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बेटे ने पिता को इंसाफ दिलाने के लिए पढ़ी कानून की पढ़ाई, लंबी अदालती लड़ाई लड़ हत्यारों को दिलाई सजा

पिता के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए मृतक व्यक्ति के बेटे ने नौकरी छोड़कर कानून की पढ़ाई की और 10 साल की मेहनत और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आरोपी पिता-पुत्र को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

बेटे ने पिता को इंसाफ दिलाने के लिए पढ़ी कानून की पढ़ाई, लंबी अदालती लड़ाई लड़ हत्यारों को दिलाई सजा
Praveen Sharmaनोएडा। हिन्दुस्तानMon, 04 Dec 2023 10:53 AM
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पिता के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए मृतक व्यक्ति के बेटे ने नौकरी छोड़कर कानून की पढ़ाई की और 10 साल की मेहनत और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आरोपी पिता-पुत्र को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। रायपुर खादर गांव के आकाश चौहान के पिता पालेराम की 31 जुलाई 2013 को एक बाइक पर सवार तीन लोगों ने सिर, सीने और हाथ में छह गोलियां मारकर हत्या कर दी थी।

मृतक के परिजनों के मुताबिक, खनन माफिया राजपाल चौहान और उनके तीन बेटों ने गोली चलाई थी। इसके बाद परिजनों ने आरोपियों को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने सही तरीके से इस मामले का संज्ञान नहीं लिया। पिता की हत्या के कुछ समय बाद ही आकाश के भाई का शव दिल्ली में नरेला के रेलवे ट्रैक पर मिला। आकाश का भाई घटना का चश्मदीद गवाह था।

आरोपियों को सजा दिलाने के लिए आकाश ने हर जगह गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी दौरान उसकी मुलाकात पूर्व जिला सरकारी वकील केके सिंह से हुई। उन्होंने आकाश को कानून की पढ़ाई कर पिता की हत्या का केस लड़ने की सलाह दी। आकाश उस समय एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहे थे। ऐसे में उन पर परिवार चलाने की भी जिम्मेदारी थी। अंत में उन्होंने पिता के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए नौकरी छोड़कर कानून की पढ़ाई की और हत्यारोपी राजपाल चौहान और उसके बेटे सोनू चौहान को आजीवन कारावास की सजा दिलाने में कामयाब हुए। दोनों आरोपियों को बीते शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दो अन्य को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।

बागपत में दर्ज कराया केस

आकाश चौहान ने बताया कि जब वह कानून की पढ़ाई कर रहे थे तो उन्हें जान से मारने की धमकी मिली। आरोपियों ने उनको झूठे केस में फंसाने के लिए बागपत के एक थाने में केस दर्ज कराया। आर्थिक और पारिवारिक परेशानी से जूझते हुए उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और पिता की मौत का केस बेहद मजबूती से लड़ा। आरोपियों को सजा मिलने के बाद आकाश और उनके परिवार के अन्य लोगों ने राहत की सांस ली है। आकाश ने कहा कि इसके लिए उन्हें एक दशक लग गया पर सजा दिलाने में कामयाब रहे।

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