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न्यूजक्लिक मामला: हेड HR अमित चक्रवर्ती को अदालत से बड़ा झटका, 17 फरवरी तक बढ़ी न्यायिक हिरासत

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से न्यूजक्लिक के हेड HR अमित चक्रवर्ती को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने UAPA के तहत मामले में अमित चक्रवर्ती की न्यायिक हिरासत 17 फरवरी तक बढ़ा दी है।

न्यूजक्लिक मामला: हेड HR अमित चक्रवर्ती को अदालत से बड़ा झटका, 17 फरवरी तक बढ़ी न्यायिक हिरासत
Abhishek Mishraएएनआई,नई दिल्लीMon, 29 Jan 2024 03:18 PM
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दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से न्यूजक्लिक के हेड HR अमित चक्रवर्ती को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने UAPA के तहत मामले में अमित चक्रवर्ती की न्यायिक हिरासत 17 फरवरी तक बढ़ा दी है। उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने पेश किया गया। वह हाल ही में मामले में सरकारी गवाह बन गए थे। न्यूजक्लिक पर देश विरोधी गतिविधि में शामिल होने और अवैध रूप से विदेश से चंदा लेने का आरोप है।

गौरतलब हो न्यूजक्लिक के प्रमुख प्रबीर पुरकायस्थ और हेड HR अमित चक्रवर्ती के खिलाफ UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपियों को 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट में की थी।

न्यूजक्लिक के एचआर विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती ने पिछले सोमवार को यूएपीए के तहत अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली थी। इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली की एक अदालत ने चक्रवर्ती को चीन समर्थक प्रचार प्रसार के लिए धन प्राप्त करने के आरोप में यूएपीए के तहत समाचार पोर्टल के खिलाफ दर्ज मामले में सरकारी गवाह बनने की अनुमति दी थी।

दोनों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पिछले साल 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्होंने गिरफ्तारी के साथ-साथ सात दिन की पुलिस हिरासत को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया और अंतरिम राहत के रूप में तत्काल रिहाई की मांग की थी।

हालांकि, अदालत ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उन्हें गिरफ्तार करने में कोई प्रक्रियात्मक कमजोरी या यूएपीए के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं हुआ है। शहर की पुलिस ने चीन समर्थक प्रचार प्रसार के लिए कथित तौर पर धन लेने के आरोप में दोनों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है।

एफआईआर के अनुसार, समाचार पोर्टल को बड़ी मात्रा में धन कथित तौर पर भारत की संप्रभुता को बाधित करने और देश के खिलाफ असंतोष पैदा करने के लिए चीन से आया था। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि पुरकायस्थ ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने के लिए एक समूह - पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म (पीएडीएस) के साथ साजिश रची। 

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