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चौथी बेटी पैदा होने के बाद से तनाव में रहने लगी थी महिला, पहले भी कर चुकी थी कूदने की कोशिश

सरिता और उसकी पांच वर्षीय बेटी कृतिका की मौत के बाद से पूरे परिवार में मातम है। लोग एक अन्य घायल बेटी की सेहत की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।

चौथी बेटी पैदा होने के बाद से तनाव में रहने लगी थी महिला, पहले भी कर चुकी थी कूदने की कोशिश
Swati Kumariहिन्दुस्तान,नोएडाWed, 21 Feb 2024 10:52 PM
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दो बेटियों को छत से नीचे फेंकने के बाद खुद भी छलांग लगाने वाली महिला सरिता ने पांच महीने पहले अपनी चौथी बेटी को जन्म दिया था। शादी के करीब एक दशक होने के बाद भी बेटा पैदा न होने से वह तनाव में रहने लगी थी। चौथी बेटी को समझौते के तहत सरिता ने अपनी बहन को दे दिया था। जिस मकान में सरिता रहती थी, वहां के लोगों ने बताया कि सरिता का स्वभाव काफी हंसमुख और मिलनसार था लेकिन बेटी के पैदा होने के बाद से उसके व्यवहार में बदलाव आ गया था। 

सरिता और उसकी पांच वर्षीय बेटी कृतिका की मौत के बाद से पूरे परिवार में मातम है। लोग एक अन्य घायल बेटी की सेहत की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। बेटी के बाद पत्नी की मौत की जानकारी जैसे ही मनोज को मिली वह अस्पताल परिसर में बिलख कर रोने लगे। साथ काम करने वाले लोगों ने किसी तरह मनोज को संभाला। घटना की जानकारी होने के बाद मकान के आसपास रहने वाले पड़ोसी भी अस्पताल पहुंच गए। मकान में रहने वाली एक महिला ने बताया कि सरिता जब छत से कूदने जा रही थी तो लोगों ने उसे रोका पर उसने एक नहीं सुनी और छलांग लगा दी। उसे रोकने के लिए लोग जब तक ऊपर पहुंचे, वह छत से छलांग लगा चुकी थी।   

तार में अटकने के बाद जमीन पर गिरी थी सरिता
सरिता ने पहले अपने दोनों बेटियों को चौथे फ्लोर की छत से नीचे फेंका। इसके बाद खुद भी कूद गई। जिस स्थान पर वे कूदी दोनों बिल्डिंग के बीच में गलियारा था। वहां तार का जाल था, जिसमें सरिता फंस गई। झूलने और तार टूटने के बाद वे दोबारा नीचे गिरी। इससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी। उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, लेकिन कुछ देर में उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने मुताबिक सिर के साथ ही उसके शरीर की कई हड्डी भी इस दौरान टूटी थी। जिस समय वह अस्पताल पहुंची, उसकी सांसें चल रही थीं। आईसीयू में उसे भर्ती किया गया पर जान नहीं बच सकी। 

ऐसे बची तीन साल की बच्ची की जान :
सरिता ने पांच साल की बेटी कृतिका के बाद तीन वर्षीय बेटी दिव्या को भी नीचे फेंका। दिव्या दोनों मकानों के बगल में खाली प्लॉट पर गिरी। जिस समय वह नीचे गिर रही थी, उसी प्लॉट में बने बाथरूम में एक महिला नहा रही थी। दिव्या उसकी कमर पर गिरी। इससे बच्ची बच गई। उसे हल्की चोट लगी। स्नान कर रही महिला ने बताया कि उसे नहीं मालूम था कि एक बच्ची उसकी कमर पर गिरी। जैसी ही बच्ची उसकी पीठ पर गिरी वह घबरा गई। आसपास के लोग उसे अस्पताल लेकर गए। महिला को भी पीठ और कमर में मामूली चोट आई। 

मां को देखते ही बिलख पड़ी बेटी:
सरिता की मौत के बाद मनोज ने स्कूल गई अपनी सबसे बड़ी बेटी को अस्पताल बुलाया। बेटी ने जैसे ही मां को मृत अवस्था में देखा वह चीख-चीखकर रोने लगी। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों ने किसी तरह बेटी को संभाला। इस दौरान खून से सनी टीशर्ट पहने मनोज भी एक कोने में फूट फूट कर रो रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि मनोज को पड़ोस में रहने वाले सभी लोग अच्छे व्यवहार के कारण प्यार करते हैं। मनोज ने कभी अपनी पत्नी को नहीं डांटा था। 

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