यह है कि कुछ मरीजों को तीन से चार दिनों के बाद भी अस्पतालों में इंजेक्शन नहीं मिले। ‘हिन्दुस्तान' ने शुक्रवार को दिल्ली सरकार और निगम के पांच अस्पतालों की पड़ताल की। हेमवती नंदन राजौरा और ललित कौशिक की रिपोर्ट....

इंजेक्शन खत्म होने का नोटिस चस्पा

स्वामी दयानंद अस्पताल (सुबह 10:30 बजे) : अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन का इंजेक्शन उपलब्ध न होने से यहां खेले गए डॉग बाइट क्लीनिक पर ताला लटका था। चौथी मंजिल पर स्थित डॉग बाइट क्लीनिक के दरवाजे पर इंजेक्शन खत्म होने की सूचना वाला नोटिस लगा था। अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मी भी मरीजों को जानकारी दे रहे थे कि वह किसी दूसरे अस्पताल में चले जाए। यहां इंजेक्शन खत्म हो चुके हैं। इसके बावजूद कई मरीज अपनी संतुष्टि के लिए डॉग बाइट क्लीनिक तक पहुंचे। हालांकि, उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। उन्हें यह भी नहीं बताया जा रहा है कि इंजेक्शन कब उपलब्ध होंगे।

एंटी रैबीज की जगह टिटनेस का इंजेक्शन

गुरु तेग बहादुर अस्पताल (सुबह 11:30 बजे) : अस्पताल के एंटी रैबीज क्लीनिक के बाहर मरीजों की भीड़ लगी है। मरीज इंजेक्शन लगवाने के लिए इंतजार करते दिखाई दिए। हालांकि, यहां एंटी रैबीज वैक्सीन का इंजेक्शन उपलब्ध न होने का नोटिस लगा हुआ था। इंजेक्शन लगवाने के लिए आने वाले मरीजों की मानें तो उन्हें सिर्फ टिटनेस का इंजेक्शन लगाकर भेजा जा रहा है। एंटी रैबीज वैक्सीन के इंजेक्शन के लिए डॉक्टर उन्हें सफदरजंग अस्पताल और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में जाने के लिए कह रहे थे। साथ ही कुछ मरीजों के पर्चे पर भी किसी और अस्पताल में रेफर करने के लिए लिखा जा रहा था।

निराश होकर लौट रहे मरीज

लोकनायक अस्पताल (दोपहर 12:30 बजे) : दिल्ली सरकार के सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार लोकनायक अस्पताल के डॉग बाइट क्लीनिक के बाहर एंटी रैबीज वैक्सीन के इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने का नोटिस लगा है। अस्पताल में 20 मिनट के अंदर कुत्ते के काटने का शिकार हुए करीब आधा दर्जन लोग इलाज को पहुंचे। लेकिन, उन्हें साफ कह दिया गया कि वे किसी और अस्पताल में चले जाएं। यहां एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। यहां पहुंचीं त्रिलोकपुरी निवासी 14 साल की बच्ची रंजना को चार दिन पहले कुत्ते ने काटा था। वह दो दिन से अस्पताल में चक्कर लगाकर मायूस हो चुकी हैं।

कई अस्पतालों के चक्कर काटे

जीबी पंत अस्पताल (शाम 03:00 बजे) : जीबी पंत अस्पताल में भी एंटी रैबीज इजेक्शन उपलब्ध नहीं था। यहां वैक्सीन के लिए आ रहे लोग परेशान रहे। अधिकतर मरीजों को गेट से ही लोकनायक अस्पताल भेजा जा रहा था। चांदनी चौक निवासी वेद प्रकाश आनंद दो अस्पतालों में चक्कर लगाने के बाद यहां पहुंचे थे। मगर यहां भी उन्हें इंजेक्शन नहीं मिला।

छह महीने से वैक्सीन का स्टॉक नहीं आया

लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल (शाम 04:00 बजे) : पूर्वी दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में इमरजेंसी के बाहर ही बड़ा नोटिस लगा हुआ है कि एंटी रैबीज वैक्सीन के लिए सफदरजंग या राम मनोहर लोहिया अस्पताल जाएं। वहां मौजूद गार्ड ने बताया कि पिछले छह महीने से अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। यहां कृष्णा नगर से आए जितेंद्र गुप्ता के पैर से कुत्ते के काटने के बाद खून बह रहा था। जितेंद्र ने बताया कि वे दो अस्पतालों में पहले ही घूमकर यहां आए हैं लेकिन यहां भी उन्हें मना कर दिया गया। 

ये बातें जरूर जानें 

  • 24 घंटे के अंदर एंटी रैबीज वैक्सीन का इंजेक्शन लगाया जाना चाहिए
  • इसके बाद तीसरे, सातवें, 14वें और 28वें दिन बाद एंटी रैबीज वैक्सीन जरूर लगवाएं
  • कुत्ते के काटने पर जख्म हो तो डॉक्टर सबसे पहले घाव धुलवाने के बाद इसी घाव में एंटी रैबीज सीरम का इंजेक्शन लगवाते हैं

वैक्सीन यहां उपलब्ध

  • राम मनोहर लोहिया अस्पताल
  • सफदरजंग अस्पताल
  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)

चार महीने का स्टॉक 20 दिन में ही हो गया खत्म

नई दिल्ली (का.सं.)। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के स्वामी दयानंद अस्पताल में मार्च महीने से एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं है। हैरानी वाली बात यह है कि अस्पताल के पास जो चार महीने का वैक्सीन का स्टॉक था वह महज 20 दिन के अंदर ही खत्म हो गया था।

इसका मुख्य कारण दिल्ली सरकार के अस्पतालों में वैक्सीन का उपलब्ध नहीं होना बताया जा रहा है। वहां वैक्सीन उपलब्ध न होने पर मरीज निगम के इस अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने पहुंचते थे। अस्पताल की चिकित्सा अक्षीक्षक डॉ. रजनी ने कहा कि मार्च महीने से ही एंटी रैबीज वैक्सीन की कमी है। इसे लेकर टेंडर जारी किया जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल में मरीजों के लिए वैक्सीन उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि अस्पताल के पास पहले पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध थी। लेकिन, आपसास के बड़े अस्पतालों में वैक्सीन न होने और उन मरीजों के यहां आने की वजह से वह वैक्सीन खत्म हो गई। अस्पताल में रोजाना करीब 500 की संख्या में मरीज यह इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। इस कारण वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया।

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  • Web Title:Patient are facing problems due to lack of anti-Rabies injection in delhi hospitals