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संसद की सुरक्षा में सेंध: 14 दिन तक पुलिस हिरासत में रहेगा ललित झा, उगलेगा और राज?

दिल्ली पुलिस को संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मास्टरमाइंड ललित झा की 14 दिनों की कस्टडी मिल गई है। आरोपी की सात दिन की हिरासत खत्म होने पर पुलिस ने कोर्ट से हिरासत बढ़ाने की अपील की थी।

संसद की सुरक्षा में सेंध: 14 दिन तक पुलिस हिरासत में रहेगा ललित झा, उगलेगा और राज?
Sneha Baluniहिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीFri, 22 Dec 2023 01:49 PM
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दिल्ली की एक अदालत ने संसद सुरक्षा में सेंध लगाने के कथित मास्टरमाइंड ललित झा की पुलिस हिरासत शुक्रवार को चौदह दिनों के लिए बढ़ा दी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपी की चौदह दिन की हिरासत की मांग की थी क्योंकि गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) अधिकतम तीस दिन की अवधि की अनुमति देता है, इसके तहत जांच एजेंसी किसी आरोपी की हिरासत मांग सकती है। झा को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) हरदीप कौर के समक्ष पेश किया गया क्योंकि उनकी सात दिन की प्रारंभिक पुलिस हिरासत समाप्त हो गई थी।

कर्तव्य पथ थाने में आत्मसमर्पण करने के बाद 14 दिसंबर की देर रात दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसने कथित तौर पर घटना का वीडियो बनाया और फिर मौके से भाग गया। विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) अखंड प्रताप सिंह ने प्रस्तुत किया कि सेल ने जले हुए मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य भौतिक साक्ष्य बरामद किए हैं, जिन्हें पुलिस ने मामले की संवेदनशील प्रकृति का हवाला देते हुए खुलासा करने से परहेज किया।

पुलिस ने यह कहा कि वे एकत्र किए गए सबूतों और एक-दूसरे के साथ आरोपियों का आमना-सामना कराना चाहते हैं। जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि वे आरोपियों का मनोरोग मूल्यांकन कराना चाहते हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच करनी होगी। अदालत ने रिकॉर्ड देखने के बाद झा को 5 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने संसद के उपनिदेशक (सुरक्षा) की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। 

पुलिस ने धारा 186 (लोक सेवक को सार्वजनिक कर्तव्यों के निर्वहन से रोकना), 353 (लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल), 452 (चोट पहुंचाने और गलत तरीके से रोकने की तैयारी के बाद घर में अतिक्रमण), 153 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसावे देना), 34 (सामान्य इरादे को आगे बढ़ाने के लिए कई व्यक्तियों द्वारा किए गए कार्य) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) और यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत केस दर्ज किया है। 

सुरक्षा में सेंध लगाने का आरोप कथित तौर पर लखनऊ के एक ई-रिक्शा चालक, लातूर में दिहाड़ी मजदूर के बेटे, जिंद में एक सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाला, मैसूर के एक इंजीनियरिंग स्नातक और कोलकाता के एक ट्यूटर द्वारा आपस में बातचीत शुरू करने के बाद एक अप्रत्याशित साजिश के तहत किया गया। इन सभी में स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को डेडिकेटिड एक फेसबुक पेज के सदस्य के रूप में बातचीत हुई थी। सभी आरोपी इस समय पुलिस कस्टडी में हैं।

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