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IMD ने पहले ही कहा था ज्यादा पड़ेगी गर्मी, समय रहते तैयारी क्यों नहीं? BJP का AAP सरकार से सवाल

हिमाचल सरकार ने अपने पिछले बयान से पलटते हुए आज सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसके पास अतिरिक्त पानी नहीं है, जिसके बाद अदालत ने दिल्ली सरकार को जल आपूर्ति के लिए UYRB का दरवाजा खटखटाने का निर्देश दिया।

IMD ने पहले ही कहा था ज्यादा पड़ेगी गर्मी, समय रहते तैयारी क्यों नहीं? BJP का AAP सरकार से सवाल
Sourabh Jainलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीThu, 13 Jun 2024 03:51 PM
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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में व्याप्त जल संकट और इससे लोगों को हो रही परेशानी को लेकर दिल्ली भाजपा की सचिव और नई दिल्ली सीट से भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने इस जलसंकट के लिए दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग द्वारा की गई भीषण गर्मी पड़ने की भविष्यवाणी के बाद भी सरकार ने अपनी ओर से तैयारियां नहीं कीं। इसकी बजाय सरकार की मंत्री एसी कमरों में प्रेस वार्ता करती रहीं। 

बांसुरी ने कहा, 'मार्च के महीने में IMD ने पहले ही बता दिया था कि इस बार दिल्ली में बहुत भीषण गर्मी पड़ने वाली है। इस परिस्थिति में माननीय मंत्री आतिशी जी और आम आदमी पार्टी सरकार को कई कदम उठाने थे। सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी, दिल्ली जल बोर्ड के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना चाहिए था, पाइपों की मरम्मत करानी चाहिए थी। लेकिन इन्होंने कुछ नहीं किया। किया तो क्या किया प्रेस वार्ता करी, एक प्रेस वार्ता फिर दूसरी प्रेस वार्ता, एयरकंडीशंड कमरों में बैठकर मीडिया के बंधुओं को बुलाकर ये प्रेस वार्ता जरूर करते हैं, लेकिन अपना काम नहीं करते।'

'नीयत हो तो नियति बदली जा सकती है'

आगे उन्होंने कहा, 'हाल ही में जीके में दिल्ली जल बोर्ड से मात्र 1 से 1.5 किमी की दूरी पर एक पाइप लाइन फट गई और वहां पर लाखों लीटर पानी नाले में बर्बाद हो गया। इस बात के बारे में उन्हें (दिल्ली सरकार) 5 से 6 दिन पहले से पता था। क्योंकि पहले वहां से पानी रिस रहा था,  लेकिन जब सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो उस पाइप की वो क्षति और ज्यादा गहरी होती गई, जिसके बाद वो फट गया। 7 जून की रात को मुझे पता चला, 8 जून की सुबह हमने दिल्ली जल बोर्ड जाकर अधिकारियों के सामने ये मुद्दा रखा और उन पर दबाव डाला तो दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों ने इसे 9 जून को ही फिक्स कर दिया। यानी नीयत हो तो नियति भी बदली जा सकती है। लेकिन मैं बहुत विनम्रता से कहूंगी कि आम आदमी पार्टी की नीयत ही नहीं है, दिल्ली वासियों के लिए काम करने की।'

'दिल्ली जल बोर्ड 73k करोड़ के घाटे में आया'

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में आतिशी ने कहा, 'यह एक राजनीतिक संकट नहीं है, इस संकट में राजनीति नहीं की जा सकती है। लेकिन इतने शर्मनाक बात है कि इस मानवीय आपदा में भी माननीय मंत्री आतिशी राजनीति कर रही हैं, और वे राजनीति कर रही हैं अपने अकर्मण्यता को छुपाने के लिए। माननीय मुख्यमंत्री केजरीवाल जी की सरकार में दिल्ली में पानी के संकट को केवल बढ़ावा दिया है और इसके समाधान के लिए कभी भी कुछ नहीं किया। केजरीवाल सरकार के अंतर्गत दिल्ली जल बोर्ड 73 हजार करोड़ रुपए के घाटे में है, दिल्ली जल बोर्ड का पूरा का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर, पाइप लाइन्स, वाटर स्टोरेज सिस्टम सब चरमरा रहा है, बहुत ही खस्ता हालत में है।'

'यह जल संकट प्राकृतिक नहीं बनावटी है'

भाजपा सांसद ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट में आम आदमी पार्टी की सरकार ने ही याचिका लगाई थी, जिसमें उनको सुप्रीम कोर्ट ने जबरदस्त फटकार लगाई है। और माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने उनसे पूछा कि अवैध टैंकर माफिया यहां काम कर रहे हैं, आप क्या कर रहे हैं उसमें, 40 प्रतिशत से ज्यादा पानी दिल्ली में बर्बाद हो रहा है उसके लिए AAP सरकार क्या कर रही है, उनको इस बात पर भी फटकार पड़ी कि उन्होंने इस बात को छुपाया कि वो यमुना बोर्ड के समक्ष पहले ही याचिका दायर कर चुके थे, उन्होंने झूठ बोला कि हिमाचल के पास सरप्लस पानी है, हिमाचल ने कहा उनके पास कोई सरप्लस पानी नहीं है। हरियाणा पर्याप्त पानी छोड़ रहा है, दिल्ली के पास पर्याप्त पानी है, ये जो पानी का संकट बना है, यह प्राकृतिक नहीं है, यह आम आदमी पार्टी की देन है, क्योंकि उनकी नीयत ही नहीं है काम करने की।'

इससे पहले दिल्ली में व्याप्त जलसंकट को लेकर पड़ोसी राज्यों से अतिरिक्त जल मुहैया कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार के वकील ने अपने पिछले बयान से पलटते हुए कहा कि उसके पास अतिरिक्त पानी नहीं है, जिसके बाद शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार को जल आपूर्ति के लिए 'अपर यमुना रिवर बोर्ड' (UYRB) का दरवाजा खटखटाने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति प्रसन्ना बी वराले की अवकाशकालीन पीठ ने दिल्ली सरकार को शाम पांच बजे तक ‘अपर यमुना रिवर बोर्ड’ को मानवीय आधार पर पानी की आपूर्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।