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गुड न्यूज : अब कॉलेज में ही लर्निंग डीएल बनवा सकेंगे छात्र

Driving Licence

कॉलेज या पॉलीटेक्निक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे युवाओं को अब लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने के लिए आरटीओ ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

दिल्ली सरकार के परिवहन व कानून मंत्री कैलाश गहलोत ने सोमवार को कॉलेजों में लर्निंग डीएल बनाने की सुविधा शुरूकरने की मंजूरी दे दी है। लर्निंग लाइसेंस जारी करने के लिए फिलहाल सरकारी कॉलेजों का ही चयन किया जाएगा। डीयू के कॉलेज इसके अंतर्गत आएंगे मगर आईपीयू के कॉलेज नहीं, क्योंकि आईपीयू निजी कॉलेजों को मान्यता देता है। 

शुरू में बतौर पायलट प्रोजेक्ट तीन सरकारी कॉलेज या शिक्षण संस्थानों में लर्निंग डीएल बनाने के सेंटर खोले जाएंगे। योजना सफल हुई तो दूसरे कॉलेजों में भी विस्तार किया जाएगा। अफसरों का कहना है कि कॉलेज में लर्निंग डीएल सेंटर खुलने से परिवहन कार्यालय में भीड़ कम होने के साथ युवाओं को फायदा होगा। उनके मुताबिक दिल्ली में हर साल बनने वाले 4 लाख से अधिक लर्निंग लाइसेंस में 50 फीसदी से अधिक आवेदक 18 से 25 साल के युवा होते हैं।  

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया : ड्राइविंग लाइसेंस के लिए सभी तरह के आवेदन से लेकर फीस का भुगतान ऑनलाइन होता है। लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदक की कंप्यूटर पर परीक्षा होती है। यातायात नियमों व चिन्हों से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं। इसमें पास होने वाले आवेदक को लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया जाता है। अब यह प्रक्रिया कॉलेज में ही होगी। छात्रों को पहले ऑनलाइन आवेदन व फीस जमा करनी होगी। उसके बाद वह कॉलेज में लगे कंप्यूटर सिस्टम जो परिवहन विभाग लगाएगा, उसपर परीक्षा देनी होगी। पास होने पर परिवहन विभाग की ओर से कॉलेज के अधिकृत व्यक्ति के साइन के बाद उसे लर्निंग डीएल जारी कर दिया जाएगा। स्थायी डीएल के लिए उसे फिर ऑनलाइन आवेदन करके आरटीओ ऑफिस जाना होगा। 

- 4 लाख से अधिक लर्निंग लाइसेंस दिल्ली में हर साल जारी होते हैं। 

- 2 लाख से अधिक युवाओं को इस सुविधा के शुरू होने से हर साल फायदा होगा।  

स्थायी डीएल नहीं

कॉलेज छात्रों को सीधे परिसर में ही लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा। लेकिन, स्थायी डीएल के लिए उन्हें आरटीओ ऑफिस ही जाना पड़ेगा। 

छात्रों का डीएल इस तरह बनाया जाएगा

डीएल के लिए आवेदन से लेकर फीस का भुगतान ऑनलाइन होता है। लर्निंग लाइसेंस के लिए पहले ऑनलाइन आवेदन व फीस जमा करनी होगी। कॉलेज में लगे कंप्यूटर सिस्टम जो परिवहन विभाग लगाएगा, उस पर परीक्षा देनी होगी। पास होने पर परिवहन विभाग की ओर से कॉलेज के अधिकृत व्यक्ति की साइन के साथ लर्निंग डीएल जारी हो जाएगा।स्थायी डीएल के लिए ऑनलाइन आवेदन करके आरटीओ ऑफिस जाना होगा। 
 

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  • Web Title:Now students will be able to make learning DL in colleges at Delhi