DA Image
हिंदी न्यूज़ › NCR › ओलंपियन सुशील के दो और साथियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
एनसीआर

ओलंपियन सुशील के दो और साथियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

रमेश त्रिपाठी,नई दिल्लीPublished By: Deep Pandey
Fri, 28 May 2021 05:17 AM
ओलंपियन सुशील के दो और साथियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

छत्रसाल स्टेडियम में हुई पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में गिरफ्तार पहलवान सुशील कुमार के दो अन्य साथियों के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। आरोपी विरेंदर उर्फ विंदर और रोहित उर्फ करोर की तलाश में पुलिस कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है। बताया जाता है कि ये दोनों आरोपी भी मारपीट की घटना के दौरान सुशील के साथ छत्रसाल स्टेडियम में मौजूद थे। मामले में पुलिस ने अब तक सुशील समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

पुलिस इन सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर घटना की कड़ियों को परत-दर-परत जोड़ने का काम कर रही है। जांच में खुलासा हुआ है कि विरेंदर उर्फ विंदर और रोहित उर्फ करोर घटना वाली रात सुशील और इनके अन्य साथियों के साथ छत्रसाल स्टेडियम में मौजूद थे। वारदात के बाद अन्य साथियों के साथ ये भी फरार हो गए थे। हालांकि पुलिस ने मौके से एक आरोपी प्रिंस को दबोच लिया था, जबकि सुशील और अजय को स्पेशल सेल ने और इसके बाद असौदा-बवाना गैंग के चार अन्य बदमाशों को रोहिणी जिला पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। लेकिन, ये दोनों आरोपी अब भी फरार हैं। 

सुशील से सघन पूछताछ जारी 

जांच टीम ने बुधवार को गिरफ्तार किए गए काला असौदा-नीरज बवाना गैंग के चारों बदमाशों भूपेंदर उर्फ भूपी, मोहित उर्फ भोली, गुलाब उर्फ पहलवान और मनजीत उर्फ चुन्नीलाल का सुशील कुमार से आमना-सामना कराया और सघन पूछताछ की। दरअसल, सुशील कुमार कई सवालों के जवाब देने से बच रहा है। खास तौर से गैंग के बदमाशों को छत्रसाल स्टेडियम बुलाने से जुड़े सवालों को लेकर वह या तो गोलमोल जवाब देता है या फिर चुप हो जाता है। ऐसे में पुलिस ने सुशील से पूछताछ के बाद इन चारों बदमाशों को साथ बैठाकर फिर कई सवालों के जवाब पूछे। क्राइम ब्रांच अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी गई है।
  
मनोवैज्ञानिक का भी सहारा ले रही पुलिस

ओलंपियन पहलवान सुशील की मन:स्थिति को देखते हुए उससे पूछताछ कर रही पुलिस मनोवैज्ञानिक का भी सहारा ले रही है ताकि वह बिना किसी दबाव में सवालों के जवाब दे सके। दरअसल सुशील पुलिस में हिरासत में बेहद खामोश रहता है। जब उससे सवाल-जवाब के दौर शुरू होते हैं तो वह परेशान हो जाता है और कई बार रोने भी लगता है। ऐसे में पुलिस मनोवैज्ञानिक का सहारा लेकर तफ्तीश आगे बढ़ा रही है। वहीं क्राइम ब्रांच इस मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए इन आरोपियों की निशानदेही पर कई ठिकानों पर तलाशी भी ले रही है। पुलिस अबतक कुल आठ ठिकानों पर ले जाकर घटनाक्रम के बारे में विस्तार से पूछताछ कर चुकी है।

संबंधित खबरें