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Hindi News NCRनोएडा पुलिस ने मिटाया चाचा का 'कलंक', 10 महीने बाद बिछड़े भतीजे से मिलाया; Instagram से मिली लोकेशन

नोएडा पुलिस ने मिटाया चाचा का 'कलंक', 10 महीने बाद बिछड़े भतीजे से मिलाया; Instagram से मिली लोकेशन

नोएडा पुलिस ने 10 महीने बाद नाबालिग भतीजे को उसके चाचा से मिलवा दिया। किशोर पेपर खराब होने के बाद फेल होने के डर से घर छोड़कर चला गया था। उसे बंगला साहिब गुरुद्वारे से सकुशल बरामद किया गया।

नोएडा पुलिस ने मिटाया चाचा का 'कलंक', 10 महीने बाद बिछड़े भतीजे से मिलाया; Instagram से मिली लोकेशन
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,नोएडाThu, 16 May 2024 07:00 AM
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पेपर खराब होने के बाद फेल होने के डर से चाचा के घर से 21 जुलाई 2023 को लापता हुए किशोर को नोएडा पुलिस ने बुधवार को दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास से सकुशल बरामद कर लिया। किशोर की एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर कुछ युवकों के साथ दिखी थी। इसके बाद उसको तलाशा गया। डीसीपी नोएडा विद्यासागर मिश्र ने बताया कि बीते साल जुलाई में सेक्टर-22 निवासी अखंड प्रताप सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनका 14 वर्षीय भतीजा रनवीर शाम चार बजे कोचिंग के लिए निकला था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा। देर रात तक भी जब किशोर घर नहीं लौटा तो इसकी शिकायत पुलिस से की गई। 

पुलिस ने उसको काफी तलाशा, लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस की एक टीम लगातार इस मामले को देख रही थी। उसकी तस्वीर जगह-जगह दीवारों पर चस्पा की गई। चार दिन पहले किशोर की एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर कुछ युवकों के साथ दिखी। इंस्टाग्राम पोस्ट की लोकेशन हरिद्वार की थी। इसके बाद एडिशनल डीसीपी की अगुवाई में टीम को हरिद्वार रवाना किया गया। टीम ने पोस्ट में दिख रहे युवकों से जब संपर्क किया तो पता चला कि किशोर इस समय दिल्ली में है। इसके बाद टीम दिल्ली पहुंची और जब वह बंगला साहिब गुरुद्वारे से लंगर खाकर निकल रहा था तभी टीम के साथ गए उसके चाचा ने बच्चे को पहचान लिया। 

किशोर को उसके चाचा के सुपुर्द कर दिया गया। भतीजे को सही सलामत देख उसके चाचा गुरुद्वारे के बाहर ही उससे लिपटकर रोने लगे। उन्होंने पुलिस का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके ऊपर एक कलंक लग गया था जिसे नोएडा पुलिस ने मिटा दिया है। गुमशुदगी के लिए इस दौरान किशोर पॉटरी का काम करने लगा था, ताकि उसका जेब खर्च भी चलता रहा। वह हरिद्वार भी गया था। डीसीपी नोएडा की ओर से किशोर को सकुशल बरामद करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया गया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने भी टीम का उत्साहवर्धन किया है।

बस में बैठकर पहुंचा था कनॉट पैलेस

पूछताछ में किशोर ने बताया कि उसके पिता छत्तीसगढ़ के सरदूजा जिले के अम्बिकापुर कस्बे में कारोबार करते हैं। रनवीर का बचपन से ही पढ़ने में मन नहीं लगता था। पढ़ने के लिए रनवीर के पिता ने उसे अपने भाई अखंड के पास नोएडा भेजा। अखंड प्रताप सिंह गणित के शिक्षक हैं। चाचा ने रनवीर का सेक्टर-22 स्थित एक निजी स्कूल में दाखिला नौंवी कक्षा में करा दिया और उसे खुद ही कोचिंग पढ़ाने लगे। टेस्ट का परिणाम खराब आने की आशंका के चलते वह घर से कोचिंग के लिए निकला पर वह सेक्टर-37 से बस में बैठकर कनॉट पैलेस पहुंच गया। वह बंगला साहिब गुरुद्वारे में दोनों पहर लंगर खाता और वहीं पर सो जाता। बारिश होने पर वह दिल्ली स्टेशन चला जाता। जब उसे घर की याद आती तो वह नोएडा की तरफ घूमने आ जाता।

नोएडा के डीसीपी विद्यासागर मिश्र ने कहा, 'करीब दस महीने पहले लापता हुए किशोर को पुलिस टीम के अथक प्रयास से तलाश लिया गया है। टेस्ट में फेल होने के डर से किशोर घर से लापता हुआ था। किशोर को तलाशने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।'

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